बच्चों ने भी लगाया जय जगन्नाथ का श्री घोष- हीरापुर के सर्वोदय पब्लिक स्कूल में रथ यात्रा दिवस हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन, बच्चों को संस्कारिक बनाने की दिशा में भी विद्यालय प्रबंधन सतत प्रयासरत

बच्चों ने भी लगाया जय जगन्नाथ का श्री घोष- हीरापुर के सर्वोदय पब्लिक स्कूल में रथ यात्रा दिवस हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन, बच्चों को संस्कारिक बनाने की दिशा में भी विद्यालय प्रबंधन सतत प्रयासरत kshititech

हीरापुर के सर्वोदय पब्लिक स्कूल में रथ यात्रा दिवस हुआ धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन, बच्चों को संस्कारिक बनाने की दिशा में भी विद्यालय प्रबंधन सतत प्रयासरत

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- आज रथ यात्रा के पावन दिवस पर जहां पूरे भारतवर्ष में रथ यात्रा पर्व मनाया जाता है उसी के अनुरूप सर्वोदय पब्लिक स्कूल हीरापुर चंद्रपुर में भी रथ यात्रा पर्व बडे़ ही उत्साहपूर्वक मनाया गया।रथ यात्रा पर्व भगवान श्री कृष्ण जी के जगन्नाथ स्वरुप को समर्पित है इस दिन जगन्नाथ भगवान जी के पूजन अर्चन का विशेष महत्व है।
रथ यात्रा ये पूर्व प्रतिवर्ष ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को 108 कलशों से स्नान कराए जाते हैं, जिसे स्नान पूर्णिमा भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस स्नान के बाद भगवान 15 दिनों के लिए अनवसर यानी बीमार हो जाते हैं और आराम करते हैं। इस परंपरा के पीछे एक प्राचीन कथा है कहते हैं कि भारतवर्ष के चार धामों मंे एक धाम व पवित्र तीर्थ स्थल ओडिशा प्रदेश के पुरी में माधवदास नाम का जगन्नाथ जी का एक भक्त था वह रोज भगवान जगन्नाथ की पूजा करता था। एक दिन उन्हें अतिसार का गंभीर रोग लग गया और वे इतने कमजोर हो गए कि चलने फिरने में उन्हें दिक्कत होने लगी। लेकिन उन्होंने बिना किसी से मदद लिए स्वयं ही सेवा करते रहे जब माधवदास एकदम लाचार हो गए, तब स्वयं भगवान जगन्नाथ एक सेवक बनकर उनके घर आए और माधवदास की सेवा करने लगे। भक्त माधव प्रभु को पहचान गया और भावविभोर होकर पूछा, हे प्रभु आप तो त्रिलोक के स्वामी है, फिर भी मेरी सेवा क्यों कर रहे हैं? यदि आप चाहें तो मेरा रोग तुरंत खत्म कर सकते थे। इस पर भगवान बोले- भक्त की पीड़ा मुझसे देखी नहीं जाती, इसलिए मैं खुद सेवा करने आ गया। लेकिन हर व्यक्ति को अपना प्रारब्ध भोगना ही पड़ता है, पर तुम्हारे प्रारब्ध में जो 15 दिन का रोग शेष हैं वह अब मैं स्वयं सहन करूंगा। इसी घटना के बाद से यह परंपरा बनी कि भगवान जगन्नाथ हर साल स्नान पूर्णिमा के बाद बीमार हो जाते हैं और अनवसर काल में आराम करते हैं। यही कारण है हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को जब भगवान ठीक होते हैं तो वह अपने भक्तों के बीच भ्रमण के लिए रथ पर विराजित हो यात्रा के लिए निकलते हैं।
इसलिए आज इस अवसर पर सर्वोदय पब्लिक स्कूल हीरापुर चंद्रपुर में भी रथ यात्रा का पर्व मनाया गया रथ यात्रा से पूर्व विद्यालय के अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम अग्रवाल संचालक मनोज अग्रवाल किशोर अग्रवाल एवं वंशिता अग्रवाल सपरिवार द्वारा भगवान जगन्नाथ जी का पूजन अर्चन की गई व रथ में विराजित किया गया एवं रथ को खींचकर विद्यालय के प्रांगण में घुमाया गया इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य उपप्राचार्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के द्वारा भगवान के रथ को स्पर्श कर भगवान जगन्नाथ जी का पूजा किया गया। समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा कीर्तन गायन एवं भजन गाया गया जिससे पूरा विद्यालय परिसर जगन्नाथ भक्ति से सराबोर हो गया था
विद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर रामकृष्ण पंडा ने बताया कि रथ यात्रा पर्व पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकगण काफी उत्सुक थे। इस अंचल में संचालित विद्यालयों में सर्वोदय पब्लिक स्कूल ही एक ऐसा विद्यालय है जहां रथ यात्रा पर्व एवं इस दिन के विशेष महत्व को विद्यार्थियों पालकों अंचलवासियों एवं जन मानस तक पहुंचाने हेतु मनाया गया जिससे उनके मन में भी श्रद्धा एवं भक्ति भावना बनी रहे व प्रभु जगन्नाथ जी की कृपा सबको प्राप्त हो।साथ ही विद्यालय के उप प्राचार्य सुरेश यादव द्वारा रथ यात्रा पर्व इस दिन विशेष इसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व से सभी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया। अंत में सभी को प्रसाद व मिष्ठान वितरण किया गया।