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पुलिस के कामों में और गति लाने शासन को पुलिस थानों को आर्थिक रूप से भी करना चाहिए मजबूत, सीमित संसाधनों में कहीं ना कहीं काम हो रहे हैं प्रभावित

पुलिस के कामों में और गति लाने शासन को पुलिस थानों को आर्थिक रूप से भी करना चाहिए मजबूत, सीमित संसाधनों में कहीं ना कहीं काम हो रहे हैं प्रभावित kshititech

शक्ति में अपराधियों पर लगाम कसने पुलिस की और तेज होगी गश्त, शहर के सभी प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी फुटेज से भी होगी निगरानी, पुलिस जुटी है ठोस रणनीति में, आगामी त्योहारी पर्व को भी देखते हुए पुलिस सजग

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ति-शक्ति पुलिस अपराधियों पर लगाम कसने के लिए जहां लगातार विभिन्न माध्यमों से काम कर रही है, तो वहीं आए दिन हो रही घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने भी अपनी गश्त एवं पेट्रोलिंग को और तेज करते हुए शहर सहित आसपास के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भी सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अपराधियों पर निगरानी रखने की रणनीति पर काम कर रही है, साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपने घरों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर यथासंभव सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया है, तो वहीं घटनाओं के दौरान बहुत हद तक सीसीटीवी फुटेज पर दर्ज जानकारी के आधार पर पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में सफलता हासिल करती है, तथा शक्ति शहर में भी विगत दिनों हुई चेन स्नेचिंग की घटना के बाद जिला पुलिस अधीक्षक आईपीएस अंकिता शर्मा, एडिशनल एसपी हरीश यादव, एसडीओ पुलिस मनीष कंवर के दिशा निर्देशन में जहां शक्ति थाने के टीआई लखन पटेल पूरी सजगता के साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरों को पकड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं,तो वहीं इस कार्य में शक्ति जिले की साइबर टीम के प्रभारी अमित सिंह भी प्रमुखता के साथ जुटे हुए है एवं शक्ति थाने के टीआई लखन पटेल का भी कहना है कि आसपास के लोगों से मिली जानकारी एवं पीड़िता द्वारा बताई गई जानकारी के अनुसार पुलिस इस दिशा में सक्रियता के साथ लगी हुई है तथा अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ना एवं आम जनता को सुरक्षा उपलब्ध करवाना ही पुलिस की पहली प्राथमिकता है, वहीं वर्तमान स्थिति में शक्ति शहर के कई अनेक प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे के आभाव में कई बार घटनाएं हो जाती हैं जिसके लिए भी पुलिस ने सामाजिक,व्यापारिक संस्थानों से भी इस दिशा में जन सहयोग से सीसीटीवी कैमरे के कार्य को गति देने का भी आग्रह किया है

सक्ति पुलिस की अपील-संदिग्धों की जानकारी तत्काल दे थाने में

शक्ति पुलिस द्वारा बार-बार आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि आपके मोहल्ले में या आसपास कोई भी व्यक्ति संदिग्ध रूप से नजर आता है तथा अनजान नजर आता है, उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें, जिससे पुलिस अविलंब समय रहते ऐसे लोगों की पहचान की जा सके, साथ ही पुलिस ने यह भी मकान मालिकों से कहा है कि किराएदारों की भी जानकारी थाने में जरूर दें, जिससे कोई व्यक्ति यदि लंबे समय तक शहर में रहकर अपराधों को अंजाम देने की कोशिश में लगा हुआ है, तो कहीं ना कहीं पुलिस उस पर कार्रवाई कर सके किंतु कहीं ना कहीं पुलिस की अपील के बावजूद लोगों में जागरूकता का आभाव देखा जाता है तथा आम आदमी पुलिस के इस आवाहन के बावजूद सक्रियता नहीं दिखाते

