ताजा खबर-नहीं होगी पेट्रोल-डीजल की दिक्कत, भारत ने निकाल लिया होर्मुज का तोड़, दोस्त रूस भेज रहा 60000000 टन तेल का भंडार



नहीं होगी पेट्रोल-डीजल की दिक्कत, भारत ने निकाल लिया होर्मुज का तोड़, दोस्त रूस भेज रहा 60000000 टन तेल का भंडार
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -ईरान जंग की आग भारत में तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ने लगी है. LPG संकट के बाद देश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी लाइनें देखी जा रही है. LPG से जुड़े नियमों में ताबड़तोड़ बदलाव कर दिए गए. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करके तेल और गैस के आयात-निर्यात की चेन तोड़ दी है.जिसकी वजह से भारत समेत दुनिया के तमाम देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है. इस एनर्जी क्राइसिस से निकलने के लिए भारत ने रास्ता खोज लिया है. रूस से तेल की बड़ी खेप मंगवाई जा रही है. अमेरिका से तेल का आयात बढ़ाने के बाद अब भारत ने रूस से 60000000 टन कच्चा तेल खरीदा है. होर्मुज बंद होने की वजह से दुनियाभर में वैश्विक ऊर्जा संकट का खतरा मंडरा रहा है. कई देशों में एनर्जी इमरजेंसी घोषित कर दी है. कई पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए गए हैं. भारत में भी लोगों को तेल और गैस की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. इस संकट से निपटने के लिए भारत ने रूस की मदद मांगी है. रूस से 60 मिलियन टन कच्चा तेल खरीदने का आर्डर दे दिया है. अप्रैल में तेल के ये जहाज भारत पहुंच जाएंगे. भारत ने रूस से प्रति बैरल 5 से 15 डॉलर के प्रीमियम पर इस तेल की बुकिंग की है. इंटेलिजेंस फर्म केपलर के मुताबिक ये खरीद फरवरी की खरीद से दोगुनी है. तेल की ये खेप भारत में तेल की किल्लत को कम करने में मददगार होगा.
यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस के तेलों पर प्रतिबंध लगा दिया था. भारत ने इस प्रतिबंध के बावजूद रूस से तेल की खरीद जारी रखी, लेकिन अमेरिका की ओर से 25 फीसदी टैरिफ की पेनेल्टी लगाए जाने के बाद रूसी तेल से थोड़ी दूरी बना ली थी. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के बाद अमेरिका ने रूस और ईरान के तेलों से प्रतिबंध को अस्थाई तौर पर हटाया है. इस रोक के हटते ही भारत से रूस से तेल की बड़ी खरीदारी की है. भारत की रिफाइनरियों ने रूस से तेल की खरीद शुरू कर दी है. होर्मुज बंद होने के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट बना हुआ है.ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जब तक ईरान होर्मुज को पूरी तरह से नहीं खोलता है तब तक अमेरिका रूसी तेल पर प्रतिबंध की छूट को जारी रखेगा. भारत इस मौके का फायदा उठाते हुए रूसी तेल का सबसे बड़ा। खरीदार बन रहा है. वहीं रूस भी
बढ़ती मांग और तेल के बढ़ते दामों की वजह से मुनाफा कमा रहा है. उसने तेल पर दी जाने वाली छूट को कम कर दिया है. ऊर्जा संकट को कम करने के लिए भारत 41 से अधिक देशों से तेल की खरीद कर रहा है. अमेरिका, वेनेजुएला, सऊदी अरब, कतर, यूएई जैसे देशों से तेल आयात किए जा रहे हैं.भारत के कई जहाज होर्मुज के खतरे को पार कर देश पहुंच रहे हैं. भारत की मजबूती कूटनीतिक रणनीति की बदौलत शिवालिक, नंदा देवी, जग लाडकी समेत 6 जहाज भारत पहुंच रहे हैं. वहीं रूसी तेल के जहाज जो चीन के लिए निकले थे, वो भी भारत पहुंच रहे हैं


