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तोपनो साहब की रात्रि गश्त- बाहरी धान की आवक रोकने कलेक्टर साहब की पुलिस की तरह चल रही रात्रि पेट्रोलिंग, बड़े अधिकारी निकल रहे गश्त पर,वर्चुअल मीटिंग लेकर भी तोपनों दे रहे निर्देश, आधी रात को कलेक्टर, सीईओ की होती है गांवो में एंट्री

तोपनो साहब की रात्रि गश्त- बाहरी धान की आवक रोकने कलेक्टर साहब की पुलिस की तरह चल रही रात्रि पेट्रोलिंग, बड़े अधिकारी निकल रहे गश्त पर,वर्चुअल मीटिंग लेकर भी तोपनों दे रहे निर्देश, आधी रात को कलेक्टर, सीईओ की होती है गांवो में एंट्री kshititech
तोपनो साहब की रात्रि गश्त- बाहरी धान की आवक रोकने कलेक्टर साहब की पुलिस की तरह चल रही रात्रि पेट्रोलिंग, बड़े अधिकारी निकल रहे गश्त पर,वर्चुअल मीटिंग लेकर भी तोपनों दे रहे निर्देश, आधी रात को कलेक्टर, सीईओ की होती है गांवो में एंट्री kshititech
तोपनो साहब की रात्रि गश्त- बाहरी धान की आवक रोकने कलेक्टर साहब की पुलिस की तरह चल रही रात्रि पेट्रोलिंग, बड़े अधिकारी निकल रहे गश्त पर,वर्चुअल मीटिंग लेकर भी तोपनों दे रहे निर्देश, आधी रात को कलेक्टर, सीईओ की होती है गांवो में एंट्री kshititech

तोपनो साहब की रात्रि गश्त- बाहरी धान की आवक रोकने कलेक्टर साहब की पुलिस की तरह चल रही रात्रि पेट्रोलिंग, बड़े अधिकारी निकल रहे गश्त पर,वर्चुअल मीटिंग लेकर भी तोपनों दे रहे निर्दे

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-जिले में खरीफ विपणन वर्ष के अंतर्गत चल रही धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कलेक्टर, सीईओ, धान खरीदी नोडल अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार सहित धान खरीदी से जुड़े सभी जिला स्तरीय अधिकारी व जांच दल लगातार दिन-रात फील्ड में सक्रिय रहते हुए औचक निरीक्षण कर रहे हैं। इस बार प्रशासन की विशेष रणनीति के तहत केवल दिन में ही नहीं, बल्कि रात के समय भी धान खरीदी केंद्रों, परिवहन मार्गों और भंडारण स्थलों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। सभी अधिकारी रात्रिकालीन निरीक्षण के माध्यम से धान खरीदी से संबंधित कोचियों, बिचौलियों, अवैध परिवहन, अमानक धान और अनियमितताओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं। कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, धान खरीदी नोडल अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर खरीदी व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। धान की गुणवत्ता, बोरी सिलाई, स्टेकिंग, वजन, किसानों के टोकन, हमालों की उपलब्धता और रिकॉर्ड संधारण जैसे बिंदुओं की बारीकी से जांच की जा रही है,प्रशासन की इस सतत निगरानी और रात्रीकालीन निरीक्षण से जिले में अवैध गतिविधियों में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों की मौजूदगी यह स्पष्ट संदेश दे रही है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या अवैध कार्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र किसानों का एक-एक दाना धान नियमानुसार खरीदा जाए और शासन की राशि का दुरुपयोग न हो। इसके लिए 24 घंटे सतत निगरानी व्यवस्था लागू की गई है और सभी संबंधित अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ फील्ड में डटे हुए हैं।

कलेक्टर और धान खरीदी नोडल अधिकारी ने जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की ली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग,सभी नोडल अधिकारी जिम्मेदारीपूर्वक करे धान खरीदी कार्यों की निगरानी, रोके अवैध गतिविधि-कलेक्टर,कलेक्टर ने धान खरीदी के अंतिम चरण में सख्ती और पारदर्शिता के साथ सुव्यवस्थित धान खरीदी कार्य कराए जाने के दिये निर्देश

सक्ती-खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत जिले में संचालित धान खरीदी कार्य के अंतिम चरण को लेकर कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो एवं जिला पंचायत सीईओ व धान खरीदी नोडल अधिकारी श्री वासु जैन ने जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कलेक्टर श्री तोपनो ने सभी जिला स्तरीय नोडल अधिकारियो को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि धान खरीदी शासन की अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, और वर्तमान में धान खरीदी समाप्त होने में कुछ ही दिन शेष है इस दौरान कोचियों बिचौलियों द्वारा अवैध धानों को ज्यादा से ज्यादा खपाने की कोशिश की जाती है। जिसके लिए कलेक्टर ने सभी जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी पूर्वक और पूरी गंभीरता से धान खरीदी केंद्रों का निगरानी किए जाने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को तत्काल रोके जाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी पात्र किसानों से एक एक दाना धान खरीदना है लेकिन किसी भी प्रकार से अवैध धान खपने न पाए इसका विशेष ध्यान रखें। इसके साथ ही कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी के दौरान खरीदी के दिन ही स्टेकिंग कराए जाने, धान की बोरियों की सिलाई और स्टेंसिल होना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के पैसों में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी जिला एवं विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारी नियमित रूप से उपार्जन केंद्रों की खरीदी प्रक्रिया का सतत निगरानी करें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत पाए जाने पर संबंधित एसडीएम तहसीलदार और खाद्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल सूचित करें।बैठक में धान खरीदी नोडल अधिकारी श्री वासु जैन ने स्पष्ट किया कि अवैध धान खरीदी, बाहरी धान की आवक, फर्जी किसानों के माध्यम से धान बेचने जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रखी जाए। उन्होंने कहा कि सभी नोडल अधिकारी अपनी उपस्थिति में प्रतिदिन सुबह धान खरीदी की एंट्री देखे और क्लोजिंग भी कराए। उन्होंने निर्देश दिए कि संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल जांच कर धान जप्ती एवं प्रकरण दर्ज करने की कार्यवाही की जाए। धान खरीदी नोडल अधिकारी श्री जैन ने कहा कि जिन उपार्जन केंद्रों पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाएगी, वहां के नोडल अधिकारियो, प्रभारी अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर निलंबन सहित कठोर कार्रवाई भी की जाएगी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए नियुक्त जिला स्तरीय नोडल अधिकारी शामिल हो