साइबर अपराधों को रोकने शक्ति जिले में आवश्यकता है साइबर थाने की

शक्ति जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में जिस तरह से आए दिन साइबर की घटनाएं बढ़ती जा रही है, उसे देखते हुए शक्ति जिले में साइबर थाने की अत्यंत आवश्यकता है, वर्तमान में पुलिस द्वारा साइबर जिला प्रभारी की नियुक्ति कर अल्प संसाधनों में साइबर सेल चलाई जा रही है, किंतु वर्तमान अपराधों को देखते हुए इस व्यवस्था से साइबर अपराधियों तक पहुंचना आसान नहीं है, वहीं अनेकों साइबर की घटनाओं में देखा जाता है कि देश के अन्य राज्यों में साइबर अपराधियों को पकड़ने जाने के लिए पुलिस के पास ना तो कोई बजट है, ना ही किसी प्रकार के संसाधन है, तथा सूत्रों का कहना है कि जिसके चलते कई घटनाओं में तो पुलिस के अधिकारी स्वयं अपनी जेब से खर्च कर इस कार्य को संपन्न कराते हैं,तो बिना हथियारों के युद्ध के मैदान में लड़ पाना संभव नहीं है, पुलिस मुख्यालय को सबसे पहले अपनी साइबर सेल को आर्थिक मजबूती देनी होगी, तभी यह साइबर सेल काम कर पाएगी, आज अगर किसी साइबर सेल को अन्य राज्यों में अपने स्वयं के साधनों से जाना पड़ जाए तो आर्थिक रूप से किसी भी प्रकार की व्यवस्था सेल के पास नहीं है, ऐसा सूत्र बताते हैं किंतु यह तो पुलिस प्रशासन का अंदरूनी मामला है कि साइबर सेल को व्यवस्थाओं के नाम पर क्या उपलब्ध करवाया जाता है

अपराधियों पर लगाम कसने पुलिस को भी मिलना चाहिए बड़ा बजट

वर्तमान में देखा जाए तो अपराधियों पर लगाम कसने के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की आवश्यकता होती है एवं हाईटेक कैमरे होने से जहां अपराधियों की शक्ल भी स्पष्ट रूप से दिखती है किंतु आज स्थिति यह है कि पुलिस आम नागरिकों एवं सामाजिक संस्थाओं के भरोसे ही टिकी हुई है, कि उनके द्वारा यदि सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे तो यह पहल हो सकेगी, क्या शासन को सरकार को पुलिस विभाग को प्रत्येक शहरी क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज लगाने के लिए आवश्यकता अनुरूप बजट उपलब्ध नहीं करवाना चाहिए, किंतु इस दिशा में कोई कार्य नहीं हो पाता, तथा शक्ति जिले में भी देखा जाता है कि शांति समिति एवं अन्य बैठकों में पुलिस प्रशासन आम नागरिकों से आग्रह करते देखे जाता है कि आप अपने सहयोग से सीसीटीवी कैमरे लगवाए तथा आज पुलिस भी ऐसा लगता है इन आर्थिक बजट के आभाव में जनता के ऊपर ही आश्रित है,स्वयं पुलिस के पास यह व्यवस्था नहीं है कि वे सीसीटीवी कैमरे लगाकर अपराधियों पर निगरानी रख सके,तथा फील्ड में काम करने वाले पुलिस विभाग के अधिकारी भी मजबूरी में कुछ नहीं कर पाते एवं जैसी व्यवस्थाएं पुलिस मुख्यालय से मिलती है, उसी के अनुरूप उसको और अधिक अच्छा बनाने की दिशा में संवेदनशील अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां के प्रति सजगता के साथ काम करते हैं, किंतु आखिरकार ऐसा कब तक चलेगा, अल्प संसाधनों में क्या किसी भी कार्य को कर पाना संभव है, इन बातों को कहीं ना कहीं ऊपर स्तर पर बैठे सत्ता के बड़े नेताओं एवं संबंधित विभाग के बड़े उच्च अधिकारियों को समझना होगा

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