स्वास्थ्य विभाग का तुगलकी फरमान- सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों को प्रवेश के लिए लेनी होगी अनुमति, 18 जून को छत्तीसगढ़ जनर्लिस्ट वेलफेयर यूनियन सभी जिलों में करेगा आदेश का विरोध, यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने कहा- स्वास्थ्य विभाग अपने अवैध कृत्यों को छुपाने जारी कर रहा है ऐसे आदेश, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 10 बिंदुओं का जारी किया है आदेश

स्वास्थ्य विभाग का तुगलकी फरमान- सरकारी अस्पतालों में पत्रकारों को प्रवेश के लिए लेनी होगी अनुमति, 18 जून को छत्तीसगढ़ जनर्लिस्ट वेलफेयर यूनियन सभी जिलों में करेगा आदेश का विरोध, यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने कहा- स्वास्थ्य विभाग अपने अवैध कृत्यों को छुपाने जारी कर रहा है ऐसे आदेश, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 10 बिंदुओं का जारी किया आदेश

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-छत्तीसगढ़ प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब पत्रकारों को प्रवेश करने के लिए संबंधित अस्पताल प्रबंधन के जनसंपर्क अधिकारी से अनुमति लेनी होगी, तथा यह तुगलकी आदेश छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिन ने 13 जून 2025 को जारी किया है, तथा आदेश के अंतर्गत अब सभी अस्पतालों में मीडिया के साथियों को बिना प्रबंधन की अनुमति ना तो प्रवेश मिलेगा और ना ही उन्हें किसी भी प्रकार के कवरेज की अनुमति होगी तथा यदि कोई भी मीडिया कर्मी इस आदेश का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी, छत्तीसगढ़ जनर्लिस्ट वेलफेयर यूनियन ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के जारी इस आदेश को अव्यवहारिक बताते हुए 18 जून 2025 को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में कलेक्टरों के माध्यम से राज्य के महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है,तथा यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमित गौतम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस आदेश से ऐसा प्रतीत होता है कि स्वास्थ्य विभाग अपने अवैध कृत्यों को छुपाने के लिए ऐसे आदेश जारी कर रहा है, तथा छत्तीसगढ़ जनर्लिस्ट वेलफेयर यूनियन ने भी इस आदेश का पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया है, साथ ही यूनियन ने कहा है कि यदि छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग इस आदेश को निरस्त नहीं करता है तो इसके खिलाफ यूनियन परिवार सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी, ज्ञात हो की प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा भले ही बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लाख बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, किंतु सच्चाई तो अस्पतालों में जाकर ही पता चलती है, तथा मरीजों के साथ किस तरह से व्यवहार किया जा रहा है, एवं अस्पतालों में कितनी गंदगी व्याप्त है,यह किसी से छुपी नहीं है, तथा मीडिया द्वारा समय-समय पर इस संबंध में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मंशा से गरिमा पूर्ण ढंग से अपनी नैतिक जिम्मेदारियो का निर्वहन करते हुए प्रशासन के संज्ञान में कमियों को लाया जाता है, किंतु चिकित्सा शिक्षा विभाग के ऐसे आदेश से आज मीडिया की स्वतंत्रता का हनन किया जा रहा हैं

