वैष्णो देवी के करोड़ों भक्तों के साथ हो रही ठगी, ₹550 करोड़ की चांदी बस 30 करोड़ की निकली! सावधान. सोना- चांदी खरीदते समय सजग रहे. सतर्क रहें. पैसा पूरा लगा. माल औने पौने स्तर का

वैष्णो देवी के करोड़ों भक्तों के साथ हो रही ठगी, ₹550 करोड़ की चांदी बस 30 करोड़ की निकली! सावधान. सोना- चांदी खरीदते समय सजग रहे. सतर्क रहें. पैसा पूरा लगा. माल औने पौने स्तर का kshititech

वैष्णो देवी के करोड़ों भक्तों के साथ हो रही ठगी, ₹550 करोड़ की चांदी बस 30 करोड़ की निकली!

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -अगर आप अक्‍सर जम्मू-कश्मीर स्‍थ‍ित माता वैष्‍णो देवी के दर्शन करने जाते रहते हैं तो यह खबर आपको चौंका देगी. जी हां, वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे को लेकर हाल ही में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. सरकारी टकसाल (Mint) की जांच में सामने आया क‍ि मंद‍िर प्रांगण में भक्तों की तरफ से चढ़ाए गए ‘चांदी’ के आभूषण और सिक्के असली नहीं, बल्कि लोहे और जहरीली ‘कैडमियम’ को म‍िलाकर तैयार क‍िये गए हैं. इससे करोड़ों रुपये का वित्तीय घोटाला सामने आने के साथ ही गंभीर खतरे का भी पता चला है. ईटी में प्रकाश‍ित खबर के अनुसार वैष्‍णो देवी मंद‍िर की व्यवस्थाओं  को मैनेज करने वाले श्राइन बोर्ड ने मंदिर में चढ़ावे में आई करीब 20 टन चांदी को गलाने और सुरक्ष‍ित रखने के लिए सरकारी टकसाल भेजा था. बोर्ड की तरफ से उम्मीद जताई जा रही थी क‍ि इसमें से प्‍योर चांदी कीमत करीब 500 से 550 करोड़ रुपये होगी. लेकिन जांच में अध‍िकार‍ियों के होश उड़ गए. चांदी मानकर द‍िये गए 20 टन मचरे में से असली चांदी केवल 5 से 6 प्रतिशत ही न‍िकली. आसान शब्‍दों में बात करें तो 70 किलो चांदी के लॉट में से शुद्ध चांदी महज 3 क‍िलो ही न‍िकली.
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.श्राइन बोर्ड ज‍िस खजाने को 550 करोड़ का मान रहा था, उसकी अनुमान‍ित कीमत घटकर महज 30 करोड़ रुपये रह गई है. जांच में सबसे डरावनी बात यह सामने आई क‍ि चांदी के नाम पर बेचे गए इन नकली आभूषणों को तैयार करने में भारी मात्रा में कैडम‍ियम (Cadmium) का इस्‍तेमाल क‍िया गया था. कैडमियम बहुत ही जहरीली धातु है. सरकारी टकसाल के कर्मचारियों की तरफ से पहले तो इसे गलाने से मना कर दिया था. इसे गर्म करने पर निकलने वाला धुआं कैंसर को बढ़ावा देता है. इस धुएं से फेफड़ों और किडनी को भारी नुकसान पहुंचता है. बाद में कर्मचारियों की सेहत को ध्‍यान में रखकर टकसाल को 25 लाख रुपये के स्‍पेशल सेंसर और स‍िक्‍योर‍िटी इक्‍युपमेंट खरीदने पड़े ताकि कर्मचारियों को सुरक्ष‍ित रखते हुए जहरीली धातु को अलग किया जा सके. जांच रिपोर्ट से सामने आया क‍ि इस तरह की प्रॉब्‍लम तिरुपति या सिद्धिविनायक मंद‍िर में नहीं देखी गई. इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है क‍ि नकली चांदी का यह खेल कटरा और वैष्णो देवी मार्ग के आसपास ही चल रहा है

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