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मांगों के लिए आंदोलन- सरकार ने नहीं सुनी एनएचएम कर्मचारियों की बातें,10 जुलाई से प्रारंभ हो गया संघ का चरणबद्ध आंदोलन, शक्ति जिले के अध्यक्ष विनोद राठौर ने कहा- संघ की मांगों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेगा संघ, शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर होगा आंदोलन, संघ के आंदोलन से प्रभावित हो सकती है स्वास्थ्य सेवाएं

सरकार ने नहीं सुनी एनएचएम कर्मचारियों की बातें,10 जुलाई से प्रारंभ हो गया संघ का चरणबद्ध आंदोलन, शक्ति जिले के अध्यक्ष विनोद राठौर ने कहा- संघ की मांगों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेगा संघ, शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरकर होगा आंदोलन

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती-दिनांक: 10 जुलाई 2025 को छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा प्रदेशभर में 10 जुलाई से एनएचएम कर्मियों का चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है,अपनी 10 सूत्रीय माँगों के निराकरण हेतु निर्णायक आंदोलन की घोषणा हो गई है,छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रदेश के 16,000 से अधिक संविदा एनएचएम कर्मीयो ने 10 जुलाई 2025 से सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कर दी है,आंदोलन की पृष्ठभूमि में वर्षों से लंबित 10 सूत्रीय माँगों का निराकरण न होना प्रमुख कारण है

उपरोक्त जानकारी देते हुए संघ के शक्ति जिले के अध्यक्ष विनोद राठौर ने बताया कि संघ द्वारा नियमितीकरण,27% वेतन वृद्धि,ग्रेड पे निर्धारण,स्थानांतरण नीति लागू करना,सेवा शर्तों में सुधार,अन्य विभागों के समकक्ष सुविधाएँ सहित अन्य मांगों को लेकर निरंतर शासन के समक्ष अपनी बातें रखी गई थी, किंतु आज पर्यंत तक शासन द्वारा इस संबंध में कोई पहल नहीं की गई है जिसके चलते प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कहा की पिछले दो वर्षों में संघ ने शासन-प्रशासन के हर स्तर पर संवाद के प्रयास किए, किंतु कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। अब संविदा कर्मियों के धैर्य का बाँध टूट चुका है। यह आंदोलन चेतावनी नहीं, समाधान की माँग है।सक्ति जिलाध्यक्ष एवं प्रवक्ता विनोद राठौर ने स्पष्ट किया की मोदी की गारंटी जैसे वायदों के बावजूद संविदा कर्मियों की माँगों की अनदेखी यह दर्शाती है कि व्यवस्था संवेदनहीन हो चुकी है। यदि अब भी निर्णय नहीं लिया गया तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले सकता है।संघ ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी जारी की है 10 जुलाई – विधायकगण को ज्ञापन,11 जुलाई – भाजपा जिलाध्यक्षों को माँग-पत्र,12-16 जुलाई – कार्यस्थल पर काली पट्टी बाँधकर कार्य,16 जुलाई – विशेष ज्ञापन दिवस (कलेक्टर के माध्यम से,17 जुलाई – “रायपुर चलो” – राजधानी में महासंग्राम के कार्यक्रम होंगे एवम यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक प्रभाव पड़ सकता है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी

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