क्या है चिकित्सा शिक्षा विभाग का 10 बिंदुओं वाला आदेश

छत्तीसगढ़ भाासन चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर नवा रायपुर, अटल नगर दिनांक- 13 JUN 2025 को जारी अपने आदेश मे समस्त अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, छत्तीसगढ़ एवम संयुक्त संचालक एवं अस्पताल अधीक्षक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय छत्तीसगढ़ को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत संचालित समस्त शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालयों में मीडिया प्रबंधन के लिए प्रोटोकॉल निर्धारित करने बाबत् दिशा निर्देश जारी किए हैं,जिसके तहत कहा है कि चिकित्सालयों में मीडिया प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट और प्रभावी प्रोटोकॉल होना अत्यन्त महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करता है कि अस्पताल में रोगियों की गोपनीयता, सुरक्षा और शांति बनी रहे, साथ ही मीडिया को भी आवश्यक जानकारी समय पर और सही तरीके से मिल सके इस हेतु कुछ प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किये जाते है,1. मीडिया सम्पर्क का एकल बिन्दु-चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित समस्त भाासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालयों में एक नामित मीडिया सम्पर्क अधिकारी (Media Liaison Officer) या जनसम्पर्क अधिकारी (Public Relations Officer) प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी अधिकारी स्तर का नियुक्त करे। इस अधिकारी के माध्यम से ही मीडिया को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी,उक्त अधिकारी अस्पताल के वरिष्ठ प्रबंधन से जानकारी प्राप्त कर उसे मीडिया तक पहुंचाने के लिए अधिकृत होगा।अस्पताल के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को दिशा-निर्देश जारी किये जाये कि वह मीडिया से सीधे सम्पर्क ना करे और संबंधित (Public Relations Officer) के पास भेजे,2.गोपनीयता का सम्मान -मरीज की गोपनीयता का सम्मान सर्वोपरि है। मीडिया को किसी भी रोगी के बारे में जानकारी, फोटो या वीडियो लेने की अनुमति नहीं दिया जाना है, जब तक की रोगी या उसके कानूनी अभिभावक से लिखित सहमति न हो।अस्पताल के अंदर रोगियों के वार्डो या संवेदनशील क्षेत्रों में मीडिया के प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध निर्धारित किया जाये।किसी भी घटना या दुर्घटना के मामले में, रोगियों के नाम, पहचान या चिकित्सा स्थिति का खुलासा नहीं किया जाना है, जब तक कि कानून द्वारा आवश्यक न हो,3. मीडिया के प्रवेश और कवरेज के नियम :-मीडिया को अस्पताल परिसर में प्रवेश करने से पहले नामित मीडिया सम्पर्क अधिकारी (Media Liaison Officer) या जनसम्पर्क अधिकारी (Public Relations Officer) से अनुमति लेनी होगी।कवरेज के लिए विशिष्ट क्षेत्रों और समय का निर्धारण किया जाये।फोटो, वीडियोग्राफी केवल उन्ही क्षेत्रों में अनुमति दिया जाये, जहां कोई रोगी या अन्य संवेदनशील जानकारी उजागर न हो।लाईव रिपोर्टिंग के लिए भी निर्धारित स्थान और समय निर्धारित किया जाये। ताकि अस्पताल के सामान्य कामकाज में बांधा न हो,4. सूचना का आदान-प्रदान-अस्पताल को नीडिया को सही और सटीक जानकारी प्रदान करने लिए एक तंत्र स्थापित किया जाये।किसी भी महत्वपूर्ण घटना या सार्वजनिक हित के मामले में, अस्पताल को एक प्रेस विज्ञाप्ति जारी करनी होगी या एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करनी होगी,मीडिया को दी जाने वाली जानकारी को सत्यापित और अधिकाारिक होना चाहिए। ताकि गलत सूचना के प्रसार को रोका जा सकें।मीडिया से बातचीत में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाये रखना होगी,5. आपातकालीन स्थिति में मीडिया प्रबंधन -किसी बड़ी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में, एक स्पष्ट प्रोटोकॉल होना निर्धारित किया जाये कि मीडिया को कैसे और कब जानकारी प्रदान किया जाना है।चिकित्सालयों में एक नामित क्षेत्र स्थापित किया जाये जहां मीडिया कर्मी एकत्र होकर मीडिया सम्पर्क अधिकारी (Media Liaison Officer) या जनसम्पर्क अधिकारी (Public Relations Officer) से जानकारी प्राप्त कर सके, ताकि आपातकालीन सेवाओं में बाधा न आये।सूचनाओं को सावधानीपूर्वक और संवेदनशील तरीके से जारी किया जाना आवश्यक होगा,6. सोशल मीडिया प्रबंधन :-अस्पताल को अपने सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से भी अस्पताल से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए एक नीति बनाये।सोशल मीडिया पर साझा किये जाने वाली जानकारी अधिकारिक और सत्यापित होनी चाहिए।सोशल मीडिया पर रोगियों की गोपनीयता का विषेश ध्यान रखना है,7. प्रशिक्षण और जागरूकता :-चिकित्सालयों के कर्मचारियों को मीडिया प्रबंधन प्रोटोकॉल के बारे में प्रशिक्षित किया जाये, ताकि वे मीडिया से संबंधित स्थितियों को ठीक से संभाल सके। कर्मचारियों को यह भी पता होना चाहिए कि किसी भी मीडिया कर्मी को अस्पताल के जनसम्पर्क अधिकारी के पास कैसे भेजना है,8. -प्रतिबंधन और उल्लघंन -चिकित्सालय को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर क्या कार्यवाही की जा सकती है,यदि कोई मीडिया कर्मी नियमों का उल्लंघन करता है, तो इस संबंध में संबंधित समाचार पत्र एवं न्यूज चैनल के मुख्य संपादक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा अवगत कराया जाना चाहिए,9. -मीडिया प्रबंधन के उद्देश्य :-अस्पताल की छवि और प्रतिष्ठा को बनाये रखना,मीडिया के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करना।सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना।10. अस्पताल से संबंधित प्रकाशित समाचार के संबंध में अवगत करना-शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों संबंद्ध चिकित्सालयों के संबंध में समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जो भी समाचार प्रकाशित होगा उसकी वस्तुस्थिति से उसी दिन आयुक्त कार्यालय चिकित्सा शिक्षा विभाग को अवगत कराना अनिवार्य होगा।अतः उपरोक्तानुसार में निर्देशित किया जाता है कि मीडिया प्रबंधन के लिए उक्त प्रोटोकॉल को प्राथमिकता से लागू कराया जाये एवं उक्त कार्यवाही से आयुक्त चिकित्सा शिक्षा को 05 कार्य दिवस में पालन प्रतिवेदन प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करे। उपरोक्त आदेश सचिव छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग नवा रायपुर, अटल नगर दिनांक-13 JUN 2075 को जारी किया गया है

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