बड़ी खबर-आज 27 अप्रैल को बाराद्वार शहर की सभी कीटनाशक दवा दुकान रहेंगी बंद. अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है दुकानदार. ओमप्रकाश जिंदल ने भी जानकारी श्री जिंदल ने कहा- उर्वरको की उपलब्धता रिटेलर के गोदाम तक हो सुनिश्चित


बड़ी खबर-आज 27 अप्रैल को बाराद्वार शहर की सभी कीटनाशक दवा दुकान रहेंगी बंद. अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है दुकानदार. ओमप्रकाश जिंदल ने भी जानकारी श्री जिंदल ने कहा- उर्वरको की उपलब्धता रिटेलर के गोदाम तक हो सुनिश्चित
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर आज 27 अप्रैल को शक्ति जिले के बाराद्वार में ल खाद-बीज-कीटनाशक दुकानें बंद रहेंगी.व्यापारियों के राष्ट्रीय संगठन ‘ऑल इंडिया एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन’ के आह्वान पर 27 अप्रैल को देशभर के साथ-साथ बाराद्वार नगर की सभी खाद, बीज एवं कीटनाशक दुकानें बंद रहेंगी। स्थानीय विक्रेता संघ के ओमप्रकाश जिंदल ने बताया कि राज्य एवं केंद्र सरकार से लगातार मांग करने के बावजूद व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं होने के विरोध में महाराष्ट्र राज्य संगठन ‘माफड़ा’ द्वारा 27 अप्रैल से अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया गया है। उसी के समर्थन में देशभर में सांकेतिक हड़ताल की
जा रही है। जिसके तहत बाराद्वार की सभी खाद एवं कीटनाशक दुकानें बंद रहेंगी। व्यापारियों की 6 सूत्रीय मांगों को लेकर नगर के कृषि सामान व्यापारी संघ ने 24 अप्रैल को प्रधानमंत्री के नाम बाराद्वार तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन सौंपने वालों में जिंदल सेल्स, प्रकाश खाद भंडार, किसान बीज भंडार एवं आशीष कृषि केंद्र के प्रतिनिधि शामिल थे।अप्रैल अंत में खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। किसान बीज-खाद लेने दुकानों पर पहुंच रहे हैं। एक दिन की हड़ताल से किसानों को असुविधा हो सकती है। हालांकि इसके लिए तैयार है।
खाद विक्रेता संघ की:6 सूत्रीय मांगे
01- डीलर मार्जिन 8% किया जाए, उर्वरकों में वर्तमान 1.5% मार्जिन को बढ़ाकर कम से कम 8% किया जाए।
02- रिटेलर के गोदाम तक उर्वरकों की पहुंच सुनिश्चित की जाए।
03- खाद, बीज एवं कीटनाशक के सैंपल फेल होने पर निर्माता कंपनियों पर कार्रवाई हो, व्यापारी को केवल गवाह के रूप में प्रस्तुत किया जाए।
04- साथी पोर्टल के माध्यम से लागू बीज विक्रय योजना को उत्पादक कंपनियों तक ही सीमित रखा जाए।
05- निर्माता कंपनियों द्वारा उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग पूर्ण रूप से बंद की जाए।
06- देश में लागू की जा रही ई-टोकन प्रणाली को स्थगित किया जाए।






