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आपके आधार को लेकर बड़ी खबर-आधार: दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकस एवं आईटी मंत्रालय ने 18 मार्च को जारी की सूचना। 134 करोड सक्रिय आधार कार्ड धारक

आपके आधार को लेकर बड़ी खबर-आधार: दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकस एवं आईटी मंत्रालय ने 18 मार्च को जारी की सूचना। 134 करोड सक्रिय आधार कार्ड धारक kshititech

आपके आधार को लेकर बड़ी खबर-आधार: दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकस एवं आईटी मंत्रालय ने 18 मार्च को जारी की सूचना

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -आधार विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जिसके करीब 134 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए आधार इकोसिस्टम इस तरह डिजाइन किया गया है कि जनसांख्यिकीय डेटा हर स्थिति में एन्क्रिप्टेड रहता है।साथ ही, आधार डेटा का भंडारण और प्रोसेसिंग पूरी तरह भारत में ही की जाती है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक आईटी मंत्रालय ने बताया है कि आधार विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है और लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं।आधार इकोसिस्टम को गोपनीयता की सुरक्षा की दृष्टि से डिजाइन किया गया है और इसमें जनसांख्यिकीय डेटा विराम और गतिमान, दोनों ही स्थितियों में एन्क्रिप्टेड रहता है।आधार डेटा का भंडारण और प्रोसेसिंग भारत में ही होता है।आधार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) द्वारा संचालित विश्व की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है और लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं। इसने 17,000 करोड़ से अधिक प्रमाणीकरण संबंधी लेनदेन पूरे किए हैं।

यूआईडीएआई की आधार प्रमाणीकरण सेवा

यूआईडीएआई अधिकृत संस्थाओं को आधार प्रमाणीकरण सेवा प्रदान करता है, जिसके जरिए किसी व्यक्ति के आधार नंबर और संबंधित पहचान संबंधी जानकारी का आधार डेटाबेस से सत्यापन किया जाता है। यह सत्यापन ओटीपी, बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट, आंख की पुतली, चेहरा) या जनसांख्यिकीय विवरणों का उपयोग करके व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करता है ताकि संस्था ‌द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।अधिकृत संस्थाओं द्वारा उपयोग किया जाने वाला आधार चेहरा प्रमाणीकरण एआई/मशीन लर्निंग तकनीक पर आधारित है, जो चेहरे के बायोमेट्रिक का सटीक प्रमाणीकरण संभव बनाता है।आधार प्रमाणीकरण सेवाओं का उपयोग करने की इच्छुक किसी भी संस्था को आधार अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार यूआईडीएआई के साथ प्रमाणीकरण उपयोगकर्ता एजेंसी (एयूए) या केवाईसी उपयोगकर्ता एजेंसी (केयूए) के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है।

प्रमाणीकरण लॉग तक पहुंच

प्रत्येक एयूए या केयूए को प्रमाणीकरण लॉग दो वर्षों तक सुरक्षित रखना आवश्यक है। आधार नंबर धारक इन लॉग्स को देख सकते हैं या शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान के लिए इन्हें साझा कर सकते हैं। दो वर्षों के बाद, इन लॉग्स को पांच वर्षों के लिए संग्रहीत किया जाता है और बाद में हटा दिया जाता है।

आधार डेटा की सुरक्षा

आधार इकोसिस्टम को गोपनीयता की सुरक्षा की दृष्टि से डिजाइन किया गया है और इसमें जनसांख्यिकीय डेटा विराम और गतिमान, दोनों ही स्थितियों में एन्क्रिप्टेड रहता है। आधार अधिनियम आधार डेटा के संग्रहण, धारण, पहुंच और उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाता है।यूआईडीएआई ने आधार प्रमाणीकरण प्रणाली में शामिल संस्थाओं के लिए एक त्रिस्तरीय ऑडिट ढांचा लागू किया है, जिसमें स्व-अनुपालन ऑडिट, सूचना सुरक्षा वार्षिक ऑडिट और जीआरसीपी (शासन, जोखिम, अनुपालन और गोपनीयता) ऑडिट शामिल हैं।यह बहुस्तरीय दृष्टिकोण इस इकोसिस्टम की विश्वसनीयता, सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करता है और आधार संख्या धारकों के लिए जोखिमों को कम करने में मदद करता है।आधार डेटा के संग्रहण, धारण, पहुंच और उपयोग को नियंत्रित करने वाली विस्तृत मानक संचालन प्रक्रियाएं (एसओपी) और दिशानिर्देश सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। मुख्य प्रावधानों में शामिल हैं।आधार संख्या धारक की अनिवार्य सूचित सहमति उ‌द्देश्य-विशिष्ट प्रमाणीकरण।केवल पूर्वनिर्धारित और स्पष्ट रूप से अनुमत उ‌द्देश्यों के लिए आधार प्रमाणीकरण स्रक्षित और सीमित प्रमाणीकरण प्रतिक्रिया

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