शक्ति जिले के सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के अवकाश पर लगा प्रतिबंध. विधानसभा सत्र के दौरान नहीं मिलेगी छुट्टियां. कलेक्टर ने जारी किया आदेश.शक्ति जिले में शासन की योजनाओं से सँवर रहा हितग्राहियों का जीवन. जिले के परिवारों को मिली ₹12 लाख रुपए की सहायता राशि. जिले में विधानसभा के सवालों का जवाब देने नियुक्त किए गए प्रभारी


शक्ति जिले के सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के अवकाश पर लगा प्रतिबंध. विधानसभा सत्र के दौरान नहीं मिलेगी छुट्टियां. कलेक्टर ने जारी किया आदेश.शक्ति जिले में शासन की योजनाओं से सँवर रहा हितग्राहियों का जीवन. जिले के परिवारों को मिली ₹12 लाख रुपए की सहायता राशि
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -राज्य शासन की महत्वाकांक्षी बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बन रही है। इस योजना से जुड़कर अनेक महिलाओं ने अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है जैजैपुर विकासखंड के ग्राम ठठारी निवासी श्रीमती मेला चंद्रा की, जिन्होंने संघर्षों से निकलकर सफलता की नई पहचान बनाई और आज एक सफल उद्यमी तथा “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं। श्रीमती मेला चंद्रा बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले तक उनके परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण थी। सीमित आय के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करना कठिन होता था। गृहणी होने के कारण उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था, जिससे आर्थिक परेशानियां बनी रहती थीं। इसी दौरान वे बिहान योजना के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, वित्तीय प्रबंधन और स्वरोजगार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। योजना के तहत उन्हें आरएफ राशि और ऋण सुविधा का लाभ मिला, जिसने उनके आत्मनिर्भर बनने के सपने को नई दिशा दी। शासन की सहायता और अपनी मेहनत के बल पर उन्होंने फर्नीचर व्यवसाय शुरू किया। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय आगे बढ़ने लगा और आय में लगातार वृद्धि होने लगी। बेहतर आय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आया। आज उनका फर्नीचर व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है और वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं। श्रीमती मेला चंद्रा कहती हैं कि बिहान योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान किया। इसी का परिणाम है कि आज वे “लखपति दीदी” की श्रेणी में शामिल होकर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। वे अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ने तथा शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ें और उपलब्ध अवसरों का लाभ लें, तो वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। श्रीमती मेला चंद्रा ने अपनी सफलता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का नया अवसर दिया है।
सफलता की कहानी-महतारी वंदन योजना से लक्ष्मीन सिदार के जीवन में आई आर्थिक मजबूती
शक्ति -छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहभागी बनने का अवसर दे रही है। सक्ती जिले के ग्राम पंचायत जेठा निवासी श्रीमती लक्ष्मीन सिदार भी इस योजना से लाभान्वित होकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार का अनुभव कर रही हैं। श्रीमती लक्ष्मीन सिदार बताती हैं कि पहले घरेलू खर्चों और बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली मासिक सहायता राशि ने उनके परिवार को आर्थिक राहत प्रदान की है। योजना की राशि नियमित रूप से उनके बैंक खाते में जमा हो रही है और अब तक उन्हें 28वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। वे प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों की पालन पोषण तथा घर की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इससे परिवार का आर्थिक बोझ कम हुआ है और बच्चों की पढ़ाई भी सुचारु रूप से जारी है। श्रीमती लक्ष्मीन सिदार का कहना है कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक सहायता के साथ आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए एक सशक्त सहारा बनकर उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है
विधानसभा सत्र अवधि में अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध
शक्ति -छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का दशम सत्र 13 जुलाई 2026, सोमवार से प्रारंभ होने के फलस्वरूप विधानसभा सत्र के अवसान तक जिले के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। निर्देशानुसार कोई भी अधिकारी किसी भी प्रकार के अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेंगे तथा अपने निर्धारित मुख्यालय पर ही उपस्थित रहेंगे। कार्यालय प्रमुख अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं करेंगे। अवकाश की नितांत आवश्यकता होने पर ही कलेक्टर, सक्ती द्वारा अवकाश स्वीकृत किया जाएगा, जिसके लिए संबंधित नस्ती विभाग प्रमुख द्वारा स्वीकृति हेतु प्रस्तुत की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने मोबाइल नंबर पर उपलब्ध रहना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधानसभा प्रश्नों के त्वरित निराकरण हेतु जिला स्तर पर नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त
शक्ति -छत्तीसगढ़ की षष्ठम विधानसभा का दशम सत्र 13 जुलाई 2026, सोमवार से प्रारंभ होने के फलस्वरूप विधानसभा प्रश्नों के उत्तर की त्वरित जानकारी प्राप्त करने एवं समय-सीमा में उत्तर शासन को भेजने हेतु जिला स्तर पर अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र लकड़ा को नोडल अधिकारी तथा संयुक्त कलेक्टर श्री अरुण कुमार सोम को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है
आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत
शक्ति -राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील छपोरा अंतर्गत ग्राम कुदरा निवासी मृतक स्व. श्री जोगिन्दर निराला का तालाब के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस मृतक के भाई श्री गोविंदा निराला पिता स्व श्री गुहाराम निराला को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है
आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत
शक्ति -राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील जैजैपुर अंतर्गत ग्राम नंदेली निवासी मृतक स्व. श्रीमती रुकमणी भाट का नदी के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने पर उनके निकटतम वारिस मृतक के पति श्री झरोखा लाल भाट पिता श्री मोतीराम भाट को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है
आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत
शक्ति -राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील नया बाराद्वार अंतर्गत ग्राम डेरागढ़ निवासी मृतक स्व. श्री यशवंत साहू को खदान के तालाब के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने से निकटतम वारिस मृतक के पत्नी श्रीमती ईतवारा बाई पति स्व श्री यशवंत साहू को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।

