शक्ति के जमीन कारोबारियो के संगठन ने कलेक्टर सहित अधिकारियों को दिया ज्ञापन, एवं किया विरोध प्रदर्शन, इधर राज्य शासन ने जारी कर दिया जमीन गाइडलाइन की बड़ी दरों को लेकर नया आदेश, सरकार के नए संशोधित आदेश से भी संतुष्ट नहीं है जमीन कारोबारी, वित्त मंत्री चौधरी ने भी किया ट्वीट कहा व्यवहारिक सुधारो के लिए सरकार सजग




शक्ति के जमीन कारोबारियो के संगठन ने कलेक्टर सहित अधिकारियों को दिया ज्ञापन, एवं किया विरोध प्रदर्शन, इधर राज्य शासन ने जारी कर दिया जमीन गाइडलाइन की बड़ी दरों को लेकर नया आदेश, सरकार के नए संशोधित आदेश से भी संतुष्ट नहीं है जमीन कारोबारी
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जमीन की गाइडलाइन दरों में बेतहाशा वृद्धि किए जाने के विरोध में आज सक्ती जिले में प्रॉपर्टी संघ सक्ती के बैनर तले जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर और हाथों में काले गुब्बारे लेकर सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।मुख्य रूप से अग्रेशन चौक में एकत्रित होकर जमीन व्यापार से जुड़े लोगों एवं आम नागरिकों ने सरकार से “काला कानून” वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया, जिसकी प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सक्ती एवं उप पंजीयक कार्यालय सक्ती को भी दी गई। इसके बाद एसडीएम कार्यालय एवं कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विधिवत ज्ञापन सौंपा गया।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से आज कुछ नियमों में बदलाव के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन इन आदेशों से व्यापारी वर्ग संतुष्ट नहीं है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के समय जो शिथिल नियम लागू थे, उन्हें भाजपा सरकार के आते ही समाप्त कर दिया गया, जिससे आम जनता को रजिस्ट्री खर्चे का भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। अब नए-नए बेतुके नियम लाकर सरकार जनता और जमीन व्यापार से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।प्रॉपर्टी संघ के अध्यक्ष राहुल अग्रवाल ने कहा कि सरकार को व्यापार और व्यवसाय सुचारू रूप से चलाने के लिए नियमों को सरल और शिथिल बनाना चाहिए तथा आम जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय लेना चाहिए।नगर पालिका अध्यक्ष एवं संघ संरक्षक श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि सरकार को इस फैसले को तत्काल वापस लेना चाहिए और जनता को अनावश्यक फरमान जारी कर परेशान नहीं करना चाहिए।किसान कांग्रेस अध्यक्ष सदेश्वर गबेल ने कहा कि गरीब किसान अपनी बेटी की शादी या पारिवारिक जरूरतों के समय यदि अपनी जमीन नहीं बेच पाएंगे, तो ऐसी जमीन का क्या लाभ? सरकार के इस फैसले का हम पुरजोर विरोध करते हैं।इस आंदोलन को सफल बनाने में प्रमुख रूप से अध्यक्ष राहुल अग्रवाल, संरक्षक श्याम सुंदर अग्रवाल, जगदीश बंसल, आनंद अग्रवाल, सोनू कुरैशी, कालू रघुनाथ, राजेश बाबा, मोनू एमके, रमेश देवांगन, प्रेम देवांगन, गोलू सीडी, नरेश बाबा आटा, हरीश कालू, बबलू कुरैशी, सफीक खान, मिन्ना ठाकुर, संजय बंसल, संजय बिहारी, चन्द्र कुमार सोनी, राजकुमार अग्रवाल, विकाश, मनोज, कृष्णा, प्रकाश ट्रॉली, अमन, चंद्रमणि, बबलू, सत्येंद्र, सुभाष सहित सैकड़ों की संख्या में आमजन मौजूद रहे।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द ही इस फैसले को वापस नहीं लेती तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर किया ट्वीट
छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा कि कल IG पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन समिति ने अनेक निर्णय लिए हैं।सरकार मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जन हितों पर आधारित सुधारों (Reforms) के लिए समर्पित है। काले धन पर नियंत्रण,किसानों को उचित मुआवजा, मध्यम वर्ग को अधिकाधिक लोन और साथ ही साथ रियल स्टेट के कारोबारी साथियों के हितो सभी के हित, सरकार की प्राथमिकता है। जनहित में उचित, न्यायोचित और व्यवहारिक सुधारों के लिए सरकार सदैव सजग है।
राज्य शासन ने जारी किया नया आदेश
कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ रायपुर वाणिज्यिक कर जी.एस.टी. भवन द्वितीय तल नार्थ ब्लॉक सेक्टर-19 नवा रायपुर अटल नगर-492002 दूरभाष: 2512180 ईमेल:-igreg.cg@nic.in द्वारा 8 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर गाइडलाइन दरों एवं उपबंधों के पुनरीक्षण संबंधी केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के निर्णय के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया है कि दिनांक 19.11.2025 को केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा राज्य में लागू गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण करते हुए नई दरें जारी की गई थी जिसके संबंध में विभिन्न हितधारकों से ज्ञापन, सुझाव एवं प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनका परीक्षण कर निर्णय लेने के लिए केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णय निम्नानुसार हैं-नगरीय क्षेत्र में 1400 वर्ग मीटर तक भूखंडों के इंक्रीमेंटल आधार पर गणना के प्रावधान को समाप्त करते हुए पूर्व प्रचलित उपबंध अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल तक, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल तक, और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन के प्रावधान को यथावत लागू किए जाने का निर्णय लिया गया।बहुमंजिला भवनों में फ्लैट/दुकान/कार्यालय अंतरण होने पर सुपर बिल्ट अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना के प्रावधान को विलोपित किए जाने का निर्णय लिया गया. अब इनमें बिल्ट अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। यह प्रावधान मध्य प्रदेश के समय से चला आ रहा था और राज्य में वर्टिकल डेवलपमेंट के लिए इसकी मांग लंबे समय से आ रही थी। इससे नगर योजना में भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।बहुमंजिला भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट एवं प्रथम तल पर 10% कमी, द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20% कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा। इससे मध्यम वर्ग को किफायती दर पर फ्लैट मिल पाएंगे।कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में 20 मीटर पश्चात् स्थित संपत्ति के लिए भूखंड की दर में 25% कमी कर मूल्यांकन किया जाएगा। 20 मीटर दूरी की गणना कॉम्प्लेक्स के मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित भाग से की जाएगी। |जिला मूल्यांकन समिति द्वारा गाइडलाइन दरों के पुनरीक्षण के प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जाते हैं जिनका विश्लेषण कर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड नवीन गाइडलाइन दरें जारी करता है. ज़िला मूल्यांकन समिति को यह निर्देशित करने का निर्णय लिया गया कि हाल ही में हुई दरों में वृद्धि के पश्चात् प्राप्त ज्ञापनों, आपत्तियों एवं सुझावों का परिशीलन कर 31 दिसंबर तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव भेजें।उपरोक्त निर्णय तत्काल प्रभावशील होंगे।



