खरीदी का अंतिम पड़ाव, जिला प्रशासन अलर्ट, शक्ति जिले में राइस मिलरों की बैठक ली कलेक्टर तोपनों ने,धान खरीदी केंद्रों में राइस मिलर करे अपने प्रतिनिधि नियुक्त, कलेक्टर के निर्देशन में शक्ति जिले में दो पटवारी एवं धान खरीदी प्रभारी पर भी हुई कार्रवाई, तोपनों ने किया अलर्ट- कहा कोई भी ना हो चूक



खरीदी का अंतिम पड़ाव, जिला प्रशासन अलर्ट, शक्ति जिले में राइस मिलरों की बैठक ली कलेक्टर तोपनों ने,धान खरीदी केंद्रों में राइस मिलर करे अपने प्रतिनिधि नियुक्त, कलेक्टर के निर्देशन में शक्ति जिले में दो पटवारी एवं धान खरीदी प्रभारी पर भी हुई कार्रवाई
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के राईस मिलर्स की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी कार्य के शेष बचे हुए दिनों में सभी संबंधित मिलर्स पूरी सजगता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित मिलर्स को सभी खरीदी केंद्रों में मिलर्स प्रतिनिधि भी रखने कहा। उन्होंने कहा कि धान खरीदी का कार्य अपने अंतिम पड़ाव की ओर है इस दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जारी डीओ के अनुसार समय-सीमा में धान का उठाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपार्जन केंद्रों में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। बैठक में कलेक्टर ने मिलर्स को गुणवत्ता मानकों का पालन करने, उपार्जन केंद्रों से समन्वय बनाए रखने तथा दैनिक प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की प्रक्रिया शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, व्यवस्थित एवं निर्धारित समय-सीमा में पूरी हो, इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, समिति प्रबंधक तथा मिलर्स आपसी तालमेल के साथ कार्य करें, ताकि पूरी प्रक्रिया सुचारू और समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री वासु जैन, अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र लकड़ा, जिला खाद्य अधिकारी, सहकारिता अधिकारी, जिले के मिलर्स सहित संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
धान खरीदी में बड़ी कार्रवाई: कलेक्टर के सख्त निर्देश पर सोनादुला उपार्जन केंद्र प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज
सक्ती-जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों के हितों से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के सीधे और सख्त निर्देश पर धान खरीदी में गंभीर अनियमितता पाए जाने के बाद धान उपार्जन केंद्र सोनादुला के खरीदी प्रभारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है।शासन से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में सोनादुला धान खरीदी केंद्र का संयुक्त जांच दल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान धान खरीदी प्रक्रिया में धान खरीदी नीति 2025-26 का स्पष्ट उल्लंघन, नियमों की अवहेलना तथा प्रक्रिया में घोर लापरवाही एवं अनियमितता सामने आई। जांच दल द्वारा संपूर्ण तथ्यों के आधार पर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। जांच प्रतिवेदन में धान खरीदी प्रभारी श्री हेमंत चंद्रा को धान उपार्जन कार्य में गंभीर रूप से दोषी पाया गया। प्रतिवेदन में उनके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक एवं कानूनी कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की गई थी। प्रतिवेदन का अवलोकन करते हुए कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने बिना किसी विलंब के निर्णायक कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारीगण को निर्देश जारी किए कि खरीदी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से धान खरीदी कार्य से पृथक किया जाए तथा उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर एफआईआर दर्ज कराई जाए।कलेक्टर श्री तोपनो ने स्पष्ट किया है कि शासन की धान खरीदी नीति किसानों के हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है और इसमें किसी भी स्तर पर की गई गड़बड़ी सीधे तौर पर किसानों के अधिकारों पर प्रहार है। ऐसी स्थिति में दोषियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे अधिकारी हो या कर्मचारी, यदि किसी ने भी धान खरीदी में भ्रष्टाचार, अनियमितता या लापरवाही की, तो उसके विरुद्ध कठोरतम प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिले में धान खरीदी व्यवस्था की सघन निगरानी के लिए शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक उपार्जन केंद्र में नोडल अधिकारियों एवं जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी प्रतिदिन धान खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया—किसानों