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राहुल ने बताई बजट की 10 खास बातें- केंद्रीय बजट पर निवेश सलाहकार राहुल अग्रवाल ने कहा- पूंजीगत व्यय के विस्तार से बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार, रोजगार सृजन और निवेश वृद्धि की उम्मीद, शिक्षा से रोजगार के लिए होगा समिति का गठन

राहुल ने बताई बजट की 10 खास बातें- केंद्रीय बजट पर निवेश सलाहकार राहुल अग्रवाल ने कहा- पूंजीगत व्यय के विस्तार से बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार, रोजगार सृजन और निवेश वृद्धि की उम्मीद, शिक्षा से रोजगार के लिए होगा समिति का गठन kshititech
प्रतिष्ठित निवेश सलाहकार राहुल अग्रवाल

केंद्रीय बजट पर निवेश सलाहकार राहुल अग्रवाल ने कहा- पूंजीगत व्यय के विस्तार से बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार, रोजगार सृजन और निवेश वृद्धि की उम्मीद, शिक्षा से रोजगार के लिए होगा समिति का गठन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित निवेश सलाहकार राहुल अग्रवाल ने मोदी सरकार की वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को प्रस्तुत केंद्रीय आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस बजट से जहां सर्व वर्ग का कल्याण होगा तो वहीं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह आम बजट बहुत अहम है, राहुल ने कहा कि श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट विकास-उन्मुख, उद्यमशीलता-समर्थक और समावेशी अर्थव्यवस्था की परिकल्पना पर आधारित है। यह उनके नौवें बजट के रूप में पेश किया गया है और इस बार बजट प्रस्तुति एक दुर्लभ रविवार को हुई है। इस बजट का उद्देश्य है ‘विकसित भारत’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना, कराधान प्रणाली को सरल बनाना, आर्थिक संवृद्धि को गति देना तथा रोजगार सृजन को प्राथमिकता देना। राहुल अग्रवाल ने बताया कि आम बजट में प्रमुख रूप से जिन विषयों को फोकस किया गया है उसमें

