चल रहा था बड़ा भयंकर गिरोह.बैंकों के अधिकारियों की मिली भगत से 2500 करोड रुपए के साइबर फ्रॉड मामले का हुआ खुलासा. तीन बैंक अधिकारी गिरफ्तार. एक्सिस एवं एचडीएफसी बैंक के हैं अधिकारी.85 संदिग्ध बैंक खातों की हुई पहचान

चल रहा था बड़ा भयंकर गिरोह.बैंकों के अधिकारियों की मिली भगत से 2500 करोड रुपए के साइबर फ्रॉड मामले का हुआ खुलासा. तीन बैंक अधिकारी गिरफ्तार. एक्सिस एवं एचडीएफसी बैंक के हैं अधिकारी.85 संदिग्ध बैंक खातों की हुई पहचान kshititech

चल रहा था बड़ा भयंकर गिरोह.बैंकों के अधिकारियों की मिली भगत से 2500 करोड रुपए के साइबर फ्रॉड मामले का हुआ खुलासा. तीन बैंक अधिकारी गिरफ्तार. एक्सिस एवं एचडीएफसी बैंक के हैं अधिकारी.85 संदिग्ध बैंक खातों की हुई पहचान

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति-गुजरात के राजकोट में पुलिस ने 2500 करोड़ रुपये के विशालकाय साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस घोटाले में निजी बैंकों के अधिकारी भी सीधे तौर पर शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में 3 और बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस गिरोह में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 20 हो गई है।बैंक अधिकारियों की मिलीभगत आई सामने राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर ने बताया कि पड़धरी (Padadhari) स्थित यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कामानी, जामनगर स्थित एक्सिस बैंक (Axis Bank) के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के पर्सनल बैंकर अनुराग बाल्धा को गिरफ्तार किया गया है

कैसे काम करता था यह गिरोह ?

कामानी पर आरोप है कि उसने संदिग्ध खाते खोलने और उन्हें मैनेज करने में आरोपियों की मदद की। उसने कई दस्तावेजों का दुरुपयोग कर खातों को सक्रिय रखा ताकि बड़ी रकम के लेन-देन पर बैंक द्वारा जारी होने वाले ऑटोमेटेड अलर्ट को ‘बाइपास’ किया जा सके।कल्पेश डांगरिया: डांगरिया ने फर्जी पहचान पत्रों के जरिए अवैध खाते खुलवाने में मदद की।अनुराग बाल्धा: बाल्धा ने बिना उचित जांच के वेरिफिकेशन और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी कर नए खाते खोले।पुलिस के अनुसार, ये तीनों अधिकारी खातों से कैश निकालने में भी मदद करते थे, जिसे बाद में हवाला चैनलों के जरिए ठिकाने लगाया जाता था।

पूरे मामले में अब तक की कार्रवाई

तीनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि मामले में पहले से गिरफ्तार अन्य आरोपी जेल में हैं। जांच के दौरान पुलिस ने अब तक 85 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है। इस गिरोह के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल (Cyber ​​Crime Portal) पर 535 शिकायतें दर्ज की गई हैं।

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