की उपस्थिति, तौल, गुणवत्ता परीक्षण, भुगतान प्रक्रिया एवं रिकॉर्ड संधारण की नियमित निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके। जिला प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का न्यायसंगत मूल्य समय पर मिले, खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे और शासन की योजनाओं का लाभ सही पात्र हितग्राहियों तक पहुँचे। सोनादुला उपार्जन केंद्र में की गई यह कार्रवाई जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए कड़ा संदेश है कि नियमों से हटकर कार्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आगे भी सभी धान खरीदी केंद्रों में औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल एफआईआर एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
धान उपार्जन में लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, नोडल अधिकारी पटवारी निलंबित
सक्ती-शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील धान उपार्जन कार्य के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा मनमानी को जिला प्रशासन सक्ती द्वारा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन पर एक पटवारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। बता दे कि पटवारी श्री विशेश्वर सिंह सिदार को धान उपार्जन केन्द्र भोथिया का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया था। उन्हें शासन की इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफल संचालन हेतु पूर्ण जवाबदेही के साथ कार्य करना था, किंतु संबंधित कर्मचारी द्वारा अपने पदीय दायित्वों की अवहेलना की गई। कलेक्टर द्वारा टोकन सत्यापन के संबंध में आज आयोजित अतिआवश्यक समीक्षा बैठक में पटवारी श्री विशेश्वर सिंह सिदार बिना किसी सूचना एवं अनुमति के अनुपस्थित रहे। यह कृत्य न केवल गंभीर अनुशासनहीनता है, बल्कि शासन के कार्यों के प्रति घोर उदासीनता और स्वेच्छाचारिता है। उनकी गैर-जिम्मेदाराना अनुपस्थिति के कारण शासन की महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हुआ। यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि संबंधित पटवारी द्वारा धान उपार्जन केन्द्र भोथिया के कार्यों में भी लगातार लापरवाही बरती जा रही थी। शासन द्वारा सौंपे गए उत्तरदायित्वों के प्रति इस प्रकार का रवैया प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला एवं किसानों के हितों के प्रतिकूल पाया गया। उक्त कदाचार को देखते हुए पटवारी श्री विशेश्वर सिंह सिदार को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय भोथिया निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही, मनमानी या आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की कड़ी कार्रवाई: धान खरीदी में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त, पटवारी शेरसिंह राठिया निलंबित
सक्ती-खरीदी वर्ष 2025–26 के अंतर्गत जिले में पारदर्शी, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध जिला प्रशासन सक्त्ती ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में अनुविभाग मालखरौदा अंतर्गत समिति सकर्रा एवं सोनादुला में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी श्री शेरसिंह राठिया द्वारा शासन द्वारा सौंपे गए दायित्वों का घोर उल्लंघन किया गया। जिला प्रशासन की समीक्षा एवं जांच में यह तथ्य सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने न केवल भौतिक सत्यापन में लापरवाही बरती, बल्कि धान खरीदी से जुड़े टोकन सत्यापन में गंभीर अनियमितताएँ बरतीं। जिला प्रशासन ने इस आचरण को स्वेच्छाचारिता, कर्तव्यहीनता एवं शासन के निर्देशों की उपेक्षा पाए जाने पर इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उप नियम 03 के अंतर्गत कदाचार माना है। फलस्वरूप, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के उप नियम 09 के तहत श्री शेरसिंह राठिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील अड़भार नियत किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने कहा है कि किसानों से जुड़े संवेदनशील कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्ट आचरण या प्रशासनिक शिथिलता पाए जाने पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया अधिकारियों ने
सक्ती- 17 जनवरी को शक्ति कलेक्टर अमृत विकास तोपनों के निर्देशन में विभागीय अधिकारियों ने शक्ति जिले के विभिन्न स्थानों में राइस मिलों का निरीक्षण भी किया, इस दौरान शासन के निर्देशानुसार जहां भौतिक सत्यापन की कार्रवाई की गई तो वहीं कुछ मिलो में कमियां पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई भी की गई है



