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बेलगाम हो गया है RKM प्रबंधन- आरकेएम पावर ने करी भारी मनमानी, फ्लाई ऐश डंपिंग में हो रही भारी अनियमिता पर जिला प्रशासन ने करी बड़ी कार्रवाई, 20 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देनी होगी क्षतिपूर्ति

बेलगाम हो गया है RKM प्रबंधन- आरकेएम पावर ने करी भारी मनमानी, फ्लाई ऐश डंपिंग में हो रही भारी अनियमिता पर जिला प्रशासन ने करी बड़ी कार्रवाई, 20 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देनी होगी क्षतिपूर्ति kshititech
RKM पावर द्वारा पार्टी गई फ्लाई ऐश डंपिंग
बेलगाम हो गया है RKM प्रबंधन- आरकेएम पावर ने करी भारी मनमानी, फ्लाई ऐश डंपिंग में हो रही भारी अनियमिता पर जिला प्रशासन ने करी बड़ी कार्रवाई, 20 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देनी होगी क्षतिपूर्ति kshititech
RKM पावर द्वारा पार्टी गई फ्लाई ऐश डंपिंग

आरकेएम पावर ने करी भारी मनमानी, फ्लाई ऐश डंपिंग में हो रही भारी अनियमिता पर जिला प्रशासन ने करी बड़ी कार्रवाई, 20 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से देनी होगी क्षतिपूर्ति

शक्ति छत्तीसगढ़ अधिक कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-ग्राम पंचायत मसानियाकला के आश्रित ग्राम मसानियाखुर्द में अवैध राखड़ डंपिंग की शिकायत पाए जाने पर कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में त्वरित कार्यवाही की गई है। कलेक्टर श्री तोपनो द्वारा इस संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर सक्ती एसडीएम श्री अरुण कुमार सोम को इस पर तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिए गए। जिसके तहत सक्ती एसडीएम श्री सोम द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से संपर्क कर नियमानुसार जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि उक्त स्थल पर भूमि तल से ऊपर स्तर तक फ्लाई ऐश का डंप किया गया, जबकि डंपिंग स्थल के चारों ओर बण्ड (घेरा) का निर्माण नहीं किया गया, डंप की गई फ्लाई ऐश का समतलीकरण नहीं किया गया तथा उसके ऊपर मिट्टी की परत नहीं बिछाई गई, डंपिंग स्थल के समीप स्थित अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम की बाउंड्रीवाल का कुछ हिस्सा राखड़ परिवहन के दौरान वाहन से क्षतिग्रस्त पाया गया, वर्षा जल निकासी की कोई व्यवस्था स्थल पर नहीं पाई गई। अतः जांच दल द्वारा यह पाया गया कि मेसर्स आरकेएम पॉवरजेन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया कार्य फ्लाई ऐश यूटिलाइजेशन के संबंध में जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की शर्तों तथा भारत सरकार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा जारी अधिसूचना के प्रावधानों का उल्लंघन है। अतः जांच दल द्वारा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार पत्र जारी होने की तिथि से नियमानुसार कार्य पूर्ण होने तक उद्योग पर 20,000 रुपये प्रतिदिन की दर से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। साथ ही उद्योग प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि संबंधित भू-भराव स्थल पर नियमानुसार सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कर पूर्णता की सूचना कार्यालय को दें। निर्देशों का पालन नहीं करने की स्थिति में अधिरोपित पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि में वृद्धि की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उद्योग प्रबंधन की होगी। उक्त स्थल पर संबंधित उद्योग द्वारा तेजी से सुधारात्मक कार्यवाही की जा रही है।

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