छत्तीसगढ़ के पुलिस कप्तान गौरव बने देश के गौरव-पुलिस कप्तानों की टॉप 10 की सूची में गौरव जी ने बनाई अपनी जगह.फेम इंडिया एशिया सर्वे में गौरव साहब को मिले 875 अंक. छत्तीसगढ़ के सीएम साहब ने भी दी बधाई




छत्तीसगढ़ के पुलिस कप्तान गौरव बने देश के गौरव-पुलिस कप्तानों की टॉप 10 की सूची में गौरव जी ने बनाई अपनी जगह
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति छत्तीसगढ़ राज्य के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने अपनी कार्यशैली और पुलिस नेतृत्व के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान बनाई है, देश के टॉप-10 पुलिस कप्तानों में शामिल हुए है। फेम इंडिया–एशिया पोस्ट के ‘सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तान 2026’ सर्वे में उन्हें देश के टॉप-10 पुलिस कप्तानों में शामिल किया गया है। 875 अंकों के साथ इस सूची में जगह बनाने वाले वे छत्तीसगढ़ के इकलौते पुलिस अधिकारी बताए गए हैं।
गौरव को मुख्यमंत्री ने दी बधाई
गौरव राय की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने उनके दंतेवाड़ा में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण नक्सल प्रभावित क्षेत्र में उन्होंने रणनीतिक पुलिसिंग, नक्सल विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
दंतेवाड़ा में चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी से बनाई पहचान
2019 बैच के IPS अधिकारी गौरव राय मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की और छत्तीसगढ़ कैडर चुना। बीजापुर में सेवा देने के बाद वर्ष 2023 में उन्हें दंतेवाड़ा का पुलिस अधीक्षक बनाया गया।नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा में पुलिसिंग उनके लिए बड़ी चुनौती थी। सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का भरोसा कायम करना, अंदरूनी इलाकों में प्रशासन की पहुंच बढ़ाना और विकास कार्यों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना उनके कार्यकाल की प्राथमिकताओं में शामिल रहा।
सुरक्षा के साथ विकास पर भी रहा जोर
दंतेवाड़ा में उनकी रणनीति केवल नक्सल विरोधी अभियानों तक सीमित नहीं रही। सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय, स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं का प्रभावी इस्तेमाल और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।इसके साथ ही सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने पर भी पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाया गया। इससे अंदरूनी क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने और ग्रामीणों में विश्वास मजबूत करने की दिशा में प्रयास किए गए।
लोन वरटू’ अभियान को भी मिली गति
नक्सल समस्या के समाधान के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति को भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा बनाया गया। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले पूर्व नक्सलियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए गए। इसके पीछे उद्देश्य युवाओं और प्रभावित लोगों को हिंसा से दूर कर बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने का अवसर देना रहा।दंतेवाड़ा से बलौदाबाजार तक बदली पुलिसिंग की चुनौतीकरीब तीन साल दंतेवाड़ा में पुलिस की कमान संभालने के बाद जुलाई 2026 में हुए पुलिस विभाग के फेरबदल में गौरव राय को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का SP बनाया गया। यहां उनकी जिम्मेदारी नक्सल प्रभावित क्षेत्र से अलग है। शहरी और ग्रामीण अपराध, साइबर क्राइम, यातायात व्यवस्था, अवैध शराब और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे उनके सामने प्रमुख चुनौती हैं।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर भी फोकस
गौरव राय की पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण माना जाता है। निगरानी और अपराध नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए CCTV नेटवर्क और AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स जैसे तकनीकी साधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, घटनाओं के विश्लेषण और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।
30 अधिकारियों की विशेष सूची में चयन
फेम इंडिया–एशिया पोस्ट के सर्वे में पुलिस नेतृत्व, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा, अनुसंधान, विशेष अभियानों, तकनीक के इस्तेमाल और जनभागीदारी सहित कई मानकों को आधार बनाया गया। इस विशेष सूची में कुल 30 पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है, जिसमें 25 अधिकारी प्रमुख सूची में और 5 अधिकारी ‘सुपर-5’ श्रेणी में रखे गए हैं।गौरव राय का टॉप-10 में शामिल होना उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि के साथ-साथ बलौदाबाजार-भाटापारा और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है। दंतेवाड़ा जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अनुभव और अब बलौदाबाजार में नई जिम्मेदारी के बीच उनकी नेतृत्व शैली को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान खास मानी जा रही है।







