29 सितंबर को शक्ति थाने ने पुलिस कप्तान साहब की मौजूदगी में ग्राम जाजंग एवं परसदा खुर्द में साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक. शक्ति थाने के टी आई लखन पटेल भी रहे मौजूद. सैकड़ो ग्रामीणों की उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम

29 सितंबर को शक्ति थाने ने पुलिस कप्तान साहब की मौजूदगी में ग्राम जाजंग एवं परसदा खुर्द में साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक. शक्ति थाने के टी आई लखन पटेल भी रहे मौजूद. सैकड़ो ग्रामीणों की उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम kshititech
साइबर जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस कप्तान साहब एवं थाने के टीआई पटेल जी

29 सितंबर को शक्ति थाने ने पुलिस कप्तान साहब की मौजूदगी में ग्राम जाजंग एवं परसदा खुर्द में साइबर अपराधों के प्रति ग्रामीणों को किया जागरूक. शक्ति थाने के टी आई लखन पटेल भी रहे मौजूद

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक सक्ती ने ग्राम जोंगरा एवं परसदा खुर्द पहुंचकर ग्रामीणों को किया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक।साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी एवं डिजिटल अपराधों से बचाव के बताए उपाय।OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की दी समझाइश।अनजान लिंक, फर्जी कॉल एवं संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन से सावधान रहने की अपील।साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की दी जानकारी।यातायात नियमों का पालन करने एवं सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक।गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील।संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की दी समझाइश।पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में जिले में आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “साइबर जागृति अभियान” लगातार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आज पुलिस अधीक्षक सक्ती द्वारा ग्राम जोंगरा ,थाना सक्ती एवं ग्राम परसदा खुर्द, थाना सक्ती पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया गया तथा उन्हें वर्तमान समय में बढ़ रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया।पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने ग्रामीणों को समझाते हुए बताया कि साइबर ठगों द्वारा अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों से राशि निकाल ली जाती है। ठगों द्वारा बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, रिश्तेदार, परिचित, KYC अधिकारी, बिजली विभाग अथवा अन्य शासकीय संस्था का कर्मचारी बनकर फोन किया जा सकता है। इसके अलावा OTP बताने, बैंक संबंधी जानकारी साझा करने, KYC अपडेट करने, इनाम/लॉटरी लगने, नौकरी लगाने, ऑनलाइन खरीद-बिक्री, निवेश एवं विभिन्न प्रकार के लिंक भेजकर भी लोगों के साथ ठगी की जाती है।उन्होंने ग्रामीणों को विशेष रूप से समझाइश दी कि OTP, ATM/Debit Card का PIN, UPI PIN, CVV, पासवर्ड एवं बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें तथा बिना सत्यापन के कोई मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड न करें। किसी भी प्रकार के संदेहास्पद कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर के झांसे में आने से बचने की अपील की गई।साथ ही ग्रामीणों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें तथा निकटतम थाना अथवा साइबर सेल को घटना की जानकारी दें। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि को होल्ड/फ्रीज कराने की कार्रवाई में सहायता मिल सकती है।यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में भी किया जागरूक।पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्रामीणों को यातायात नियमों का पालन करने एवं सड़क सुरक्षा के संबंध में भी जागरूक किया गया। उन्होंने वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने, तेज गति एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने से बचने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की समझाइश दी। साथ ही नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने नहीं देने तथा सड़क पर पैदल एवं वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई।पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने ग्रामीणों से गांव में शांति, सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के विवाद, झगड़े अथवा कानून-व्यवस्था से संबंधित परिस्थिति उत्पन्न होने पर स्वयं कानून हाथ में न लें, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचना दें।उन्होंने ग्रामीणों को यह भी समझाइश दी कि यदि गांव अथवा आसपास के क्षेत्र में कोई अनजान या संदिग्ध व्यक्ति संदिग्ध परिस्थिति में घूमता हुआ दिखाई दे, किसी मकान, दुकान या अन्य स्थान की अनावश्यक रूप से जानकारी लेता हुआ मिले अथवा कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो बिना स्वयं जोखिम उठाए इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक सत्यापन एवं कार्रवाई की जा सके।पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई कि वे स्वयं साइबर अपराधों से जागरूक रहें तथा अपने परिवार के बुजुर्गों, बच्चों एवं अन्य सदस्यों को भी साइबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी दें। साथ ही गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देकर जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित

साइबर जागृति एवं जन-जागरूकता अभियान के दौरान थाना प्रभारी सक्ती लखन पटेल, PSI निरीक्षक पूजा यादव, ASI सुकुल सिंह, ASI राजेश यादव, प्रधान आरक्षक मिथुन सुल्तान, आरक्षक यादराम चंद्रा , महिला आरक्षक अनीता कंवर, सुलेखा कश्यप सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।सक्ती पुलिस की अपीलसतर्क रहें, सुरक्षित रहें — साइबर ठगी से बचें।”OTP, PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करें।”यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित यात्रा करें।”गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।”
“कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।”साइबर अपराध होने पर तुरंत1930 पर शिकायत करें

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