छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग का अजीब कारनामा. गलती किसी की और भुगते कोई.फोर व्हीलर और टू व्हीलर दोनों गाड़ी का नंबर एक ही. उल्लंघन किया मोटरसाइकिल वाले ने. चालान भेज दिया कार वाले को

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग का अजीब कारनामा. गलती किसी की और भुगते कोई.फोर व्हीलर और टू व्हीलर दोनों गाड़ी का नंबर एक ही. उल्लंघन किया मोटरसाइकिल वाले ने. चालान भेज दिया कार वाले को kshititech

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग का अजीब कारनामा. गलती किसी की और भुगते कोई.फोर व्हीलर और टू व्हीलर दोनों गाड़ी का नंबर एक ही. उल्लंघन किया मोटरसाइकिल वाले ने. चालान भेज दिया कार वाले को

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ शासन परिवहन विभाग के अजीब कारनामे इन दोनों देखने को मिल रहे हैं। तथा शासन द्वारा जहां प्रदेश के सभी बड़े शहरों के प्रमुख चौक- चौराहों पर बड़े-बड़े हाई टेक्नोलॉजी के कैमरे लगाकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले छोटे-बड़े वाहन चालकों को तत्काल आधुनिक संचार माध्यम से चालान भेज दिए जा रहे हैं। तो वहीं एक ऐसा ही चालान का कारनामा देखने को मिला जब किसी व्यक्ति की टू व्हीलर मोटरसाइकिल क्रमांक CG04 क्यू एम 9295 ने गलती की। तथा उसकी गलती का चालान छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अमित गौतम को भेज दिया गया। क्योंकि अमित गौतम जी की गाड़ी xuv700 फोर व्हीलर कार है उसका नंबर भी सीजी 04 क्यू एम 9295 है। तथा इसकी जानकारी स्वयं यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने सोशल मीडिया के माध्यम से देते हुए छत्तीसगढ़ शासन परिवहन विभाग को बताया है कि आपके द्वारा इस तरह से चालान भेजे जाने से मुझे मानसिक तनाव पहुंचा है। तथा प्रदेश में ट्रैफिक जाम की समस्या से तो निजात मिल नहीं रहा है। किंतु परिवहन विभाग द्वारा चालान भेजकर इस तरह से परेशान किया जाना उचित प्रतीत नहीं होता

अब सवाल यह पैदा होता है कि परिवहन विभाग द्वारा आखिरकार मोटरसाइकिल और कार दोनों का एक ही नंबर एक ही सीरीज कैसे आवंटित किया गया है। क्या ऐसा आवंटित करने का प्रावधान है। या कि त्रुटिवश आवंटित किया गया है। यह तो समझ से परे है। किंतु परिवहन विभाग की इस घेराबंदी से इन दोनों छोटे-बड़े वाहन चालक बेहद परेशान है। छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी छोटे-बड़े शहरों में देखा जाए तो ट्रैफिक का सिस्टम आज भी व्यवस्थित नहीं है। भले ही चौक- चौराहों पर सिग्नल लगा दिए गए हैं। किंतु जो व्यवस्थाएं वाहन चालकों को मिलनी चाहिए। वैसा कुछ नजर नहीं आता। तथा उल्टा परिवहन विभाग द्वारा सीसीटीवी कैमरो के माध्यम से छोटी-छोटी गलतियों के भारी भरकम चालान भी भेज दिए जा रहे हैं

वहीं दूसरी ओर प्रदेश के वाहन मालिकों का कहना है कि परिवहन विभाग द्वारा सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से ऐसे ऐसे चालान समय-समय पर भेजे जाते हैं। जो की समझ से परे है। परिवहन विभाग बोलता है कि आप अपनी गाड़ी को 80 की स्पीड में चलाएं किंतु आज इस संचार क्रांति एवं डिजिटल जमाने में कार भी 120 और 130 की स्पीड की आ रही है। तथा या तो परिवहन विभाग को जहां से कारें बनती है। वहीं स्पीड पर एक कंट्रोल कर देना चाहिए की 80 से अधिक स्पीड की गाड़ी बाजार में नहीं चलेगी। जब परिवहन विभाग स्वयं 80 से ऊपर की स्पीड की कारों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। तो फिर आखिरकार कार निर्माता कंपनियां हाई स्पीड की गाड़ी बनाकर लोगों से इतनी महंगी कीमतें वसूल कर रही है। क्या शासन एवं सरकार सभी आंख मूंदे बैठे हैं। एवं वर्तमान स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि कार निर्माता कंपनियों के आगे घुटने टेक दिए गए हैं

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