एक चिट्ठी धरती मां के नाम-प्रकृति की रक्षा मेरा वादा है.संस्कार पब्लिक स्कूल सक्ती में ‘ढाई आखर’ पत्र – लेखन प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न. प्रतियोगिता के विषय को लेकर प्रतिभागियों में दिखा उत्साह




एक चिट्ठी धरती मां के नाम-प्रकृति की रक्षा मेरा वादा है.संस्कार पब्लिक स्कूल सक्ती में ‘ढाई आखर’ पत्र – लेखन प्रतियोगिता का आयोजन सम्पन्न. प्रतियोगिता के विषय को लेकर प्रतिभागियों में दिखा उत्साह
भक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -12 अक्टूबर 2026 को भारतीय डाक विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘ढाई आखर पत्र लेखन अभियान 2026-27’ के अंतर्गत संस्कार पब्लिक स्कूल, सक्ती में सोमवार को पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन विद्यालय के पुस्तकालय कक्ष में किया गया। प्रतियोगिता का विषय ‘एक चिट्ठी धरती माँ के नाम : प्रकृति की रक्षा मेरा वादा है’ निर्धारित था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में पत्र लेखन कौशल विकसित करने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना था।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए धरती माँ के प्रति अपने भाव व्यक्त किए तथा पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार पत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किए। बच्चों की सक्रिय सहभागिता ने प्रकृति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जागरूकता को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री वी. के. मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्र लेखन केवल विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनाओं, संस्कारों और सामाजिक दायित्वों को व्यक्त करने की एक सशक्त विधा है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने, पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा लेखन के माध्यम से सकारात्मक सामाजिक संदेश प्रसारित करने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने महत्वपूर्ण सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। उनके प्रोत्साहन से विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह और रचनात्मकता के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में सृजनात्मक लेखन, चिंतनशीलता और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित किया।विद्यालय प्रबंधन ने इस प्रकार की शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।






