सक्ती में साइबर फ्रॉड मामलों में होल्ड की गई राशि वापस लेने न्यायालय में महीनों से लंबित पड़े हैं आवेदन, नहीं हो रही कोई सुनवाई, न्यायालय ही करती है होल्ड रकम की वापसी का आदेश बैंकों को


सक्ती में साइबर फ्रॉड मामलों में होल्ड की गई राशि वापस लेने न्यायालय में महीनों से लंबित पड़े हैं आवेदन, नहीं हो रही कोई सुनवाई
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती- शक्ति शहर सहित जिले में विगत वर्षों में साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस विभाग द्वारा दिए जाने वाले जागरूकता संबंधित निर्देशों का पालन करते हुए पीड़ित खातेदारों द्वारा तत्काल इसकी सूचना दी जाती है, तथा सूचना मिलने पर साइबर टीम द्वारा बैंकों से खाता धारकों की फ्रॉड की गई राशि को भी बहुत हद तक होल्ड कर लिया जाता है, किंतु इस होल्ड की गई राशि को जब खाता धारक वापस लेने के लिए आवेदन करते हैं ,तो उसमें वैधानिक प्रक्रिया के तहत सिविल न्यायालय में इसका आवेदन करना होता है,तथा न्यायालय के आदेश के बाद बैंकों को संबंधित खाता धारक की होल्ड की गई राशि को वापस करने आदेशित किया जाता है, किंतु शक्ति शहर में विगत कई महीनो से ऐसे अनेक पीड़ित खाता धारक परेशान हो रहे हैं,जिन्होंने अपने आवेदन न्यायालय में लगा दिए हैं, किंतु न्यायालय से न जाने क्यों आज पर्यंत तक उनकी होल्ड की गई रकम वापसी का कोई आदेश नहीं हो पा रहा है, इसके पीछे कारण क्या है, यह तो समझ से बाहर है, किंतु यदि ऐसा ही होता रहा तो फिर साइबर फ्रॉड के मामलों में जागरूकता का क्या मायने रह जायेगा, वही इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि कहीं ना कहीं न्यायालय द्वारा पूर्व में किए गए होल्ड की गई रकम वापसी के आदेश का पालन कहीं ना कहीं बैंकों ने भी नहीं किया एवं वही पुलिस भी कहती है कि उनके द्वारा समय पर होल्ड की गई रकम वापसी से संबंधित प्रतिवेदन न्यायालय को प्रस्तुत कर दिया जाता है,तथा आगे का संपूर्ण अधिकार न्यायालय का ही है, किंतु ऐसी परिस्थितियों में आखिर पीड़ित खाताधारक क्या करेगे, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है



