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सादगी पूर्ण विवाह करने वालों को अग्रवाल संगठन करेगा सम्मानित- डॉक्टर अशोक अग्रवाल, अशोक ने कहा- विवाह कैसे करें : एक दिन का उत्सव या उम्र भर का सुकून, चॉइस आपकी अपनी है, यह शादी नहीं, एक क्रांति है, दिखावे की जंजीर तोड़ने की

सादगी पूर्ण विवाह करने वालों को अग्रवाल संगठन करेगा सम्मानित- डॉक्टर अशोक अग्रवाल, अशोक ने कहा- विवाह कैसे करें : एक दिन का उत्सव या उम्र भर का सुकून, चॉइस आपकी अपनी है, यह शादी नहीं, एक क्रांति है, दिखावे की जंजीर तोड़ने की kshititech
छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष डॉ अशोक सियाराम अग्रवाल रायपुर

सादगी पूर्ण विवाह करने वालों को अग्रवाल संगठन करेगा सम्मानित- डॉक्टर अशोक अग्रवाल, अशोक ने कहा- विवाह कैसे करें : एक दिन का उत्सव या उम्र भर का सुकून, चॉइस आपकी अपनी है, यह शादी नहीं, एक क्रांति है, दिखावे की जंजीर तोड़ने की

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- वर्तमान समय में विवाह के आयोजनों की भव्यता ने सारी सीमाएं लांघ दी हैं, एक समय था जब सादगी से विवाह संपन्न होते थे, किंतु आज वैवाहिक आयोजनों में पैसे खर्च करने की होंड मची हुई है, तथा पैसे खर्च करने की तो कोई सीमा ही नहीं रह गई है, करोड़ों करोड़ों रुपए एक-एक विवाह में खर्च हो रहे हैं,साथ ही विवाह से पूर्व प्री वेडिंग पर भी लाखों रुपए परिवारों द्वारा खर्च किए जा रहे हैं, एवं विवाह में एक परिचर्चा में छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के प्रदेश अध्यक्ष, एवं अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ अशोक अग्रवाल ने कहा कि, जहाँ आजकल लोग शादी के नाम पर, एक या दो दिन का उत्सव कर 20-30 लाख से लेकर करोड़ों रुपए तक उड़ाकर ‘वाह-वाही’ लूटते हैं, इसकी बजाय आज के युवा साथियों को चाहिए कि,वे अपने मां-बाप को समझाएं कि उन्हें एक दिन का उत्सव नहीं, जीवन भर का सुकून चाहिए,वे अपने मां-बाप से कहें कि , खर्चीली शादी करने की बजाय, वर वधु दोनों के नाम से वे अपने बजट के अनुसार एक सुंदर सा मकान , फ्लैट खरीदना चाहते हैं, ताकि वह सुकून से वहां अपना जीवन यापन कर सकें. शादी की सारी रस्में भी वे अपने इसी मकान में शादी मुहूर्त के अनुसार करना चाहते हैं, विवाह में सिर्फ निकटतम रिश्तेदारों को बुलाएं और एक छोटा सा सादगी पूर्ण रिसेप्शन, मकान के इस मुहूर्त के अवसर पर शादी का रखें. सारे मांगलिक कार्य भी अपने ही मकान में करें।डॉ अग्रवाल ने बताया कि, उनके परिचित एक कपल ने शादी कापैसा उठाया और अपना पहला घरखरीद लिया, मां बाप से कहा कि हम अपनी शादी इसी मकान में करेंगे,और सबसे खूबसूरत बात?
उन्होंने सात फेरे उसी नए घर के आँगन में लिए बिना डीजे, बिना आतिशबाजी, बिना भारी मेहमानों की भीड़।सिर्फ करीबी परिवार, सच्चा प्यार और वो खुशी जो कर्ज़ के बोझ से मुक्त रही।कल्पना कीजिए-जिस दिन वे पति-पत्नी बने, उसी दिन से उनकी छत उनके नाम रही,वे कहते हैं, हर सुबह उठकर देखना कि ये दीवारें, ये कमरे सब उनकी मेहनत और समझदारी की निशानी हैं, बड़ा सुकून देता है। 20 साल तक EMI चुकाते हुए ‘क्या हुआ अगर-मगर सोचते रहने से तो ये काफी अच्छा है,यह शादी नहीं, एक क्रांति है, दिखावे की जंजीर तोड़ने की, दिखावे के दबाव को ठुकराने की और सबसे पहले—अपने सपनों को प्राथमिकता देने की

डॉ अग्रवाल ने कहा कि उनका संदेश साफ है शादी का असली मंडप, खर्चीला मंडप नहीं, वो घर है जहाँ आपका भविष्य सुरक्षित है। जहाँ हर कोना प्यार की गवाही दे, न कि कर्ज़ की याद दिलाए।युवा साथियों से आवाहन करते हुए उन्होंने कहा कि,आप उनकी और मत देखिए जो करोड़ों खर्च करते हैं, वह तो पहले से करोड़ों के कर्ज में दबे होते हैं, वे सोचते हैं कि कुछ करोड़ का कर्ज और चढ़ जाएगा तो क्या फर्क पड़ता है, परंतु फर्क आपको पड़ता है, समाज में बदलाव भी आप ही लाएंगे।अगली बार जब भी शादी की प्लानिंग हो, तो खुद से पूछिए की मैं एक रात की चमक चाहता हूँ, या जिंदगी भर की रोशनी,यह सिर्फ सोच नहीं, हजारों युवाओं के लिए नई शुरुआत है,सादगी अपनाओ। समझदारी चुनो। क्योंकि असली हीरो वो नहीं जो सबसे महंगी शादी करता है, बल्कि वो है जो गृहस्ती की सबसे मजबूत नींव रखता है।शादी मनाओ दिल से, जीयो घर भर के उन्होंने यह भी कहा कि, वे यह विश्वास दिलाते हैं, जो भी युवा कपल, सादगी पूर्ण विवाह अपनाएगा समाज उसे अपने हर मंच से सम्मानित करेगा

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