यूरिया खाद हो सकती है महंगी- ईरान युद्ध का दिखेगा भारत की खेती पर प्रत्यक्ष असर. सब्सिडी का बढ़ेगा बोझ



यूरिया खाद हो सकती है महंगी- ईरान युद्ध का दिखेगा भारत की खेती पर प्रत्यक्ष असर. सब्सिडी का बढ़ेगा बोझ
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -ईरान और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब सीधे भारत की खेती और किसानों तक पहुंचने लगा है। भारत को अपनी खाद जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब 25 लाख टन यूरिया रिकॉर्ड ऊंची कीमत पर इंपोर्ट करना पड़ रहा है, जो पिछले कुछ महीनों के मुकाबले लगभग दोगुनी है। इससे साफ है कि ग्लोबल मार्केट में चल रही उथल-पुथल का असर अब भारत की कृषि व्यवस्था और सरकारी सब्सिडी पर भी भारी पड़ सकता है।सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े टेंडर में यूरिया की कीमत 900 से 950 डॉलर प्रति टन के आसपास पहुंच गई है, जबकि पहले यही कीमत लगभग आधी थी। भारत, जो दुनिया का सबसे बड़ा यूरिया आयातक है, अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से खरीदता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और किसानों की लागत पर पड़ता है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस महंगी खरीद से सरकार पर सब्सिडी का बोझ और बढ़ेगा, लेकिन किसानों को समय पर खाद मिलती रहे, यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है।



