सम्मान का ऐतिहासिक आयोजन-छत्तीसगढ़ के 151 रचनाकारों को एक ही मंच पर किया गया सम्मानित. सामाजिक संस्था वक्ता मंच ने करी थी पहल. साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली है मशाल. अध्यक्ष राजेश पराते के नेतृत्व में हुआ आयोजन. रचनाकारों का महाकुंभ




छत्तीसगढ़ के 151 रचनाकारों को एक ही मंच पर किया गया सम्मानित. सामाजिक संस्था वक्ता मंच ने करी थी पहल. साहित्य राजनीति के आगे चलने वाली है मशाल. अध्यक्ष राजेश पराते के नेतृत्व में हुआ आयोजन
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -प्रदेश की अग्रणी सामाजिक व साहित्यिक संस्था वक्ता मंच द्वारा आज राजधानी के वृन्दावन सभागृह में “काव्य महाकुंभ” का आयोजन संपन्न हुआ l इस अवसर पर प्रदेश भर से चयनित 151 रचनाकारों को “शब्द शिखर सम्मान “से विभूषित किया गया l वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते द्वारा जानकारी दी गई है कि आज रायपुर, बस्तर, धमतरी, महासमुंद, जगदलपुर, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, बालोद ,रायगढ़, बिलासपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, दल्ली राजहरा , बेमेतरा से उपस्थित 151रचनाकारों का काव्य पाठ एवं सम्मान हुआ l आयोजन के मुख्य अतिथि चिकित्सक व साहित्यकार डॉ गीतेश अमरोहित थे l अध्यक्षता डॉ संयुक्ता गांधी ने की l छ ग सन्निर्माण मंडल के पूर्व अध्यक्ष सुशील सन्नी अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार धर द्विवेदी एवं पंडित पी के तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार सीमा पांडेय, लोकभवन में उपसचिव डॉ रूपेंद्र कवि तथा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ अजीत मिश्रा विशिष्ट अतिथि की आसंदी को सुशोभित कर रहे थे l आयोजन के दौरान जांजगीर चांपा के लेखक उमेश कुमार श्रीवास की दो पुस्तकों पांच आगर एक कोरी तथा काव्य प्रत्यूषा एवं रायपुर के डॉ लुनेश कुमार वर्मा की पुस्तक माँ की रोटी का विमोचन हुआ l आयोजन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते ने कहा कि आज प्रदेश के गांव- गांव तक रचना कर्म जारी हैl वक्ता मंच विगत 34 वर्षों से निरंतर कलमकारों का सम्मान कर उन्हें प्रोत्साहित करते आ रहा है l आज के आयोजन में नवोदित व प्रतिष्ठित दोनों धाराओं के रचनाकारों का सम्मान हो रहा है l आज 151 चयनित साहित्यकारों को उनकी सृजनशीलता,रचनाधर्मिता, मूल्य चेतना एवं नैतिक मूल्यों हेतु सम्मानित किया जा रहा है lकार्यक्रम में अतिथियों ने महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि साहित्य राजनीति के आगे चलनेवाली मशाल है l अतः साहित्यकारों को वर्तमान परिवेश की चुनौतियों का सामना करने रचनात्मक हस्तक्षेप करना होगा l साहित्यकार युग चेतना का वाहक होता है l साहित्य मानव जीवन की पीड़ाओं, संवेदनाओं और संघर्षों का जीवंत दस्तावेज होता है l यह जन मानस को संघर्षों की प्रेरणा व ऊर्जा प्रदान करता है l कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के संयोजक शुभम साहू द्वारा किया गया l काव्य गोष्ठी के सत्र का संचालन भिलाई के साहित्यकार राजाराम रसिक ने किया l संस्था की संरक्षिका ज्योति शुक्ला द्वारा प्रस्तुत आभार प्रदर्शन के साथ आयोजन समाप्त हुआ l इस अवसर पर राजेश पराते, शुभम साहू, विवेक बेहरा, ज्योति शुक्ला, दुष्यंत साहू, परम कुमार, पूर्णेश डडसेना,करण बघेल, आशा साहू, डॉ गोपा शर्मा, डॉ इंद्रदेव यदु, पंडित खेमेश्वर पुरी गोस्वामी, राजाराम रसिक, देव मानिकपुरी सहित टीम वक्ता मंच के समस्त कार्यकर्ता उपस्थित थे l






