ममता दीदी के 20 सांसदों ने करी पार्टी से बगावत. या तो देंगे इस्तीफा या तोड़ेंगे पार्टी. देश की सियासी राजनीति पर भी पड़ेगा असर. मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मौजूद हैं सभी सांसद

ममता दीदी के 20 सांसदों ने करी पार्टी से बगावत. या तो देंगे इस्तीफा या तोड़ेंगे पार्टी. देश की सियासी राजनीति पर भी पड़ेगा असर. मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर मौजूद हैं सभी सांसद kshititech
टीएमसी के बागी सांसद

ममता दीदी के 20 सांसदों ने करी पार्टी से बगावत. या तो देंगे इस्तीफा या तोड़ेंगे पार्टी. देश की सियासी राजनीति पर भी पड़ेगा असर

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल के खबर

शक्ति -पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से टीएमसी की मुसीबत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. विधायकों की बगावत के बाद टीएमसी में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. टीएमसी के 20 सांसदों ने ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है. टीएएमसी में इतनी बड़ी संख्या में सांसदों का बागी होना न सिर्फ बंगाल, बल्कि देश की राजनीति पर भी सियासी असर पड़ेगा.बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के घर पर टीएमसी के 20 सांसद पहुंचे है, जहां पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और बीजेपी नेता और पूर्व सीएम त्रिपुरा सीएम बिप्लब देब मौजूद थे. राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर सोमवार राज्यसभा सदस्यता और टीएमसी से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद टीएमसी के पांच सांसदों ने सुखेंदु शेखर से मिलने पहुंचे. इसके बाद ही खबर आई कि टीएमसी के 20 सांसदों की भूपेंद्र यादव के घर पर बैठक कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि टीएमसी के 20 सांसद क्या सुखेंदु शेखर की तरह इस्तीफा देंगे या पार्टी तोड़ेंगे?टीएमसी सांसदों के सामने सबसे पहला और कानूनी रूप से सबसे साफ रास्ता यह है कि वे लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दें, जिस तरह से सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा के सभापति को इस्तीफा दिया है. इसके बाद वो चुनावी मैदान में उतरकर किस्मत आजमाएंगे. सांसद पद से इस्तीफा देने से उन पर दल-बदल कानून के तहत अयोग्य नहीं ठहराया जा सकेगा. इसके बाद सभी अपनी मर्जी से भाजपा या किसी अन्य दल में शामिल हो सकेंगे. हालांकि, इस्तीफा देने से है कि उनकी सांसदी तुरंत चली जाएगी और उन सीटों पर उपचुनाव होंगे