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बदले गए शक्ति के एसडीएम सोम, शक्ति की नई एसडीएम होगी कावेरी मरकाम, सोम को भेजा गया कलेक्ट्रेट कार्यालय, कलेक्टर तोपनों ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जारी किया आदेश, शक्ति जिले में इस बार अच्छी रहेगी आम की फसल, सीएम के सहयोग से जिले में हितग्राही का हुआ इलाज, जिला प्रशासन ने दी सहायता राशि

बदले गए शक्ति के एसडीएम सोम, शक्ति की नई एसडीएम होगी कावेरी मरकाम, सोम को भेजा गया कलेक्ट्रेट कार्यालय, कलेक्टर तोपनों ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जारी किया आदेश, शक्ति जिले में इस बार अच्छी रहेगी आम की फसल

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- सक्ती जिले के शासकीय उद्यान रोपणियों एवं गांवों की अमराइयों में इन दिनों आम के बौरों की सुगंध फैलने लगी है। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष आम के पेड़ों पर मंजरियां अधिक सघन, स्वस्थ और प्रचुर मात्रा में दिखाई दे रही हैं। जिले में आम की प्रमुख प्रजातियां दशहरी, चौसा, आम्रपाली एवं लंगड़ा के पेड़ इन दिनों पूरी तरह फूलों से आच्छादित हैं। अनुकूल मौसम और बेहतर मंजरियों की स्थिति को देखते हुए इस वर्ष आम के अच्छे उत्पादन की संभावना व्यक्त की जा रही है उद्यानिकी विभाग द्वारा किसानों को आम की बेहतर उपज के लिए आवश्यक सलाह दी जा रही है। विभाग के अनुसार यदि किसान समय-समय पर उचित प्रबंधन अपनाएं, तो आम की उपज में लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि की जा सकती है। किसानों को अपने बगीचों का नियमित निरीक्षण करते रहना चाहिए, ताकि रोग एवं कीट-व्याधि के प्रकोप को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। बौर आने की अवस्था में सिंचाई रोक देनी चाहिए और तब तक पानी नहीं देना चाहिए जब तक फूल पूरी तरह न खिल जाएं। अधिक सिंचाई करने से नई पत्तियां निकलने लगती हैं, जिससे बौर झड़ने की संभावना बढ़ जाती है। जब आम के फल मटर के दाने के आकार के हो जाएं, तब हल्की सिंचाई शुरू कर मिट्टी में नमी बनाए रखना उचित होता है। फूल खिलने की अवस्था में कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे परागण करने वाले कीटों एवं मधुमक्खियों को नुकसान पहुंच सकता है। यदि मैंगो हॉपर कीट का प्रकोप अधिक हो तो शाम के समय इमिडाक्लोप्रिड का छिड़काव किया जा सकता है। बौर पर सफेद पाउडर जैसे लक्षण दिखाई देने पर यह पाउडरी मिल्ड्यू रोग का संकेत हो सकता है, जिसकी रोकथाम के लिए घुलनशील गंधक का छिड़काव लाभकारी होता है। वहीं बौर पर काले धब्बे दिखाई देने पर एंथ्रेक्नोज रोग की आशंका रहती है, जिसके नियंत्रण के लिए कार्बेन्डाजिम या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का छिड़काव करना चाहिए। फूलों के झड़ने को रोकने और फल सेटिंग में सुधार के लिए बोरान एवं पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव लाभदायक माना जाता है। जब फल मटर के दाने के बराबर हो जाएं, तब प्लानोफिक्स हार्मोन का छिड़काव करने से फलों का गिरना कम किया जा सकता है। उद्यानिकी विभाग ने किसानों से इन सलाहों का पालन करने की अपील की है, ताकि आम के उत्पादन में वृद्धि हो सके। अधिक जानकारी के लिए किसान नजदीकी उद्यानिकी विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

कलेक्टर ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के कार्य विभाजन में किया आंशिक संशोधन,तत्काल प्रभाव से आदेश किया गया जारी

