कलेक्टर और कार्यपालन अभियंता की सक्रियता से तय हुआ निस्तारी कार्यक्रम 2 मार्च से नहरों में छोड़ा जाएगा पानी, जल स्तर व ग्रीष्म प्रबंधन पर विशेष रणनीति,कार्यपालन अभियंता श्री राठौर ने कहा-जल का संतुलित एवम सुनियोजित हो उपयोग


कलेक्टर और कार्यपालन अभियंता की सक्रियता से तय हुआ निस्तारी कार्यक्रम 2 मार्च से नहरों में छोड़ा जाएगा पानी, जल स्तर व ग्रीष्म प्रबंधन पर विशेष रणनीति,कार्यपालन अभियंता श्री राठौर ने कहा-जल का संतुलित एवम सुनियोजित हो उपयोग
सक्ती छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-जल निस्तारी वर्ष 2026 के कार्यक्रम निर्धारण को लेकर कलेक्टर जिला–सक्ती की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिले की नदियों, नालों एवं तालाबों में हसदेव बांयी तट नहर के माध्यम से जल प्रवाह प्रारंभ करने की तिथि एवं जल प्रबंधन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निस्तारी व्यवस्था पूरी तरह जनहित को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पशुधन एवं दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि 02 मार्च 2026 से नहर के माध्यम से जल प्रवाह प्रारंभ किया जाएगा।बैठक में कार्यपालन अभियंता हितेंद्र राठौर ने बांध के वर्तमान जल स्तर एवं भंडारण की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि मिनीमाता बांध का जल स्तर वर्तमान में 355.75 मीटर है तथा उपयोगी जल भराव क्षमता 2246.83 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जो कुल क्षमता का 77.63 प्रतिशत है।कलेक्टर और कार्यपालन अभियंता श्री राठौर ने संयुक्त रूप से इस बात पर जोर दिया कि उपलब्ध जल का संतुलित एवं सुनियोजित उपयोग किया जाए, क्योंकि पानी दिए जाने के उपरांत ग्रीष्म ऋतु (मई-जून) में निस्तारी हेतु जल उपलब्धता सीमित रह सकती है। इसके लिए विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने तथा जल संरक्षण के उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जल स्तर की सतत निगरानी, चरणबद्ध जल वितरण तथा आवश्यकता अनुसार समीक्षा बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की संयुक्त पहल से जिले में निस्तारी व्यवस्था को व्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से लागू करने की तैयारी की गई है।



