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जब पुलिस अधिकारियों ने भी करी बच्चों की प्रशंसा- बाराद्वार के एशियन वर्ल्ड स्कूल की अनुकरणीय पहल- रक्षाबंधन पर्व से पूर्व विद्यालय के बच्चे पहुंचे बाराद्वार के पुलिस थाना, पुलिस अधिकारियों से करी मुलाकात एवं रक्षाबंधन के संबंधों को किया मजबूत,DSP सतरूपा तारम रही मौजूद, पुलिस की कार्यप्रणाली से भी अवगत हुए स्कूल के बच्चे

जब पुलिस अधिकारियों ने भी करी बच्चों की प्रशंसा- बाराद्वार के एशियन वर्ल्ड स्कूल की अनुकरणीय पहल- रक्षाबंधन पर्व से पूर्व विद्यालय के बच्चे पहुंचे बाराद्वार के पुलिस थाना, पुलिस अधिकारियों से करी मुलाकात एवं रक्षाबंधन के संबंधों को किया मजबूत,DSP सतरूपा तारम रही मौजूद, पुलिस की कार्यप्रणाली से भी अवगत हुए स्कूल के बच्चे kshititech
एशियन वर्ल्ड स्कूल बाराद्वार के बच्चे पहुंचे रक्षाबंधन पर्व को लेकर पुलिस थाना बाराद्वार

जब पुलिस अधिकारियों ने भी करी बच्चों की प्रशंसा- बाराद्वार के एशियन वर्ल्ड स्कूल की अनुकरणीय पहल- रक्षाबंधन पर्व से पूर्व विद्यालय के बच्चे पहुंचे बाराद्वार के पुलिस थाना, पुलिस अधिकारियों से करी मुलाकात एवं रक्षाबंधन के संबंधों को किया मजबूत,DSP सतरूपा तारम रही मौजूद

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- बाराद्वार अंचल के प्रतिष्ठित एशियन वर्ल्ड स्कूल की प्री-प्राइमरी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने 5 अगस्त को अपने शिक्षकों के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन का दौरा किया, ताकि वे पुलिस अधिकारियों को स्वयं निर्मित रंग-बिरंगी राखियाँ बाँधकर उनका सम्मान कर सकें। यह आयोजन स्कूल की समग्र शिक्षा नीति का प्रचलित हिस्सा था, जिसमें बच्चों के नैतिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को प्राथमिकता दी जाती है।विद्यालय के छात्रों ने थाना प्रभारी डीएसपी सतरूपा तारम को पुष्प गुच्छ से सम्मानित किया, जिन्होंने सादगी तथा स्नेह के साथ बच्चों की भावनाओं का आदर करते हुए उन्हें उत्साहित किया ,उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम पुलिस और समुदाय के बीच एक सकारात्मक संवाद स्थापित करने में सफल रहे। सार्वजनिक क्षेत्रों में पुलिस द्वारा सामुदायिक समर्पण दिखाने वाले अन्य उदाहरणों में, राजस्थान पुलिस की पहल शामिल है, जहाँ पुलिस अधिकारियों ने स्कूल छात्रों को राखियाँ बाँधकर सुरक्षा एवं सामाजिक जुड़ाव के भाव को साझा किया था

5 अगस्त को एशियन वर्ल्ड स्कूल के प्रधानाचार्य तोरन साहू,अध्यक्ष नीरज अग्रवाल और सचिव अभिषेक अग्रवाल ने डीएसपी सतरूपा तारम की सांस्कृतिक और शासकीय उत्साहवर्धक भूमिका के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल त्योहारों की पारंपरिकता को दर्शाती है, बल्कि यह बच्चों में नागरिक जिम्मेदारी, सम्मान और सामुदायिक संबंधों की समझ को भी जागृत करती हैं।इस कार्यक्रम में छात्रों को राखी बाँधने, पुलिस स्टाफ से संवाद करने और त्योहार के महत्व को साझा करने का अवसर मिला। इससे बच्चों में स्वयं सेवा, सामाजिक समर्पण और उत्सव को साझा करने की भावना पनपी। इस तरह की पहल समावेशी शिक्षा के एक सशक्त मॉडल के रूप में सामने आई, जो बच्चों में न केवल शैक्षिक बल्कि सामाजिक और भावनात्मक परिपक्वता को भी प्रेरित करती है।इस अलावा, छात्रों को हथियारों की जानकारी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को यह समझाया कि ये उपकरण किस प्रकार की परिस्थितियों में काम आते हैं और उनका उपयोग कैसे किया जाता है। इस दौरान बच्चों ने हथियारों की संरचना, कार्य व्यवहार और सुरक्षा उपायों के बारे में प्रश्न पूछे और उत्सुकता से उनके प्रदर्शन को देखा। इस अनुभव ने छात्रों को सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और पुलिस कार्यप्रणाली की बुनियादी समझ विकसित करने में मदद की,इस अनुभव ने बच्चों को उस समुदाय में सक्रिय भागीदार बनने की दिशा में प्रोत्साहित किया, जहां वे त्योहारों के पारंपरिक उत्सव को केवल पारिवारिक या विद्यालयी आयोजन न मानकर एक सामाजिक उत्सव के रूप में भी समझने लगे हैं

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