ग्राम पंचायतो को अब स्वयं को बनाना होगा आर्थिक आत्मनिर्भर. नागरिकों पर जल कर. संपत्ति कर सहित स्थानीय स्तर पर बढ़ाने होंगे अपने आमदनी के स्रोत. छत्तीसगढ़ पंचायत संचनालय ने जारी किया सख्त आदेश. अब सरकार के भरोसे नहीं बल्कि खुद को करना होगा मजबूत

ग्राम पंचायतो को अब स्वयं को बनाना होगा आर्थिक आत्मनिर्भर. नागरिकों पर जल कर. संपत्ति कर सहित स्थानीय स्तर पर बढ़ाने होंगे अपने आमदनी के स्रोत. छत्तीसगढ़ पंचायत संचनालय ने जारी किया सख्त आदेश. अब सरकार के भरोसे नहीं बल्कि खुद को करना होगा मजबूत kshititech

ग्राम पंचायतो को अब स्वयं को बनाना होगा आत्मनिर्भर. नागरिकों पर जल कर. संपत्ति कर सहित स्थानीय स्तर पर बढ़ाने होंगे अपने आमदनी के स्रोत. छत्तीसगढ़ पंचायत संचनालय ने जारी किया सख्त आदेश.

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सकती -छत्तीसगढ़ प्रदेश में अब ग्राम पंचायतो को अपने खुद के आमदनी के स्रोत बढ़ाने होंगे तथा यह चर्चा एक लंबे समय से चल रही थी। किंतु अब राज्य शासन ने सख्त आदेश जारी कर दिए हैं।पंचायत संचालनालय, छत्तीसगढ़ विकास भवन, भूतल, सेक्टर 19, नार्थ ब्लॉक, नवा रायपुर, अटल नगर के पत्र क्रमांक / समर्थ पंचायत/GENCOR/4242/2026 अटल नगर, रायपुर दिनांक 24.08.2026 के द्वारा प्रदेश भर के कलेक्टर समस्त जिला।समस्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत छत्तीसगढ़ को निर्देशित करते हुए 16वें वित्त आयोग अंतर्गत ग्राम पंचायतों के लिए प्रावधानित कार्य निष्पादन अनुदान के संबंध में नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं तथा पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 16वें वित्त अनुदान में त्रिस्तरीय पचायती राज संस्थाओं हेतु 10 प्रतिशत कार्य निष्पादन अनुदान प्रदाय करने का प्रावधान किया गया है। इस हेतु ग्राम पंचायतों को विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त स्वय की आय में वृध्दि करने के निर्देश दिये गये हैं।इसका आशय है कि ग्राम पंचायतों में कर के सभी अनिवार्य, वैकल्पिक स्त्रोतों तथा फीस एव सेवाओं से प्राप्त आय को शामिल करते हुए पंचायतों के कर राजस्व की गणना की जानी है। इसके अतर्गत संपत्ति कर, व्ययसाय कर, प्रकाश कर, नल. जल कर, बाजार एव तालाब नीलामी से प्राप्त आय, दुकान, व्यासायिक भवन की नीलामी / किराये से प्राप्त आय आदि को सम्मिलित किया जाना है।कतिपय जिलों से यह संज्ञान में आया है कि स्वयं के आय (OSR) में वृध्दि के लिए कर आरोपण को बाध्यकारी बनाने हेतु निर्देश जारी किये जा रहे है तथा प्रति परिवार राशन कार्ड अनुसार कर निर्धारित करने संबंधी निर्देश भी दिये गये है, यह उचित नहीं है।अवगत हो कि छत्तीसगढ पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 77 एवं इसके अधीन बनाये गये नियमों में कर आरोपण एवं वसूली की स्पष्ट प्रक्रिया व प्रावधान का उल्लेख है, तदानुसार उक्त प्रावधानों का पालन करते हुए ग्राम सभा के अनुमोदन उपरांत बिना किसी दबाव के स्वयं के आय (OSR) में वृध्दि हेतु प्रयास किया जावें। उपरोक्त आदेश संचालक पंचायत संचनालय छत्तीसगढ़ प्रियंका ऋषि महोबिया द्वारा जारी किया गया है

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