10 जून को सफलता पूर्वक संपन्न हुआ शक्ति जिले के सुशासन तिहार का अंतिम समाधान शिविर. कलेक्टर तोपनो साहब के मार्गदर्शन में शिविर में पहुंचे जिला पंचायत सीईओ बासु जैन. भाजपा नेत्री संयोगिता सिंह. जिला प्रशासन ने किया सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी- कर्मचारियों का आभार.भीषण गर्मी में भी शिविर को सफल बनाने जुटे रहे प्रशासनिक अधिकारी

10 जून को सफलता पूर्वक संपन्न हुआ शक्ति जिले के सुशासन तिहार का अंतिम समाधान शिविर. कलेक्टर तोपनो साहब के मार्गदर्शन में शिविर में पहुंचे जिला पंचायत सीईओ बासु जैन. भाजपा नेत्री संयोगिता सिंह. जिला प्रशासन ने किया सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी- कर्मचारियों का आभार.भीषण गर्मी में भी शिविर को सफल बनाने जुटे रहे प्रशासनिक अधिकारी kshititech
शक्ति जिले में 10 जून को हुआ समाधान शिविर का समापन

10 जून को सफलता पूर्वक संपन्न हुआ शक्ति जिले के सुशासन तिहार का अंतिम समाधान शिविर. कलेक्टर तोपनो साहब के मार्गदर्शन में शिविर में पहुंचे जिला पंचायत सीईओ बासु जैन. भाजपा नेत्री संयोगिता सिंह. जिला प्रशासन ने किया सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी- कर्मचारियों का आभार.भीषण गर्मी में भी शिविर को सफल बनाने जुटे रहे प्रशासनिक अधिकारी

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज डभरा विकासखंड के ग्राम पंचायत खुरघटी में जनसमस्या निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। क्लस्टर खुरघटी के अंतर्गत 16 ग्राम पंचायतें खुरघटी, खोंधर, बसंतपुर, छुहीपाली, कटेकोनी बड़े, कटेकोनी छोटे, कंवलाझर, कुसुमझर, नावापारा (ड), खैरा, रामभांठा, सिरियागढ़, सुखापाली, ठनगन, मांजरकुद एवं फरसवानी के ग्रामीण बड़ी संख्या में शिविर में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा विभिन्न समस्याओं एवं शिकायतों से संबंधित कुल 1,650 आवेदन प्रस्तुत किए गए। इनमें त्वरित समाधान योग्य आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। शिविर में पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, पेंशन स्वीकृति सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणजनों ने जल संरक्षण की शपथ भी ली। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी नागरिकों को दी गई। खुरघटी में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सुशासन तिहार के शिविर में पूरा शासन-प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन आवास, शौचालय, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रहा है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं से आमजन को लाभान्वित किया जा रहा है। इसी क्रम में श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव ने संबोधित करते हुए सुशासन तिहार के दौरान कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का शिविर स्थल पर पहुँचकर आमजन को शासन की जंकल्याणकारी योजनाओ से लभन्वित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने ग्रामीणों की भी सराहना की, जिन्होंने जागरूकता के साथ शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं और उनके समाधान का लाभ प्राप्त किया।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वासु जैन ने कहा कि एक माह से अधिक समय तक चले सुशासन तिहार का आज अंतिम दिन है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रशासन द्वारा गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनने एवं उनका निराकरण करने का कार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत लगभग 10 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 50 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी शीघ्र निराकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सक्ती प्रदेश का तीसरा जिला है, जहां लगभग 40 हजार प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। साथ ही सौर सुजला योजना की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने सुचारू रूप से सुशासन तिहार के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।शिविर में खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड वितरण, उद्यान विभाग द्वारा पौध वितरण, एनआरएलएम अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को लखपति दीदी प्रमाण-पत्र एवं बैंक लिंकेज चेक वितरण, समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन स्वीकृति प्रमाण-पत्र एवं ट्राइसाइकिल वितरण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के पूर्ण आवासों के लिए प्रतीकात्मक चाबी वितरण, मनरेगा अंतर्गत जॉब कार्ड वितरण, शिक्षा विभाग द्वारा गणवेश, पाठ्यपुस्तक एवं सहायक उपकरण वितरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीन तथा आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। इसके अतिरिक्त जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित पत्रिका जनमन, सुशासन के नवीन आयाम एवं विकसित भारत के बढ़ते कदम आदि का वितरण किया गया। शिविर में महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष, ग्रामोद्योग, सहकारिता, कृषि, उद्यान, पशुधन विकास, राजस्व, आबकारी, आदिवासी विकास, खाद्य, मनरेगा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, प्रधानमंत्री आवास योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, श्रम, मत्स्य पालन, विद्युत, लोक निर्माण तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। शिविर में जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति ताराचंद साहू, जनपद पंचायत डभरा अध्यक्ष श्रीमती अरूणा महेन्द्र सिदार, जनपद सदस्य श्रीमती मंजू गोड़, श्रीमती नीलम चन्द्रा, श्रीमती तिलेश चन्द्रा, नगर पंचायत डभरा अध्यक्ष श्री दीपक साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, एसडीएम डभरा श्री विनय कुमार कश्यप, जनपद पंचायत डभरा सीईओ श्री सी.के. आदिले, तहसीलदार श्री मनमोहन प्रताप सिंह, तहसीलदार श्री संजय मिंज, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच, सचिव, स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे

जिले में बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) के लिए 15 जून तक आमंत्रित किए गए आवेदन।राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन अंतर्गत चयनित क्लस्टरों में स्थापित होंगे बीआरसी

शक्ति -कार्यालय उप संचालक कृषि, जिला सक्ती द्वारा नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना अंतर्गत चयनित क्लस्टरों के किसानों को समय-समय पर जैव उत्पाद एवं आदान सामग्री उपलब्ध कराने, विपणन में सहायता प्रदान करने तथा प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार हेतु बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) के चयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। बीआरसी के माध्यम से प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले जैव इनपुट की तैयारी, जीवंत प्रदर्शन, किसानों को आवश्यक मात्रा एवं भंडारण के संबंध में जागरूकता, विकासखंड क्रियान्वयन टीम, कृषि सखी एवं चयनित किसानों के दस्तावेजीकरण कार्य में सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही फार्मर मास्टर ट्रेनर एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर के चयन हेतु जिले के चयनित क्लस्टर ग्राम धनपुर, गुड़वा (विकासखंड सक्ती), सारसकेला (विकासखंड मालखरौदा) तथा बरदुली (विकासखंड जैजैपुर) में प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, स्व-सहायता समूह, एफपीओ, सहकारी संस्थाएं, स्थानीय ग्रामीण उद्यमी, केवीके अथवा राज्य द्वारा चिन्हित अन्य एजेंसियां आवेदन कर सकती हैं। इच्छुक आवेदक 15 जून 2026 को अपराह्न 5 बजे तक निर्धारित प्रपत्र में कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अथवा स्पीड पोस्ट एवं पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र का प्रारूप एवं विस्तृत जानकारी कार्यालय उप संचालक कृषि, जिला सक्ती तथा विकासखंड कृषि कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है।

बीआरसी चयन के लिए निर्धारित की गई आवश्यक अर्हताएं

शक्ति -बीआरसी के लिए आवेदक उद्यमी, समूह अथवा इकाई का प्राकृतिक खेती से जुड़ा होना आवश्यक है अथवा उसके पास ऐसे सदस्य होने चाहिए जिन्हें प्राकृतिक खेती का पूर्व अनुभव हो। बीआरसी को अपने खेत में प्राकृतिक जैव-आदानों का उपयोग करना अनिवार्य होगा। यदि किसी चिन्हित क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने वाला किसान उपलब्ध नहीं है, तो राज्य प्राकृतिक खेती सेल ऐसे इच्छुक एवं प्रशिक्षित किसान उद्यमी की पहचान कर सकता है, जो आगामी फसल सीजन से प्राकृतिक खेती प्रारंभ करने के लिए तैयार हो। बीआरसी के पास पशुधन, पौध आधारित बायोमास सहित आवश्यक कच्ची सामग्री की उपलब्धता होना चाहिए। साथ ही मूत्र एवं गोबर की पर्याप्त मात्रा की व्यवस्था के लिए निकटवर्ती गौशालाओं से समन्वय होना आवश्यक है, अधिमानतः उसी ग्राम पंचायत में। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक जैव-आदानों के निर्माण तथा तैयार उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होना भी अनिवार्य होगा।