बनेंगे अब विधायकों के प्रतिनिधि– छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद अब भाजपा- कांग्रेस के नए कार्यकर्ताओं को मिलेगा विधायक प्रतिनिधि बनने का मौका,अनेको सरकारी विभागों में होती है विधायक प्रतिनिधियों की नियुक्ति, राजनैतिक दलों से जुड़े खास लोगों को ही मिलता है प्रतिनिधि बनने का मौका




छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के बाद अब भाजपा- कांग्रेस के नए कार्यकर्ताओं को मिलेगा विधायक प्रतिनिधि बनने का मौका,अनेको सरकारी विभागों में होती है विधायक प्रतिनिधियों की नियुक्ति
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सकती- छत्तीसगढ़ प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद जहां 90 विधानसभा सीटों पर भाजपा/ कांग्रेस के कुछ नए चेहरों ने विधायक के रूप में जीत हासिल की है, तो वहीं अनेकों पुराने चेहरे भी फिर से विधायक निर्वाचित होकर आए हैं, तथा छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न सरकारी विभागों में जहां माननीय विधायकों द्वारा अपने विधायक प्रतिनिधियों की नियुक्ति की जाती है, जिससे ये विधायक प्रतिनिधि माननीय विधायक की अनुपस्थिति में संबंधित विभाग में उनके प्रतिनिधि की हैसियत से अधिकार लेकर अपना योगदान देते हैं, तथा चूंकि प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुका है तथा मुख्य रूप से नगर पालिका,नगर पंचायत,स्वास्थ्य विभाग,कृषि उपज मंडी, विद्युत विभाग, जनपद पंचायत, जिला पंचायत,शिक्षा विभाग,महिला बाल विकास विभाग,सहित अनेकों ऐसे विभाग हैं जहां विधिवत माननीय विधायकों द्वारा अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति की जाती है
तथा अब भाजपा- कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के ऐसे नए-नए कार्यकर्ताओं को भी अब विधायक प्रतिनिधि बनने का अवसर मिलेगा,तो वहीं माननीय विधायक भी अपने क्षेत्र में पार्टी से जुड़े सक्रिय कार्यकर्ताओं एवं अपने खास लोगों को ही यह जिम्मेदारी देते हैं, जिससे उन्हें भी क्षेत्र में काम करने में तथा जनता से संपर्क बनाए रखने में परेशानियां न हो एवं माननीय विधायकों के प्रतिनिधि भी विधायकों के फुल पावर में प्रतिनिधि की हैसियत से उस विभाग में अपनी दखलादाजी भी पूरी रखते हैं, तथा अब भाजपा- कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ताओं में विधायक प्रतिनिधि बनने के लिए भी उत्साह देखा जा रहा है तथा पूर्व में जो चेहरे फिर से विधायक निर्वाचित होकर आए हैं वे भी अब अपने अपने क्षेत्र के अनेकों विभागों में विधायक प्रतिनिधियों के चेहरों में भी फेरबदल कर सकते हैं, क्योंकि 5 साल तक परफॉर्मेंस को देखते हुए विधायक प्रतिनिधियों की जिम्मेदारियां तय होती है, एवं माननीय विधायक भी अपने सक्रिय कार्यकर्ताओं को ही यह जिम्मेदारी सौंपेंगे, ऐसा अनुमान है अब देखना है कि प्रदेश के 90 माननीय विधायक किन-किन विभागों में अपने विधायक प्रतिनिधियों की नियुक्ति करते हैं
विधायक प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी का आकलन किया जाए तो सभी विभागों में विधायक प्रतिनिधियों को जहां सभी बैठकों में शामिल होने का अधिकार रहता है,



