छत्तीसगढ़ से लाखों श्रमिक हुए बंगाल रवाना. 23 अप्रैल के मतदान को लेकर राजनैतिक दलों के बुलावे पर पहुंचे बंगाल. बाकायदा ट्रेनों की आरक्षित टिकटे एवं स्पेशल बसो की भी की गई थी व्यवस्था. होटल में मिठाइयां नहीं. सोने चांदी के कारीगर नहीं. शक्ति जिले से भी रवाना हुए हजारों कारीगर

छत्तीसगढ़ से लाखों श्रमिक हुए बंगाल रवाना. 23 अप्रैल के मतदान को लेकर राजनैतिक दलों के बुलावे पर पहुंचे बंगाल. बाकायदा ट्रेनों की आरक्षित टिकटे एवं स्पेशल बसो की भी की गई थी व्यवस्था. होटल में मिठाइयां नहीं. सोने चांदी के कारीगर नहीं. शक्ति जिले से भी रवाना हुए हजारों कारीगर kshititech
फाइल फोटो एक नजर में

छत्तीसगढ़ से लाखों श्रमिक हुए बंगाल रवाना. 23 अप्रैल के मतदान को लेकर राजनैतिक दलों के बुलावे पर पहुंचे बंगाल. बाकायदा ट्रेनों की आरक्षित टिकटे एवं स्पेशल बसो की भी की गई की व्यवस्था. होटल में मिठाइयां नहीं. सोने चांदी के कारीगर नहीं

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले प्रथम चरण के राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ में बंगाल से आकर कारीगरी एवं मजदूरी के रूप में काम करने वाले लाखों की संख्या में श्रमिक बंगाल रवाना हो गए हैं। तथा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रमुख राजनैतिक पार्टियों ने इन मजदूरों के लिए बाकायदा ट्रेनों में टिकट की व्यवस्था एवं स्पेशल बसो की व्यवस्था की है जिससे ये बंगाल जाएंगे एवं वहां जाकर मतदान करेंगे तथा छत्तीसगढ़ के विभिन्न छोटे-बड़े शहरों में सोने चांदी के कारीगर. होटलो में मिठाइयां बनाने वाले कुशल कारीगर. बड़े-बड़े भवन निर्माण के काम करने वाले मजदूर एवं मिस्त्री के रूप में एवं विभिन्न प्रकार के उद्योगों में भी पश्चिम बंगाल के कुशल मजदूर काम करते हैं। तथा एक लंबे समय से यह मजदूर अस्थाई रूप से छत्तीसगढ़ में रह रहे हैं। किंतु इनका वोट बंगाल में ही है। तथा इस बार होने जा रहे हैं विधानसभा चुनाव को राजनैतिक पार्टियों ने अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है।तथा जिस तरह से वार्डों के पार्षद एवं ग्राम पंचायतो में पंच के चुनाव के लिए एक-एक वोट को मैनेज किया जाता है। कुछ इसी तरह से इस बार पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिल रहा है

23 एवं 29 अप्रैल को होंगे पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के कार्यक्रम का ऐलान रविवार 15 मार्च को हुआ था। चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, यहां चुनाव दो चरणों में हो रहा है. यहां मतदान 23 और 29 अप्रैल को होगा, जबकि वोटों की गिनती 04 मई को होगी. बता दें कि 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त होना है

होटल में नहीं मिल रही मिठाइयां. सोने चांदी की दुकानों में कारीगरों के आभाव में नहीं बन पा रहे आभूषण

पश्चिम बंगाल के कारीगरों के वोट डालने हेतु बंगाल रवाना होने के बाद इन दोनों जिला मुख्यालय शक्ति की प्रमुख होटलों में मिठाइयां नहीं मिल रही है। तो वहीं सोने चांदी की दुकानों में स्थानीय बंगाल के कारीगरों द्वारा बनाए जाने वाले सुंदर आभूषण भी इन दोनों उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। वहीं दुकानदारों का कहना है कि लगभग एक सप्ताह बाद ही बंगाल के कारीगर वापस लौटेंगे तभी स्थिति सामान्य होगी

बड़े-बड़े भवन निर्माण का काम भी मजदूरों के आभाव में हुआ बंद

छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों में बंगाल के मजदूर तथा मिस्त्रीयो द्वारा आकर बड़े-बड़े प्राइवेट एवं सरकारी भवनों के निर्माण का कार्य किया जाता है। किंतु इन दोनों मजदूरों के बंगाल रवाना होने से इन निर्माण कार्य को भी काफी प्रभाव पड़ा है। एवं सारे निर्माण कार्य लगभग बंद की स्थिति में आ गए हैं

काली पूजा उत्सव की तरह छत्तीसगढ़ में बंगाल के मजदूरों की हुई कमी

जैसा कि प्राय देखा जाता है कि छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में मां काली एवं दुर्गा पूजा के समय पश्चिम बंगाल में काम करने वाले सभी श्रमिक एवं मजदूर अपने काम धाम को छोड़कर इस विशेष पर्व पर अपने परिवार सहित बंगाल चले जाते हैं.तथा लगभग 15 दिनों से लेकर एक महीने तक ये लोग वहीं रहकर इस उत्सव में शामिल होते हैं तथा उस समय जो स्थिति देखने को मिलती है। वही स्थिति आज बंगाल चुनाव को लेकर देखने को मिल रही है। कि बंगाल के श्रमिक देश के चाहे किसी भी कोने में काम करते हो वे वोट डालने के लिए बंगाल चले गए हैं

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