समर्थन मूल्य पर धान खरीदीः जिले में अब तक 401861.24 मेट्रिक टन धान की हुई खरीदी,धान खरीदी केंद्रों में आज कटा 3404 टोकन

सक्ती-प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जिले में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का महाअभियान शुरू हो गया है। जिसके तहत समर्थन मूल्य पर सक्ती जिले में अब तक 126 केंद्रों में कुल 401861.24 मेट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। जिले में पंजीकृत किसानों से धान खरीदी के लिए 126 उपार्जन केन्द्र बनाए गए है। जिला सक्ती में आज दिनांक 21 जनवरी 2026 को धान खरीदी हेतु जिले के 126 उपार्जन केन्द्रों में 3404 टोकन जारी हुआ है। जिसमें 16116.08 मेट्रिक टन धान खरीदी होना है। आज दिनांक को शाम 05 बजे तक जिला के उपार्जन केन्द्रों में कुल 9924.36 मेट्रिक टन धान खरीदी हुआ है। राज्य के किसानों से धान की नगद व लिंकिंग में खरीदी 31 जनवरी 2026 तक किया जायेगा।

कलेक्टर ने धान खरीदी प्रभारी पुटीडीह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने दिया आदेश,धान खरीदी में गड़बड़ी करने वाले सीधे जाएंगे जेल – कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो

सक्ती-जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कड़ी और निर्णायक कार्यवाहियां की जा रही है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के स्पष्ट एवं कठोर निर्देश पर धान उपार्जन केंद्र पुटीडीह में गंभीर अनियमितता पाए जाने के बाद वहां के धान खरीदी प्रभारी के विरुद्ध एफआईआर (पुलिस प्राथमिकी) दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।प्रशासन द्वारा गठित जांच दल की विस्तृत जांच प्रतिवेदन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि धान खरीदी प्रभारी श्री प्रकाश महंत द्वारा धान खरीदी नीति 2025–26 का घोर उल्लंघन करते हुए केंद्र के धान स्टॉक में 9426 बोरी धान की गंभीर कमी की गई है। यह कमी कुल 3770.40 क्विंटल धान की है, जिसकी बाजार कीमत 89,32,077.60 रूपए (अक्षरों में नवासी लाख बत्तीस हजार सतहत्तर रुपये साठ पैसे) आंकी गई है। जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय अनियमितता, शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति पहुंचाने वाला और समिति की साख को धूमिल करने वाला कृत्य है। जांच में यह भी सामने आया कि खरीदी प्रभारी द्वारा कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही, नियमों की अवहेलना और गंभीर अनियमितता की गई है। इन तथ्यों के आधार पर कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराए जाने का आदेश दिए गए है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि शासन की धान खरीदी नीति किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या हेराफेरी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि चाहे कोई अधिकारी हो या कर्मचारी, यदि धान खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और दोषी को सीधे जेल जाना पड़ेगा। जिले में प्रशासन द्वारा धान खरीदी व्यवस्था पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। नोडल अधिकारियों, एसडीएम, तहसीलदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर दिन-रात औचक निरीक्षण कर रहे हैं। विशेष रूप से रात के समय भी धान खरीदी से संबंधित अवैध गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसानों के हक से किसी भी स्तर पर खिलवाड़ न हो सके। पुटीडीह उपार्जन केंद्र में की गई यह कार्रवाई जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए कड़ा और स्पष्ट संदेश है कि अब अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार की कीमत सीधे एफआईआर, कानूनी कार्रवाई और जेल के रूप में चुकानी होगी। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं, केवल कार्यवाही होगी।

पुटीडीह धान खरीदी प्रभारी के खिलाफ हुआ एफआईआर, कलेक्टर के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला

सक्ती-जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाईया लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर पुटीडीह उपार्जन केंद्र के धान खरीदी प्रभारी के विरुद्ध गंभीर अनियमितताओं के आरोप में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार धान खरीदी नीति 2025-26 का उल्लंघन करते हुए केंद्र में धान स्टॉक में भारी कमी पाई गई। जांच में कुल 9426 बोरी, लगभग 3770.40 क्विंटल धान की कमी सामने आई है, जिसकी बाजार कीमत करीब 89 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता और शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाला कृत्य माना गया है।कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, लापरवाही या भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में सीधे जेल की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुटीडीह उपार्जन केंद्र में की गई यह कार्रवाई जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए कड़ा संदेश है कि शासन प्रशासन की मंशा साफ है—पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ धान खरीदी, तथा अनियमितता करने वालों पर बिना किसी दबाव के कठोर कार्रवाई सुनिश्चित है।

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