विरोध का नायाब तरीका, मुख्यमंत्री को भेंट किया अनूठा गुलदस्ता, शक्ति जिले में एनएचएम के कर्मचारियों ने अष्टभुजी के दरबार में लगाई अर्जी, कहां सद्बुद्धि दे मैंय्या इस सरकार को



विरोध का नायाब तरीका, मुख्यमंत्री को भेंट किया अनूठा गुलदस्ता, शक्ति जिले में एनएचएम के कर्मचारियों ने अष्टभुजी के दरबार में लगाई अर्जी, कहां सद्बुद्धि दे मैंय्या इस सरकार को
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ति- शक्ति जिले में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल लगातार जारी है, तथा इस हड़ताल पर कब विराम लगेगा, यह तो कोई नहीं जानता, किंतु हड़ताली कर्मचारी बड़े ही नायाब नए-नए तरीके से प्रतिदिन अपनी हड़ताल को गति दे रहे हैं, तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एनएचएम कर्मचारियों द्वारा अपनी मांगों की पर्ची का एक नायाब गुलदस्ता भेंट किया गया है,कोरबा एचएम यूनियन इकाई के द्वारा यह बुके सीएम महोदय को दिया गया जिसमे सक्ति इकाई से कोषाध्यक्ष अनिष शर्मा और कार्यकारी अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने सीएम साहब से मुलाकात की और मांगों से अवगत कराया
एनएचएम कर्मियों की हड़ताल 25वें दिन भी जारी, माँ अष्टभुजी अड़भार के द्वार में लगाई अर्जी
सक्ति जिले में एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को 25वें दिन भी जारी रही। लगातार आंदोलनरत कर्मचारियों ने आज अलग अंदाज़ में अपनी आवाज़ बुलंद की। उन्होंने कलश और चुनरी के माध्यम से मनोकामना रैली निकालकर माँ अष्टभुजी मंदिर पहुँचकर अपने दस सूत्रीय मांगों के संबंध में अर्जी लगाई।कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते दो दशकों से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। कोविड जैसे कठिन समय में भी उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से किया। इसके बावजूद सरकार उनकी अनदेखी कर रही है, जिसके चलते उन्हें मजबूरीवश हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करना, सेवा शर्तों में सुधार और भविष्य की गारंटी जैसी बातें शामिल हैं। उनका कहना है कि सरकार ने चुनाव के दौरान इन मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं की गई।माँ अष्टभुजी के दरबार में अर्जी लगाकर कर्मचारियों ने विश्वास जताया कि उनकी मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होंगी और जल्द ही सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं होती, तब तक यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।



