प्याज और चीनी के बाद अब ड्र्राई फ्रूट्स पर भी पड़ी महंगाई की मार. 100 से ₹300 किलो तक बढ़ गए ड्राई फ्रूट्स के दाम




प्याज और चीनी के बाद अब ड्र्राई फ्रूट्स पर भी पड़ी महंगाई की मार. 100 से ₹300 किलो तक बढ़ गए ड्राई फ्रूट्स के दाम
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -रसोई घर के मुख्य सामान प्याज, टमाटर और चीनी की बढ़ती कीमतों से आम आदमी पहले से ही परेशान था. अब थोक और खुदरा बाजारों में ड्राई फ्रूट्स के भाव में भी तेजी देखी जा रही है. कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई चेन की रुकावटों, आयात शुल्क (Import Shift) और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के कारण थोक भाव चढ़े हैं. त्योहारों और मांग के सीजन से ठीक पहले कीमतों का यह उछाल सीधे तौर पर खुदरा ग्राहकों की जेब पर असर डाल रहा है. जानकारी के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में पिछले 15 दिनों में भारी इजाफा देखने को मिला है. इसमें बादाम, पिस्ता और काजू की कीमतों में 20 से 50 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिल रही है बादमा से लेकर पिस्ता और काजू 100 से 300 रुपये प्रति किलो ग्राम तक बढ़ गये हैं. वहीं त्योहारी सीजन में इनकी बढ़ती डिमांड, ड्राई फ्रूट्स के दामों को और बढ़ा रही है. साथ ही दावा किया जाता रहा है कि ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जैसे बड़े उत्पादक देशों में ड्राई फ्रूट्स का उत्पादन इस बार कम हुआ हुआ है. इसके चलते इसकी आवक पर असर पड़ा है.
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.ड्राई फ्रूट्स सिर्फ महंगे तोहफे या शौक की चीज नहीं हैं. ये भारतीय घरों में दैनिक पोषण का एक अहम जरिया हैं. ज्यादातर घरों में ड्राई फ्रूट्स को हर दिन भिगोकर खाया जाता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों की डाइट में इन्हें विशेष रूप से शामिल किया जाता है. ऐसे में काजू-बादाम के दाम बढ़ने से महीने का कुल बजट संतुलन से बाहर हो रहा है. काजू और बादाम का इस्तेमाल मिठाइयों, कुकीज और केक में बड़े पैमाने पर होता है. ड्राई फ्रूट्स के महंगे होते ही मार्केट में मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड्स के रेट भी बढ़ने तय हैं. ऐसे में इस बार के त्योाहर पर मिठाईयों से लेकर कुकीज तक पर महंगाई का प्रकोप देखने को मिलेगा







