चैत्र नवरात्रि आपके लिए है शुभ एवं फलदाई। सुप्रसिद्ध विद्वान पंडित बृजेश मिश्रा ने नवरात्रि पर्व को लेकर कहीं अपनी बातें। कलश के लिए पुराने लोटे की बजाय नए पात्र का ही करें उपयोग



चैत्र नवरात्रि आपके लिए है शुभ एवं फलदाई। सुप्रसिद्ध विद्वान पंडित बृजेश मिश्रा ने नवरात्रि पर्व को लेकर कहीं अपनी बातें। कलश के लिए पुराने लोटे की बजाय नए पात्र का ही करें उपयोग
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -शक्ति अंचल के विद्वान पंडित बृजेश मिश्रा ने कहा है कि बसंतीय नवरात्रि आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि इस साल 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6.50, से 8.00, तक या 11.30,12.30 तक अभिजीत मुहूर्त में करें ।सनातन धर्म में इन नौ दिनों को आत्मशुद्धि और सौभाग्य के द्वार खोलने वाला माना गया है. जगत जननी मां जगदंबा के नौ दिव्य स्वरूपों की आराधना न सिर्फ मन की नकारात्मकता को मिटाती है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि का संचार भी करती है. आइए जानते हैं नवरात्रि के पहले दिन के विशेष उपाय.सनातन परंपरा में चैत्र नवरात्रि का विशेष आध्यात्मिक महत्व है. यह पर्व न सिर्फ शक्ति की उपासना का समय है, बल्कि जीवन में सकारात्मकता और नई ऊर्जा के संचार का अवसर भी है. पंचांग के मुताबिक, इस साल चैत्र नवरात्रि का उत्सव 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है
श्री मिश्रा जी कहते हैं किधार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो श्रद्धालु नौ दिनों का पूर्ण उपवास रखने में असमर्थ हैं, वे सिर्फ पहले और आखिरी दिन का व्रत रखकर भी मां दुर्गा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं. शास्त्रों में कुछ ऐसे आसान और शक्तिशाली उपायों का वर्णन है, जिन्हें नवरात्रि के पहले दिन करने से घर में खुशहाली का वास होता है.नवरात्रि के प्रथम दिन घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्वास्तिक बनाना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है. स्वास्तिक सिर्फ एक चिन्ह नहीं, बल्कि शुभता और मंगल का प्रतीक है. इसे द्वार पर लगाने से आर्थिक तंगी और करियर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. साथ ही घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करतीं. परिवार के सदस्यों की उन्नति के मार्ग खुलते हैं,घर की शुद्धि और देवी के स्वागत के लिए मुख्य द्वार पर ताजे आम के पत्तों का वंदनवार (तोरण) लगाना बहुत शुभ है. शास्त्रों के अनुसार, आम के पत्तों में देवत्व का वास होता है. नवरात्रि के पहले दिन इन्हें लगाने से घर का वातावरण भक्तिमय और पवित्र बना रहता है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती है.घर के मुख्य द्वार के दाईं ओर जल से भरा कलश रखना विशेष फलदायी है. इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. कलश के लिए किसी पुराने लोटे के बजाय नए पात्र का ही उपयोग करें. यह उपाय कुंडली में शुक्र और चंद्रमा को मजबूती प्रदान करता है. इससे न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि भौतिक सुख-सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होती है.ज्योतिष शास्त्र में नवरात्रि के नौ दिनों को उपायों के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है. प्रतिपदा तिथि से शुरू किए गए ये छोटे-छोटे कार्य दरिद्रता का नाश करते हैं और पारिवारिक सदस्यों के बीच प्रेम एवं सामंजस्य बढ़ाते हैं. माता दुर्गा की उपासना और ये आसान अनुष्ठान भक्त के जीवन से अंधकार को मिटाकर खुशहाली का सवेरा लाते हैं