सक्ती-,कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो ने जिले में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के मध्य पूर्व में जारी कार्य विभाजन आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए नीचे दर्शित अधिकारियों का दायित्व आगामी आदेश पर्यंत निम्नानुसार कार्य विभाजन किया है, कलेक्टर श्री तोपनो द्वारा जारी आदेश के अनुसार संयुक्त कलेक्टर व अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुविभागीय दण्डाधिकारी सक्ती श्री अरुण कुमार सोम को जिला कार्यालय सक्ती में नवीन कार्य सौंपा गया है। इसके साथ ही डिप्टी कलेक्टर सुश्री कावेरी मरकाम को जिला कार्यालय सक्ती से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी सक्ती का दायित्व सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील किया गया है।

एमएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के लिए 27 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित

सक्ती-शैक्षणिक सत्र 2026 में एमएससी नर्सिंग कोर्स में दाखिला के लिए आयोजित एमएससी नर्सिंग प्रवेश परीक्षा का ऑनलाइन आवेदन इच्छुक युवा सीजी व्यापम की वेबसाईट में 27 मार्च 2026 तक जमा कर सकते हैं।बिलासपुर एवं रायपुर में परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन पद्धति से किया जावेगा छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं उनका परीक्षा शुल्क व्यापन द्वारा वापस कर दिया जावेगा। परीक्षा शुल्क उसी बैंक खाता में वापस किया जावेगा जिस बैंक खाता से अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन परीक्षा शुल्क का भुगतान किया है

कृषि व पशुधन विभाग के विभिन्न कोर्सों की प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 27 मार्च तक आमंत्रित,सीजी व्यापम की वेबसाइट पर कर सकते है आवेदन

सक्ती-कृषि और पशुधन विभाग के कई कोर्स जैसे बीई/बी.टेक, बी.टेक (कृषि इंजीनियरिंग), बी.टेक (खाद्य प्रौद्योगिकी), बी.टेक (डेयरी प्रौद्योगिकी), डेयरी प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा की पढ़ाई के लिए आयोजित पशु चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (पेट इंट्रेस एग्जाम) 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन इच्छुक युवा सीजी व्यापम की वेबसाईट में 27 मार्च 2026 तक जमा कर सकते हैं। राज्य के 33 जिला मुख्यालयों में परीक्षा केंद्र होंगे। अभ्यर्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन पद्धति से किया जावेगा छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा में उपस्थित होते हैं उनका परीक्षा शुल्क व्यापन द्वारा वापस कर दिया जावेगा। परीक्षा शुल्क उसी बैंक खाता में वापस किया जावेगा जिस बैंक खाता से अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन परीक्षा शुल्क का भुगतान किया है।

सफलता की कहानी-स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं बन रही आत्मनिर्भर,श्रीमती रेवती साहू सेटरिंग कार्य और मशरूम उत्पादन कर बनी लखपति दीदी

  सक्ती-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण जनपद पंचायत डभरा के ग्राम पंचायत डोमनपुर की सखी सहेली महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती रेवती साहू हैं। इस समूह की अध्यक्ष श्रीमती खिलेश्वरी बरेठ हैं तथा सचिव स्वयं श्रीमती रेवती साहू हैं। समूह को एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत आरएफ राशि 15000 रुपये एवं सीआईएफ राशि 60000 रुपये की सहायता प्राप्त हुई, साथ ही बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। सखी सहेली महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले श्रीमती रेवती साहू घरेलू कार्यों में ही व्यस्त रहती थीं और आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। समूह की बैठकों, प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन से उन्हें स्वरोजगार करने की प्रेरणा मिली और उन्होंने घर के कामकाज के साथ-साथ आर्थिक गतिविधि शुरू करने का निर्णय लिया। श्रीमती रेवती साहू ने सबसे पहले सेटरिंग प्लेट कार्य की शुरुआत की। इस गतिविधि के लिए उन्हें एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत बैंक लिंकेज के माध्यम से 100000 रुपये तथा सीआईएफ राशि 60000 रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। वित्तीय वर्ष 2025 में उन्हें बैंक लिंकेज के माध्यम से 1000000 रुपये की राशि प्राप्त हुई, जिसमें से 400000 रुपये से सेटरिंग प्लेट सामग्री क्रय कर व्यवसाय का विस्तार किया गया। इस कार्य से वर्तमान में उन्हें लगभग 360000 रुपये की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। आय के स्रोत को और मजबूत करने के उद्देश्य से श्रीमती रेवती साहू ने मशरूम उत्पादन का कार्य भी प्रारंभ किया। इस गतिविधि के अंतर्गत वे प्रतिदिन लगभग 10 किलो मशरूम का उत्पादन कर आसपास के बाजारों में विक्रय करती हैं। मशरूम उत्पादन से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 60000 से 70000 रुपये तक की अतिरिक्त आय हो रही है। आज श्रीमती रेवती साहू अपनी मेहनत, लगन और एनआरएलएम (बिहान) योजना के सहयोग से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। वे अपने परिवार का सफलतापूर्वक भरण-पोषण कर रही हैं और उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनकी यह सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह सिद्ध करती है कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति दीदी बन सकती हैं।

