दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाबंदियों पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- कानून व्यवस्था मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं. सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सबके लिए खुले हैं




दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों को लेकर पाबंदियों पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- कानून व्यवस्था मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों से पैदा हुई स्थिति उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जब पत्रकारों ने दिल्ली के हालिया विरोध प्रदर्शनों और लगाई गई पाबंदियों के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि यह कानून-व्यवस्था का मु्द्दा है, यह मेरा विषय नहीं है।वे दिल्ली में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की 33वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बात कर रहे थे।पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में कई विरोध प्रदर्शन हुए हैं, जिनमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग गई है। यह मांग वोटर लिस्ट के स्पेशन इंटेंसिव रिविजन में कथित अनियमितताओं और अन्य मु्द्दों को लेकर की गई है।INDI गठबंधन के विरोध मार्च और उनसे मिलने की मांग पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। हालांकि, उन्होंने चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विपक्षी नेताओं से मिलने में असमर्थता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें याचिका दायर करने अदालत का रुख करना चाहिए क्योंकि यह मामला पहले से ही अदालत में विचाराधीन है।उन्होंने कहा कि मुझे कल बैठक के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था और मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था, जिसमें उन कारणों का उल्लेख किया गया था जिनकी वजह से मैं उनसे नहीं मिल पाऊंगा। सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या चुने हुए प्रतिनिधि की याचिका का स्वागत है।सीजेआई सू्र्यकांत ने कहा कि हर भारतीय नागरिक को कोर्ट जाने का अधिकार है और हम उनकी बात सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह करेंगे






