महाविद्यालय की अनुकरणीय पहल-जे.एल.एन. डिग्री कालेज सक्ती के बी.एस.सी. द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के 73 छात्र/छात्राओं ने किया शैक्षणिक भ्रमण, अनेकों स्थानों पर हुए शैक्षणिक भ्रमण से उत्साहित हुए विद्यार्थी, रेशम पालन केंद्र सहित पर्यटन स्थलों का भी किया गया भ्रमण, प्राचार्य डॉक्टर शालू पाहवा ने कहा- ऐसे भ्रमण से बच्चों को मिलती है जानकारियां

महाविद्यालय की अनुकरणीय पहल-<em>जे.एल.एन. डिग्री कालेज सक्ती के बी.एस.सी. द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के 73 छात्र/छात्राओं ने किया शैक्षणिक भ्रमण, अनेकों स्थानों पर हुए शैक्षणिक भ्रमण से उत्साहित हुए विद्यार्थी</em>, रेशम पालन केंद्र सहित पर्यटन स्थलों का भी किया गया भ्रमण, प्राचार्य डॉक्टर शालू पाहवा ने कहा- ऐसे भ्रमण से बच्चों को मिलती है जानकारियां kshititech
शक्ति के जे एल एन डी कॉलेज के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण
महाविद्यालय की अनुकरणीय पहल-<em>जे.एल.एन. डिग्री कालेज सक्ती के बी.एस.सी. द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के 73 छात्र/छात्राओं ने किया शैक्षणिक भ्रमण, अनेकों स्थानों पर हुए शैक्षणिक भ्रमण से उत्साहित हुए विद्यार्थी</em>, रेशम पालन केंद्र सहित पर्यटन स्थलों का भी किया गया भ्रमण, प्राचार्य डॉक्टर शालू पाहवा ने कहा- ऐसे भ्रमण से बच्चों को मिलती है जानकारियां kshititech
शक्ति के जे एल एन डी कॉलेज के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण

जे.एल.एन. डिग्री कालेज सक्ती के बी.एस.सी. द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के 73 छात्र/छात्राओं ने किया शैक्षणिक भ्रमण, अनेकों स्थानों पर हुए शैक्षणिक भ्रमण से उत्साहित हुए विद्यार्थी, रेशम पालन केंद्र सहित पर्यटन स्थलों का भी किया गया भ्रमण

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-स्थानीय जे.एल.एन. डिग्री कालेज सक्ती, के बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष के विज्ञान संकाय के छात्र/छात्राओं द्वारा ग्राम खैरा (पतेरापाली) के रेशम पालन केन्द्र का शैक्षणिक भ्रमण किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शालू पाहवा द्वारा उक्त भ्रमण के लिए हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया

जिसमें महाविद्यालय के विज्ञान संकाय के अन्तर्गत जन्तुविज्ञान एवं वनस्पति शास्त्र के 73 छात्र/छात्राओं ने भाग लिया। रेशम कीट के जीवन चक्र के अध्ययन के लिए “ग्रेन्थोर हाउस ग्राम खैरा (पतेरापाली) में भ्रमण किया गया। तत्पश्चात् ऐतिहासिक स्थल ऋषभतीर्थ दमाऊधारा के लिए प्रस्थान कर भ्रमण किया गया, यहां क्वाडरेट सैपलिंग विधि और प्लांट डिसक्रिप्शन एवं हार्बेरियम कलेक्शन का अध्ययन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य महोदया ने शैक्षणिक भ्रमण में छात्र/छात्राओं को बताया कि शिक्षा प्राप्त करने के दो माध्यम है। 1. श्रव्य 2. दृश्य । श्रव्य सुनकर एवं दृश्य देखकर अध्ययन किया जा सकता है। शैक्षणिक भ्रमण में दृश्य माध्यम से छात्र/छात्राओं को विषय से सम्बंधित जानकारी दी जाती है। भ्रमण के पश्चात प्राचार्य महोदया ने परीक्षा समीप होने के कारण छात्र/छात्राओं को लगनपूर्वक पढ़ाई के लिए समझाइस दी। ताकि मेरिट के साथ अपना नाम दर्ज कराकर महाविद्यालय का नाम रोशन कर शहर का नाम भी गौरवान्वित कर सकें। उक्त शैक्षणिक भ्रमण महाविद्यालय के जन्तुविज्ञान के प्रो. मंजू चन्द्रा, प्रो. मनीष राठौर के नेतृत्व में किया गया। इस भ्रमण में डॉ०अजमत अली, प्रो. भारती पाण्डेय, प्रो. श्यामली राठौर, प्रो.सीमा नामदेव, प्रो.दुर्गा यादव, प्रो. पूनम साहू, श्री नारायण उपाध्याय, प्रो. शशिभूषण बरेठ ने सहयोग प्रदान कर छात्र/छात्राओं को उचित जानकारी दी

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