बैंक स्टेटमेंट में छुपा है पैसे गायब होने का राज- हर महीने ऐसे कट रही है आपकी कमाई

बैंक स्टेटमेंट में छुपा है पैसे गायब होने का राज- हर महीने ऐसे कट रही है आपकी कमाई शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर शक्ति -क्या आपने कभी अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट खोलकर आखिरी लाइन तक देखा है? शायद नहीं देखा होगा… क्योंकि हममें से ज्यादातर लोग सिर्फ इतना देखते हैं कि सैलरी …



बैंक स्टेटमेंट में छुपा है पैसे गायब होने का राज- हर महीने ऐसे कट रही है आपकी कमाई
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -क्या आपने कभी अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट खोलकर आखिरी लाइन तक देखा है? शायद नहीं देखा होगा… क्योंकि हममें से ज्यादातर लोग सिर्फ इतना देखते हैं कि सैलरी आ गई या नहीं? UPI से पेमेंट हो गया या नहीं? लेकिन इसी स्टेटमेंट में कुछ ऐसी एंट्रियां भी होती हैं जो हर महीने चुपचाप आपका पैसा निकाल रही होती हैं. रकम छोटी होती है, इसलिए नजर नहीं जाती, लेकिन जब इन्हीं छोटी-छोटी रकमों को पूरे साल जोड़िए तो पता चलता है कि हजारों रुपये बिना नोटिफिकेशन या बिना आपको सूचित किए आपके खाते से निकल चुके हैं. अब सवाल है कि ये पैसा आखिर जा कहां रहा है?इस सवाल का पहला जवाब छिपा है उन ऐप्स में जिन्हें आपने कभी सिर्फ ट्राई करने के लिए डाउनलोड किया था. आज लगभग हर ऐप आपको 7 दिन 14 दिन या 30 दिन का फ्री ट्रायल देता है. उस समय लगता है कि इसमें नुकसान ही क्या है? फ्री में इस्तेमाल करके देख लेते हैं. लेकिन यहीं पर ज्यादातर लोग एक छोटी-सी गलती कर बैठते हैं. वे कार्ड, UPI या बैंक अकाउंट की डिटेल भर देते हैं और साथ ही ऑटो पेमेंट का मैंडेट भी मंजूर कर देते हैं. यहीं से शुरू होता है ‘साइलेंट ट्रांजैक्शन’ का खेल.अब सोचिए… आपने ऐप का इस्तेमाल दो-चार दिन किया..फिर भूल गए. लेकिन ऐप आपको नहीं भूलता. फ्री ट्रायल खत्म होते ही वही ऐप आपके खाते से हर महीने पैसे काटना शुरू कर देता है. कई बार तो लोगों को महीनों तक पता ही नहीं चलता क्योंकि रकम 99 रुपये 199 रुपये या 299 रुपये जैसी होती है और यही छोटी रकम धीरे-धीरे बड़ी रकम बन जाती है. इस पूरे मसले पर हमने केस स्टडी की और जो खुलासा हुआ है वो चौंकाने वाला है.
ज्यादातर ऐप पहले 7 या 14 दिन का फ्री ट्रायल देते हैं, लेकिन उसी समय ऑटो डेबिट का मैंडेट भी ले लेते हैं. इसके बाद जैसे ही ट्रायल खत्म होता है, आपके खाते से पैसे कटने शुरू हो जाते हैं.साइबर एक्सपर्ट की मानें तो ज्यादातर मामलों में एक छोटी सी गलती हमारी ओर से ही होती है. यानि जब हम किसी एप का सब्सक्रिप्शन लेते हैं तो उसी के साथ हम उन्हें ये कन्सेंट भी दे देते हैं कि जब उनका फ्री ट्रायल खत्म होगा तो वो हमारे खाते से सब्सक्रिप्शन शुल्क काट लें. लेकिन आप गौर क्यों नहीं करते इसकी भी वजह है. जो कन्सेंट का कॉलम होता है वो महज चार से पांच लाइन का होता है जिसे आप ध्यान से कभी पढ़ते नहीं, बस आई एग्री पर क्लिक करते हैं और आप उन्हें अपने खाते से रकम काटने की इजाजत दे देते हैं.आपको ये जानकर हैरानी होगी कि ये कन्सेंट आप थर्ड पार्टी पेमेंट एप जैसे पेटीएम या भीम या गूगल यूपीआई से देते हैं या फिर अपने क्रेडिट कार्ट की डीटेल भरकर. अब ऐसे में आप बैंकिंग ऐप से भी इन्हें बंद नहीं कर पाएंगे







