शक्ति के स्वामी आत्मानंद स्कूल में कॉमर्स के शिक्षक नहीं, कैसे विद्यार्थी गढ़ेंगे भविष्य, पालक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर, विद्यालय प्रबंधन कह रहा- अपने बच्चों की व्यवस्था स्वयं करनी होगी पालक को

शक्ति के स्वामी आत्मानंद स्कूल में कॉमर्स के शिक्षक नहीं, कैसे विद्यार्थी गढ़ेंगे भविष्य, पालक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर, विद्यालय प्रबंधन कह रहा- अपने बच्चों की व्यवस्था स्वयं करनी होगी पालक को

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- 16 जून से पूरे प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, तथा छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग भी जोर-जोर से नए सत्र में बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध करवाने की बातें कह रहा है, किंतु जिला मुख्यालय शक्ति के शक्ति शहर के कसेर पारा स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी मध्यम स्कूल में कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए वाणिज्य संकाय के शिक्षक की उपलब्धता नहीं है, तथा जिन बच्चों ने उपरोक्त विद्यालय से दसवीं की कक्षा पास करके 11वीं में जाने की मंशा बनाई है, उन्हें विद्यालय प्रबंधन द्वारा यह बताया जा रहा है कि हमारे विद्यालय में पिछले दिनों छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए गए युक्ति करण के बाद कॉमर्स के शिक्षक नहीं है, अगर आप अपने बच्चों को यहां कॉमर्स पढ़ाना चाहते हैं, तो उसकी व्यवस्था आपको स्वयं करनी होगी, जिससे पालक बहुत परेशान है, तथा पालकों का कहना है कि आज वे कहां जाएंगे तथा स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल सरकार द्वारा संचालित है, एवं निजी स्कूलों में दाखिले की उनकी आर्थिक स्थिति बिल्कुल नहीं है एवं इस महंगी शिक्षा में क्या उनके बच्चे वाणिज्य संकाय की शिक्षा से वंचित रह जाएंगे तथा विद्यालय प्रबंधन द्वारा अन्य स्कूलों में जाने के लिए भी कहा जा रहा है, जिस पर विद्यालय के कुछ पालक शहर के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल पुराने बालक हाई स्कूल में भी जाकर उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से अपने बच्चों को 11वीं कक्षा के वाणिज्य संकाय में प्रवेश देने आग्रह किया, जिस पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रवेश फार्म ही उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा है, जिससे पालक भटक रहे हैं एवं पालकों में चिंता हो गई है कि उनके बच्चे जब वाणिज्य पढ़ना चाहते हैं तो वे अपने बच्चों को कहां पढ़ाएंगे, किंतु पालकों द्वारा अब उपरोक्त मामले को लेकर कलेक्टर साहब तक इसकी गुहार लगाने का मन बनाया गया है, तथा छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग को चाहिए कि यदि अपने विद्यालयों में जितने भी संकाय का संचालन करवाया जा रहा है, उन सभी संकाय के प्रशिक्षित शिक्षक उस विद्यालय में रहे, तभी तो बच्चों को उसकी शिक्षा मिल सकेगी

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