भजन मेला, 1 जनवरी को आएंगे सीएम साहब- 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के नंदेली में होगा रामनामी समाज का महासम्मेलन, भाजपा नेता कृष्णकांत चंद्रा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिले समाज बंधु,कार्यक्रम में आने की स्वीकृति दी साय जी ने

भजन मेला, 1 जनवरी को आएंगे सीएम साहब- 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के नंदेली में होगा रामनामी समाज का महासम्मेलन, भाजपा नेता कृष्णकांत चंद्रा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिले समाज बंधु,कार्यक्रम में आने की स्वीकृति दी साय जी ने kshititech
भाजपा नेता कृष्णकांत चंद्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री जी को निमंत्रण देते हुए

भजन मेला, 1 जनवरी को आएंगे सीएम साहब- 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के नंदेली में होगा रामनामी समाज का महासम्मेलन, भाजपा नेता कृष्णकांत चंद्रा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिले समाज बंधु,कार्यक्रम में आने की स्वीकृति दी साय जी ने

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- रामनामी समाज का महासम्मेलन जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नंदेली में दिनांक 29 दिसम्बर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य आयोजन को समाज द्वारा “बड़ा भजन मेला” कहा जाता है, जिसमें प्रदेश सहित देशभर से हजारों की संख्या में रामनामी श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।रामनामी समाज के प्रमुख पदाधिकारियों सेत बाई, गुलाराम सहित एक विशिष्ट प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा नेता कृष्ण कांत चंद्रा के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें महासम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री जी ने इस आमंत्रण को स्वीकार करते हुए 1 जनवरी 2026 को कार्यक्रम में आने की सहमति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यदि इस बीच कोई आकस्मिक विशेष कार्यक्रम नहीं रहता है, तो वे 1 जनवरी को सम्मेलन में शामिल होने हेतु समय अवश्य निकालेंगे।रामनामी समाज सत्य सनातन संस्कृति का अनुसरण करते हुए “राम-राम” के अखंड भजन और राम भक्ति के लिए विशेष रूप से जाना जाता है

सम्मेलन में श्रद्धालु सामूहिक रूप से जय स्तंभ की पूजा-अर्चना कर एक साथ “राम-राम” का भजन करते हैं। इस समुदाय के लोग प्रभु श्रीराम की भक्ति में इतने समर्पित होते हैं कि वे अपने संपूर्ण शरीर पर अमिट स्याही से “राम-राम” का गोदना (टैटू) धारण करते हैं, जिसे वे जीवनपर्यंत अपने शरीर पर अंकित रखते हैं। साथ ही, उनके वस्त्रों में भी राम-राम” अंकित रहता है।रामनामी समाज को भारतीय संस्कृति का संवाहक और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक माना जाता है। यह महासम्मेलन समाज की आस्था, सांस्कृतिक एकता और भक्ति परंपरा का सबसे बड़ा सामूहिक आयोजन है।इस अवसर पर कृष्ण कांत चंद्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की उपस्थिति से यह आयोजन और अधिक प्रेरणादायी एवं ऐतिहासिक होगा। वहीं समाज के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने की जानकारी साझा की

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