हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आये मासूम बच्चे को बचाने मां ने लगा दी अपनी जान जोखिम में


हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आये मासूम बच्चे को बचाने मां ने लगा दी अपनी जान जोखिम में
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -मध्य प्रदेश के सागर जिले के खुरई में मां की ममता और साहस की मिसाल पेश करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां करंट की चपेट में आए ढाई वर्षीय मासूम की जान उसकी मां ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचा ली। हाई-वोल्टेज करंट से चिपके बेटे को छुड़ाने के प्रयास में मां भी करंट की चपेट में आ गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आखिरकार अपने बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल मां और बेटा दोनों अस्पताल में उपचाराधीन हैं और खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।जानकारी के अनुसार, सोमवार रात खुरई की आवास कॉलोनी में कप्तान अहिरवार का ढाई वर्षीय बेटा श्रेयांश घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान उसने पास लगे एक लोहे के पाइप को पकड़ लिया।बताया जा रहा है कि तकनीकी खराबी के कारण उस पाइप में हाई-वोल्टेज करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट लगते ही मासूम का हाथ पाइप से चिपक गया और वह दर्द से चीखने-छटपटाने लगा।घर के भीतर मौजूद मां ज्योति अहिरवार ने जैसे ही बेटे की चीख सुनी, वह दौड़कर बाहर पहुंचीं। सामने बेटे को करंट से तड़पते देख उन्होंने बिना देर किए उसे छुड़ाने का प्रयास किया। पहले प्रयास में उन्हें भी करंट का तेज झटका लगा और वह पीछे जा गिरीं।इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बेटे की जान बचाने के लिए उन्होंने दोबारा साहस जुटाया और पूरी ताकत से उसे करंट की चपेट से अलग कर लिया। उनके इस साहसिक कदम से एक बड़ा हादसा टल गया।हादसे में श्रेयांश का हाथ झुलस गया, जबकि मां भी करंट की चपेट में आने से घायल हो गईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल खुरई के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।डॉक्टरों के अनुसार, समय रहते मां की सूझबूझ और साहस के कारण मासूम की जान बच गई। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में उनका इलाज जारी है।यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि संकट की घड़ी में मां अपने बच्चे की रक्षा के लिए हर खतरे का सामना करने को तैयार रहती है। खुरई की इस घटना ने हर किसी को भावुक कर दिया और मां की ममता तथा अदम्य साहस की नई मिसाल पेश की है।

