बड़ा बनने के लिए बड़ा स्कूल नहीं अपितु बड़े संस्कार एवं बड़े लक्ष्य है जरूरी- अमर सुल्तानिया.सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेश उत्सव: हरि लीला ट्रस्ट ने बढ़ाया उत्साह, संगीत गतिविधियों के लिए भेंट किए वाद्य यंत्र, नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दिए उपहार

बड़ा बनने के लिए बड़ा स्कूल नहीं अपितु बड़े संस्कार एवं बड़े लक्ष्य है जरूरी- अमर सुल्तानिया.सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेश उत्सव: हरि लीला ट्रस्ट ने बढ़ाया उत्साह, संगीत गतिविधियों के लिए भेंट किए वाद्य यंत्र, नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दिए उपहार kshititech
शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम
बड़ा बनने के लिए बड़ा स्कूल नहीं अपितु बड़े संस्कार एवं बड़े लक्ष्य है जरूरी- अमर सुल्तानिया.सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेश उत्सव: हरि लीला ट्रस्ट ने बढ़ाया उत्साह, संगीत गतिविधियों के लिए भेंट किए वाद्य यंत्र, नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दिए उपहार kshititech
शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम
बड़ा बनने के लिए बड़ा स्कूल नहीं अपितु बड़े संस्कार एवं बड़े लक्ष्य है जरूरी- अमर सुल्तानिया.सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेश उत्सव: हरि लीला ट्रस्ट ने बढ़ाया उत्साह, संगीत गतिविधियों के लिए भेंट किए वाद्य यंत्र, नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दिए उपहार kshititech
शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम

बड़ा बनने के लिए बड़ा स्कूल नहीं अपितु बड़े संस्कार एवं बड़े लक्ष्य है जरूरी- अमर सुल्तानिया.सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेश उत्सव: हरि लीला ट्रस्ट ने बढ़ाया उत्साह, संगीत गतिविधियों के लिए भेंट किए वाद्य यंत्र, नवप्रवेशी विद्यार्थियों को दिए उपहार

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति-“बड़ा बनने के लिए बड़े स्कूल नहीं, बड़े संस्कार और बड़ा लक्ष्य जरूरी है।” सरस्वती शिशु मंदिर, नैला-जांजगीर में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में मुख्य अतिथि एवं हरि लीला ट्रस्ट के ट्रस्टी, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमर सुल्तानिया ने यह संदेश देते हुए विद्यार्थियों को जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने, संस्कारों से जुड़े रहने और निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर ऐसी संस्था है जो शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और राष्ट्रभावना का भी संस्कार देती हैं, यही इसकी सबसे बड़ी पहचान है।बुधवार 01 जुलाई को सरस्वती शिशु मंदिर नैला जांजगीर में आयोजित प्रवेश उत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंचल की अग्रणी समाजसेवी संस्था हरि लीला ट्रस्ट, बनारी की ओर से विद्यालय को संगीत गतिविधियों के लिए वाद्य यंत्र प्रदान किया जाना रहा। ट्रस्ट ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को उपहार भी वितरित किए, जिससे बच्चों के चेहरे खिल उठे और सभी ने इस पहल की सराहना की।अपने उद्बोधन में अमर सुल्तानिया ने कहा कि विद्यार्थियों को महापुरुषों के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने संस्कारों को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि ऊंचाइयों तक पहुंचने के बाद भी व्यक्ति को सम्मान उसके संस्कार ही दिलाते हैं। उन्होंने स्वस्थ शरीर को सफलता की आधारशिला बताते हुए प्रतिदिन खेल गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी। साथ ही कहा कि जब कोई विद्यार्थी डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी या किसी क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करता है तो वह अपने माता-पिता, शिक्षकों और पूरे जिले का गौरव बढ़ाता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज पाण्डेय ने शिक्षा के साथ नैतिकता, अनुशासन और सदाचार को भी समान रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सफलता किसी माध्यम की नहीं बल्कि विद्यार्थियों की मेहनत और लगन की पहचान होती है।इस अवसर पर संतोष उपाध्याय, कैलाश बसाईवाल, रविंद्र शराफ, प्रकाश शर्मा, गोविंद राम सोनी, श्रीमती बबीता वर्मा, भगवान दास वैष्णव सहित अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालकगण एवं विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading