चंद्रपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी ने किया ओपन हाउस कैरियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन. डॉ.आर आरबीडी पाटील ने कहा- हमारी यूनिवर्सिटी एजुकेशन स्कीम के तहत स्किल बेस्ड शिक्षा पर देती है जोर



चंद्रपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित ओपी जिंदल यूनिवर्सिटी ने किया ओपन हाउस कैरियर काउंसलिंग सेमिनार का आयोजन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ राज्य की प्रतिष्ठित ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी, रायगढ़ द्वारा चंद्रपुर जोन के छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरस्वती शिशु मंदिर, चंद्रपुर में एक दिवसीय ओपन हाउस करियर काउंसलिंग सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। यह सेमिनार पूरे चंद्रपुर जोन के विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ।सेमिनार का संचालन ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आर.डी. पटिदार, डीन डॉ. गिरीश चंद्र मिश्रा तथा वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य डॉ. कविता पटेल, डॉ. पुष्पांजलि, डॉ. स्वाति, डॉ. दीप्ति और मिस अंकिता के मार्गदर्शन में हुआ।इन सभी विशेषज्ञों ने चंद्रपुर जोन के 40 से अधिक छात्र-छात्राओं व 50 शिक्षकों को स्किल फोकस्ड उच्च शिक्षा, इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से तैयार किए गए कोर्सेस, आकर्षक स्कॉलरशिप योजनाओं तथा हाईएस्ट प्लेसमेंट की विस्तृत जानकारी दी।यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने बताया कि ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी चंद्रपुर जोन की ए-ग्रेड हाईएस्ट प्लेसमेंट वाली इंडस्ट्रियल लिंक्ड यूनिवर्सिटी है, जो छात्रों को सीधे उद्योग जगत से जोड़ती है। यहां विभिन्न प्रकार के आधुनिक और स्किल-ओरिएंटेड कोर्सेस उपलब्ध हैं, जिससे विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार बेहतरीन करियर चुन सकें।
डॉ. आर.डी. पटिदार ने अपने संबोधन में कहा, “हमारी यूनिवर्सिटी न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत स्किल-बेस्ड शिक्षा पर विशेष जोर देती है, जो इंडस्ट्री की वर्तमान जरूरतों को पूरा करती है। साथ ही छात्रों को अच्छी स्कॉलरशिप और शानदार प्लेसमेंट का पूरा भरोसा दिलाता है।”इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर चंद्रपुर के प्राचार्य श्री जगन्नाथ नायक तथा समलाई बाल कल्याण समिति के सदस्य अध्यक्ष प्रेम किशोर पटेल, सुपचंद पटेल, सीताराम देवांगन की गरिमामयी उपस्थिति रही। श्री जगन्नाथ नायक जी ने अपने संम्बोधन में कहा की ओ.पी. जिंदल यूनिवर्सिटी के इस प्रयास से न केवल छात्रों के करियर संबंधी संदेह दूर हुए, बल्कि उनके भविष्य को नई दिशा भी मिली



