रूस में कोरोना जैसा डर-रिसर्चर की मौत के बाद 200 लोग किए गए क्वारंटाइन. मास्क कर दिया गया अनिवार्य




रूस में कोरोना जैसा डर-रिसर्चर की मौत के बाद 200 लोग किए गए क्वारंटाइन. मास्क कर दिया गया अनिवार्य
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -रूस के साइबेरिया क्षेत्र से बड़ा मामला सामने आया है. यहां एक सुरक्षित और सीक्रेट एंटी-प्लेग रिसर्च लैब में संदिग्ध संक्रमण फैला है, जिसने दुनियाभर का ध्यान अपनी तरफ खींचा है
स्थान रूस के साइबेरिया क्षेत्र के इरकुत्स्क शहर स्थित शेलेखोव एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में संदिग्ध संक्रमण का मामला सामने आया है।
मौत लैब में रिसर्च करने वाली 28 वर्षीय दार्या शिपिलोवा की संक्रमण के बाद 2 अक्टूबर 2026 को मौत हो गई।
संक्रमण की शुरुआत महिला एक फील्ड ट्रिप से लौटकर लैब में काम कर रही थी। इसी दौरान एक टेस्ट ट्यूब टूट गया। कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी।
बीमारी: महिला को पहले निमोनिया बताया गया, लेकिन सामान्य इलाज से उसकी हालत नियंत्रित नहीं हुई। 29 सितंबर को हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया।
संभावित संक्रमण: मामले में न्यूमोनिक प्लेग की आशंका जताई जा रही है। यह प्लेग का गंभीर रूप है, जो फेफड़ों को प्रभावित करता है और खांसने-छींकने से फैल सकता है।
200 कर्मचारी निगरानी में लैब में काम करने वाले करीब 200 कर्मचारियों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक सभी की जांच नेगेटिव आई है।
सुरक्षा बढ़ाई गई लैब के आसपास मास्क अनिवार्य किए गए हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
5 अस्पताल सुरक्षा घेरे में: इरकुत्स्क के 5 अस्पतालों को सुरक्षा घेरे में लिया गया है और आम लोगों की आवाजाही कम की गई है।रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक मामले की जांच और निगरानी जारी है।






