होली पर्व पर आम जनता की सेहत से खिलवाड़ ना हो इस हेतु प्रशासन ने लिए पनीर एवं खोवे के नमूने, जिला प्रशासन ने स्वीकृत की सहायता राशि, 3 मार्च को होगी जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक, मनरेगा से हुई कुवें की खुदाई

होली पर्व पर आम जनता की सेहत से खिलवाड़ ना हो इस हेतु प्रशासन ने लिए पनीर एवं खोवे के नमूने, जिला प्रशासन ने स्वीकृत की सहायता राशि, 3 मार्च को होगी जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
सक्ती-जिला पंचायत सक्ती की सामान्य सभा की विशेष बैठक 03 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11 बजे से जिला पंचायत सक्ती के सभाकक्ष में की जाएगी। बैठक में एजेंडावार विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। जिला पंचायत सीईओ ने संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
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सफलता की कहानी-महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से किसान किर्तन लाल के खेत में बना कुआं, बदली आर्थिक तस्वीर
सक्ती-महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) ग्रामीण भारत की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अकुशल रोजगार उपलब्ध कराना और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। जल संरक्षण, सिंचाई, तालाब निर्माण और भूमि सुधार जैसे कार्यों के माध्यम से यह योजना रोजगार के साथ-साथ कृषि उत्पादन और ग्रामीण विकास को भी सशक्त बनाती है।महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत विकासखण्ड सक्ती अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी के किसान किर्तन लाल के खेत में कुआं निर्माण किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। ग्राम पंचायत देवरी के किसान किर्तन लाल की आजीविका का मुख्य साधन कृषि है। पूर्व में उनके खेतों में सिंचाई की स्थायी व्यवस्था नहीं थी, जिससे उन्हें वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता था। पानी की कमी के कारण फसलों का उत्पादन कम होता था और परिवार की आय सीमित थी। खेती में अनिश्चितता के कारण आर्थिक स्थिति भी कमजोर बनी हुई थी। मनरेगा के अंतर्गत उनके खेत में कुआं निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। इस कार्य के लिए 2.99 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई। इस दौरान 441 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे स्थानीय मजदूरों को रोजगार प्राप्त हुआ। मजदूरी मद में 1.121 लाख रुपये तथा सामग्री मद में 1.73 लाख रुपये व्यय किए गए। कार्य पूर्ण होने के साथ ही किसान को अपने खेत में स्थायी सिंचाई का साधन उपलब्ध हो गया। कुआं निर्माण के बाद किसान के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। अब खेतों में समय पर सिंचाई संभव हो रही है, जिससे फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहाँ वर्षा पर निर्भरता के कारण उत्पादन कम होता था, वहीं अब खरीफ और रबी दोनों मौसम में बेहतर खेती की जा रही है। आय में वृद्धि से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है तथा जीवन स्तर में सुधार आया है।
आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत
सक्ती-राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील मालखरौदा अंतर्गत ग्राम सिंघरा निवासी मृतक स्व. श्रीमती जानकी बाई के गड्ढे के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने से निकटतम वारिस मृतक के पुत्र श्री शशि भूषण पिता स्व. श्री रामाधार को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।
होली पर मिलावटखोरों पर सख्ती: सक्ती जिले में खोया-पनीर के 8 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए
सक्ती-होली त्यौहार को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन के तहत अभिहीन अधिकारी, जिला सक्ती एहसान तिग्गा के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सांतनु भट्टाचार्य द्वारा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत मिलावट की रोकथाम के लिए विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान खोया एवं पनीर सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के विधिवत सर्वेक्षण कर कुल 8 नमूने संकलित कर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात यदि नमूने अमानक पाए जाते हैं तो संबंधित फर्मों के विरुद्ध प्रकरण तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। अभिहीन अधिकारी, जिला सक्ती द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार के अमानक रंग से बने खाद्य पदार्थ, खुले में परोसे जाने वाले खाद्य उत्पाद, एक्सपायरी डेट वाले अथवा अस्वच्छ (अनहाइजेनिक) खाद्य पदार्थ न खरीदें और न ही उनका सेवन करें। साथ ही खाद्य पदार्थ विक्रेताओं एवं व्यवसायियों को भी निर्देशित किया गया है कि किसी प्रकार के अमानक, मिथ्या छाप वाले अथवा गुणवत्ताहीन खाद्य पदार्थों का विक्रय न करें। शिकायत प्राप्त होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।



