अजब है पुलिस के कारनामे- 3 महीने पुरानी इलेक्ट्रिक कार का बना दिया प्रदूषण चाला. मलिक ने कहा- कार में साइलेंसर ही नहीं है तो फिर चालान किसका

अजब है पुलिस के कारनामे- 3 महीने पुरानी इलेक्ट्रिक कार का बना दिया प्रदूषण चाला. मलिक ने कहा- कार में साइलेंसर ही नहीं है तो फिर चालान किसका kshititech

अजब है पुलिस के कारनामे- 3 महीने पुरानी इलेक्ट्रिक कार का बना दिया प्रदूषण चाला. मलिक ने कहा- कार में साइलेंसर ही नहीं है तो फिर चालान किसका

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

शक्ति -राजस्थान के नागौर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक इलेक्ट्रिक कार (EV) का ही प्रदूषण प्रमाणपत्र (PUC) चालान काट दिया. इस कार्रवाई के बाद अब पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं.जानकारी के अनुसार, जोधपुर निवासी पुनाराम ने करीब तीन महीने पहले नई इलेक्ट्रिक कार खरीदी थी. उनका उद्देश्य था कि वाहन से न केवल खर्च कम होगा, बल्कि प्रदूषण से भी बचाव होगा. लेकिन 6 अप्रैल को जब उनका वाहन नागौर में था, तभी यह विवाद खड़ा हो गया.बताया जा रहा है कि उस समय कार पुनाराम के बड़े भाई अशोक पंवार चला रहे थे. इसी दौरान RTO रोड पर पुलिसकर्मी ने वाहन को रोककर चालान काट दिया. पुनाराम को जब मोबाइल पर चालान का मैसेज मिला तो उन्होंने तुरंत अपने भाई को फोन कर जानकारी दी.अशोक पंवार मौके पर मौजूद ASI राजकुमार के पास पहुंचे और चालान का कारण पूछा. उन्होंने बताया कि यह इलेक्ट्रिक वाहन है, जिससे प्रदूषण नहीं होता. इस पर ASI ने जवाब दिया कि उनकी मशीन में वाहन का PUC सर्टिफिकेट “NIL” दिख रहा है, इसलिए चालान किया गया.पुलिस ने ₹1500 का PUC चालान और ₹200 का टिंटेड ग्लास (काले शीशे) का चालान बनाकर कुल ₹1700 का जुर्माना वसूल लिया.वाहन चालक अशोक पंवार का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के विपरीत है. उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन से धुआं नहीं निकलता, इसलिए PUC सर्टिफिकेट की आवश्यकता ही नहीं होती. वहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वाहन के शीशों पर काली फिल्म नहीं, बल्कि धूप से बचाव के लिए जाली लगाई गई थी.

प्रातिक्रिया दे

Discover more from GL News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading