आम आदमी को बड़ी राहत-छत्तीसगढ़ में जमीन सीमांकन की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, सात दिन में लागू होगा नया मॉड्यूल.ऑनलाइन की रिपोर्ट भी होगी ऑनलाइन. सिर्फ आपत्ति होने पर ही जाना होगा तहसील कार्यालय

छत्तीसगढ़ में जमीन सीमांकन की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन, सात दिन में लागू होगा नया मॉड्यूल.ऑनलाइन की रिपोर्ट भी होगी ऑनलाइन. सिर्फ आपत्ति होने पर ही जाना होगा तहसील कार्यालय

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -छत्तीसगढ़ में जमीन के सीमांकन के लिए अब लोगों को तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने सीमांकन प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने की दिशा में नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी सुधार कर नया मॉड्यूल सात दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत सीमांकन के आवेदन लोक सेवा केंद्र (सीएससी/चॉइस सेंटर), राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटिजन पोर्टल अथवा सेवा सेतु के माध्यम से जमा किए जा सकेंगे। ऑफलाइन या मैन्युअल आवेदन को तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था समाप्त की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी पर पहुंचेगा। राजस्व निरीक्षक को भी सीमांकन से संबंधित रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करने की सुविधा दी जाएगी। इससे आवेदक अपने आवेदन की प्रगति और उससे संबंधित जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगा। राजस्व विभाग की भू-अभिलेख शाखा ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के तकनीकी निदेशक को ई-कोर्टसॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव कर सात दिनों के भीतर नया मॉड्यूल लागू करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था में आवेदक को तहसील कार्यालय केवल उस स्थिति में जाना होगा, जब सीमांकन के दौरान पड़ोसी या किसी अन्य पक्ष की ओर से औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई जाती है।निर्विवाद मामलों में सीमांकन की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। विभाग के अनुसार व्यवस्था के डिजिटल होने से आवेदकों की अनावश्यक भागदौड़ कम होगी और सीमांकन प्रकरणों की निगरानी भी आसान होगी। तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी करने और आवेदकों को सीमांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। राजस्व विभाग इससे पहले भी कई सेवाओं को ऑनलाइन कर चुका है। नागरिक डिजिटल हस्ताक्षरित बी-1 एवं पी-2 तथा क्यूआर कोडयुक्त खसरा-खतौनी की प्रमाणित प्रतियां ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। नामांतरण आवेदन और उसकी स्थिति की जानकारी के साथ नजरी नक्शा, डायवर्सन तथा नजूल भूमि से संबंधित विभिन्न सेवाएं भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं। राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकती है।

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