सफलता की कहानी-किसान परिवार को मिली किडनी की गंभीर बीमारी के इलाज में शासन से मदद, मिला नया जीवन,उम्मीद खो चुके हितग्राही मीना महंत के परिवार ने आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार

सक्ती-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में सक्ती जिले के ग्राम कोंमो निवासी श्रीमती मीना महंत को नया जीवन मिला है। श्रीमती महंत को इस वर्ष जून माह की शुरूआत में अचानक से हार्ट अटैक आया। आनन-फानन में उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया गया जहाँ डाक्टरों द्वारा उन्हें हार्ट की एक नस में ब्लोकेज होने की बात कही गई तथा हार्ट अटैक के बेहतर इलाज हेतु रायपुर स्थित मेकाहारा में रिफर किया गया। मेकाहारा में उनके स्वास्थ्य जाँच के पश्चात् डाक्टरों ने उनके हार्ट की सर्जरी कराने तथा सर्जरी में लगभग 05 लाख रुपये खर्च आने की बात कही गई।श्रीमती मीना महंत के पति श्री जगन्नाथ दास ने बताया कि हम सभी संयुक्त परिवार में रहते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। हार्ट सर्जरी की लागत लगभग 05 लाख रुपये आने की जानकारी मिलने पर मेरी पत्नी की सर्जरी का खर्च वहन नही कर सकते थे। हमारे परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी, कि अब कभी मेरी पत्नी स्वस्थ्य हो पाएंगे। श्री जगन्नाथ दास ने बताया कि ऐसे विकट परिस्थिति में हमें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना की जानकारी मिली और मेरी पत्नी के हार्ट की सर्जरी संभव होने की उम्मीद की एक किरण नजर आई। हमने रायपुर मेकाहारा के डाक्टर द्वारा इलाज में आने वाले खर्च का प्रस्ताव बनवाया और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निवास पहुँचकर उनसे इलाज हेतु मदद के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। हमारे द्वारा दिए गए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा मेरी पत्नी की हार्ट की सर्जरी हेतु राशि की स्वीकृति दी गई। जिसके पश्चात् मेरी पत्नी श्रीमती मीना महंत के हार्ट की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई। सर्जरी पश्चात् अब हमारे पिताजी अपने घर आ चुके हैं। वे पहले की तरह सामान्य जीवन खुशी-खुशी व्यतीत कर रहे हैं। हमारा परिवार मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करता है, उनके सुशासन में यह संभव हो पाया है कि उम्मीद छोड़ चुके हमारे संयुक्त परिवार में एक पत्नी, माता और दादी श्रीमती मीना महंत को नया जीवन मिला है।

आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

सक्ती-राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील नया बाराद्वार अंतर्गत ग्राम रेड़ा निवासी मृतक स्व. श्रीमती जाम बाई कंवर को नहर के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने से निकटतम वारिस मृतक के पुत्र श्री पुष्पेंद्र कुमार कंवर पिता स्व. श्री नारायण सिंह कंवर को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।

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