01- अर्थव्यवस्था का समग्र दृष्टिकोण और लक्ष्य संघीय बजट 2026-27 की रूपरेखा देश में आर्थिक स्थिरता, निवेश विस्तार, और दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। वित्त मंत्री ने बताया कि भारत 2025-26 में 7.4% की अनुमानित GDP वृद्धि दर बनाए रख सकता है, जो वैश्विक मंदी की चुनौतियों के बीच भी एक मजबूत आर्थिक प्रदर्शन का संकेत है।
अर्थव्यवस्था में भारी पूंजीगत व्यय (Capex), विनिर्माण क्षमता में वृद्धि और तकनीकी उन्नयन शामिल हैं, ताकि भारत का वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और विस्तार हो सके।
02. पूंजीगत व्यय और आधारभूत संरचना बजट ने अर्थव्यवस्था में निवेश को प्रमुख भूमिका देने की प्रतिबद्धता जताई है। FY27 के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) को ₹12.2 लाख करोड़ तक बढ़ा दिया गया है, जो पिछली बार के अनुमानों की तुलना में लगभग 9% अधिक है। यह निवेश विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों, यातायात नेटवर्कों, औद्योगिक गलियारों और शहरी विकास परियोजनाओं में केंद्रित होगा। इस व्यय का लक्ष्य है-राष्ट्रीय राजमार्गों और रेल नेटवर्क का उन्नयन,नए High-Speed Rail Corridor की योजना जैसे कि मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, एवं दिल्ली-वाराणसी सहित कई जोड़ने वाली परियोजनाये,कुल 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों का विकास* इन पहलों से देश की लॉजिस्टिक क्षमता, माल ढुलाई दक्षता, और अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार की अपेक्षा है।
03. कर व्यवस्था में सुधार
बजट में कर ढांचे को और सरल तथा प्रोत्साहन-मुखी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है, नया कर ढांचा और कर राहत
व्यक्तिगत करदाता के लिए ₹12 लाख तक की आय शुल्कमुक्त रहने की व्यवस्था, जिससे मध्यम-वर्गीय करदाताओं को राहत मिलेगी। नई आयकर प्रणाली में विभिन्न स्लैब तथा प्रोत्साहन का विस्तृत प्रावधान रखा गया है।सबसे कम टैक्स खर्चीले खातों और अनुपालन-भार को सरल किया जा रहा है। अन्य कर सुधार में-कई आउटगोइंग (लोगों के विदेश जाने, शिक्षा एवं चिकित्सा से जुड़े) लेन-देन पर TCS (Tax Collected at Source) दर को 2% तक कम किया गया।CORPORATE टैक्स में कुछ मामलों में Minimum Alternate Tax (MAT) दर में कटौती की गई। इन कदमों से छोटे और मध्यम करदाताओं पर कर भार कम होगा तथा निवेश और उपभोग में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी।
04. विनिर्माण, तकनीकी तथा उन्नत उत्पादन बजट ने देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं,Rare Earth Corridor
भारत में अलग-अलग राज्यों (जैसे — ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश) में Rare Earth Permanent Magnet Resources के लिए समर्पित गलियारे विकसित किए जाएंगे, जिससे तकनीकी और ऊर्जा-सक्षम उद्योगों को विस्तार मिलेगा। India Semiconductor Mission 2.0 Semiconductor निर्माण और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए ISM 2.0 कार्यक्रम आरंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य उपकरण और सामग्री के स्थानीय उत्पादन तथा तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है,BioPharma Shakti
₹10,000 करोड़ के निवेश के साथ पांच वर्षों में भारत को वैश्विक BioPharma विनिर्माण हब बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें नियामक तंत्र में मजबूती, 1,000 मान्यता प्राप्त clinical trial साइटों का नेटवर्क तथा उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएँ शामिल हैं,Mega Textile Parks एवं Container Manufacturing
टेक्सटाइल तथा कंटेनर विनिर्माण के लिए बड़े उद्योग-उच्च आउटले निर्माण पैरों का प्रावधान किया गया है, जिससे निर्यात संभावनाओं तथा रोज़गार अवसरों में वृद्धि होगी।
इन पहलों से भारत के रसद ढांचे में आत्मनिर्भरता आएगी तथा तकनीकी उन्नयन में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
05-MSME एवं उद्यमिता वृद्धि लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए बजट में कई प्रोत्साहन पैकेज शामिल हैं, ₹10,000 करोड़ SME Growth Fundरोज़गार सृजन और नवीनतम उद्यमों के सुदृढीकरण के लिए SME Growth Fund की स्थापना की गई है, जिससे छोटे उद्यमों को तकनीकी और वित्तीय सहायता मिल सकेगी।Legacy Industrial Clusters का पुनरुद्धार-लगभग 200 पुरानी औद्योगिक क्लस्टरों का पुनर्निर्माण करके उन्हें भविष्य-अनुकूल रूप में विकसित करने की योजना प्रस्तावित है। Self-Reliant India Fund में ₹2,000 करोड़ का टॉप-अप-इसमें MSMEs और स्व-रोज़गार उध्यमियों को सफल बनाने के लिए वित्तीय सहायता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
इन प्रावधानों से MSMEs को वित्तीय पहुँच में मजबूती मिलेगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था में रोजगार अवसरों में व्यापक वृद्धि संभव होगी।
06. सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य और शिक्षा बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र को सुदृढ़ करना है, एकल-लड़कियों के लिए छात्रावासदेश के प्रत्येक जिले में एक लड़की छात्रावास की स्थापना की घोषणा की गई है, जिससे महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएँ-स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने हेतु कई योजनाओं का विस्तार किया गया है, जैसे कि आपात चिकित्सा / ट्रॉमा केयर केंद्रों का विकास तथा स्वास्थ्य-संरक्षण के कार्यक्रम।शिक्षा-से-रोज़गार Standing Committee-एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है जो शिक्षा से रोजगार तक की प्रगति को सुदृढ़ करेगी। इसका लक्ष्य युवाओं को वैश्विक-स्तरीय सेवाओं और कौशल-आधारित अवसरों में प्रतिस्पर्धी बनाना है। इन पहलों से मानव संपदा का विकास और सामाजिक समावेशन को प्रोत्साहन मिलेगा।
07. वित्तीय क्षेत्र सुधार और विनियमन बजट में वित्तीय क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से एक मजबूत, समावेशी तथा आधुनिक वित्तीय ढांचा विकसित करने की दिशा पर ध्यान दिया गया है,बैंकिंग सेक्टर के सुधार एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो बैंकिंग सेक्टर के सुधार और वित्तीय स्थिरता को मजबूत करेगी।FEMA (विदेशी विनिमय प्रबंधन- अधिनियम) सुधार
विदेशी गैर-ऋण निवेशों को आकर्षित करने हेतु FEMA ढाँचे को आधुनिक बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। म्युनिसिपल बॉन्ड प्रोत्साहन,शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय शक्ति देने हेतु म्युनिसिपल बॉन्ड के लिए प्रोत्साहन राशि भी प्रस्तावित की गई है।
इन उपायों से देश का वित्तीय तंत्र और निवेश-पर्यावरण दोनों सुदृढ़ होंगे, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता प्राप्त होगी।
08. विशेष योजनाएँ एवं अन्य प्रमुख घोषणाएँ बजट में कई अन्य घोषणाएँ भी की गईं जिनका प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ेगा:
खेल और पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशिष्ट योजनाएँ।रेलवे में सुरक्षा प्रणालियों (जैसे कि Kavach 4.0) के विस्तार की प्रतिबद्धता। समुद्री व्यापार और जल-अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु जलमार्गों और पोत मरम्मत अधोसंरचना में निवेश।
पर्यटन क्षेत्र और सेवाक्षेत्र को रोजगार-आधारित नीतियों के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना।
09- समापन और आगे की दिशा बजट 2026-27 का मूल भाव स्थिरता, समावेशन और विस्तार है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट जनता, निवेशकों, उद्योगों और सामाजिक हितधारकों के लिए संतुलित नीति का द्योतक है, जो आत्मविश्वास, नवाचार और दीर्घकालिक आर्थिक संतुलन को बढ़ावा देगा

निवेश सलाहकार राहुल अग्रवाल ने बजट पर कहा कि यह बजट भारत को वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक शक्तिशाली और प्रतिस्पर्धी शक्ति बनने की दिशा में निर्णायक कदम प्रदान करता है, जो सबके लिए विकास और सक्षम भारत का निर्माण सुनिश्चित करेगा। अतिरिक्त जानकारी / उद्धरणों से संकेतयह बजट कर सुधार, पूंजीगत व्यय, MSMEs तथा तकनीकी नवाचार में संतुलन बनाता है।भारत का विकास लक्ष्य 7.4% GDP वृद्धि के साथ मजबूत और दीर्घकालिक है।पूंजीगत व्यय के विस्तार से बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार, रोजगार सृजन और निवेश वृद्धि की उम्मीद है

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