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भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी जिला शाखा सक्ती की प्रबंध समिति का निर्वाचन, 16 फरवरी को, 10 फरवरी को शक्ति जिले में होगा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ,जिला स्तरीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक भी 10 फरवरी को,जिला प्रशासन ने सहायता राशि

भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी जिला शाखा सक्ती की प्रबंध समिति का निर्वाचन, 16 फरवरी को, 10 फरवरी को शक्ति जिले में होगा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का शुभारंभ,जिला स्तरीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक भी 10 फरवरी को,जिला प्रशासन ने सहायता राशि

सक्ती-भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी जिला शाखा सक्ती की प्रबंध समिति के सदस्यों का निर्वाचन 16 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह निर्वाचन प्रक्रिया सुबह 11:00 बजे से कलेक्टर कार्यालय सक्ती के सभागार में संपन्न होगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पूजा अग्रवाल द्वारा जिला शाखा सक्ती अंतर्गत आयोजित इस निर्वाचन कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के सभी सदस्यों से अनिवार्य उपस्थित होने का आग्रह किया गया है। निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी सदस्यों से नियत तिथि और समय पर उपस्थित होने की अपील की गई है

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम हेतु सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम जिले में 10 से 25 फरवरी 2026 तक होगी आयोजित

सक्ती- कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग जिला सक्ती द्वारा राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (हाथीपांव) हेतु सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम जिले में 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार 10 फरवरी 2026 से 12 फरवरी 2026 तक बूथ स्तर में स्कूल, आंगनबाड़ी, उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा खिलाई जाएगी और 13 फरवरी 2026 से 22 फरवरी तक मितानिन व आंगनबाड़ी के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी साथ ही 23 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक मापअप राउंड अंतर्गत छूटे हुए व्यक्तियों को दवा खिलाई जाएगी

एडीआईपी योजना अंतर्गत दिव्यांगजनों के लिए मूल्यांकन एवं मापन शिविर आयोजित, 17 से 20 फरवरी तक

सक्ती-जिले के दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार की एडीआईपी योजना अंतर्गत मूल्यांकन एवं मापन शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। जिले में यह कार्यक्रम 17 फरवरी 2026 को सामुदायिक भवन सक्ती में सक्ती जनपद क्षेत्र के लिए शिविर आयोजित होगा। इसी क्रम में 18 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत डभरा के सभाकक्ष में, 19 फरवरी 2026 को सद्भावना भवन जैजैपुर में तथा 20 फरवरी 2026 को सद्भावना भवन मालखरौदा में शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर का लाभ प्राप्त करने हेतु दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा, जिसमें अन्य सहायक उपकरणों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत तथा मोटराइज्ड ट्राइसायकल हेतु 80 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आय प्रमाण पत्र अथवा बीपीएल राशन कार्ड तथा निवास प्रमाण के रूप में आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। एडीआईपी योजना अंतर्गत केवल वही दिव्यांगजन पात्र होंगे, जिन्हें पिछले तीन वर्षों में कोई भी सहायक उपकरण प्रदान नहीं किया गया हो, जबकि मोटराइज्ड ट्राइसायकल एवं स्मार्टफोन हेतु यह अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है।प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि एवं स्थल पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शिविर का लाभ लें। साथ ही संबंधित जनपद पंचायत एवं नगरीय निकाय स्तर पर शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजन योजना से लाभान्वित हो सकें।

जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित, 10 फरवरी को

सक्ती-अल्पसंख्यक कल्याण हेतु केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया जाएगा। आदिवासी विकास विभाग जिला सक्ती से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अल्पसंख्यक प्रधानमंत्री 15 सूत्रीय कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक समीक्षा बैठक 10 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। यह बैठक समय-सीमा की बैठक के उपरांत दोपहर 2 बजे जिला कार्यालय सक्ती के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी। उक्त बैठक में जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

सक्ती-राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील अड़भार अंतर्गत ग्राम अण्डा निवासी मृतक स्व. श्री सुकचैन वारम को बागान नाला के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने से निकटतम वारिस मृतक के पत्नी श्रीमती सहोद्रा वारम पति स्व. श्री सुकचैन वारम को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।

सफलता की कहानी-पीएमईजीपी योजना से बदली जिंदगी: श्रीमती राजेश्वरी बनीं महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल

सक्ती-आज के समय में महिलाएँ पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी सशक्त कदम बढ़ा रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है श्रीमती राजेश्वरी की, जिन्होंने अपने आत्मविश्वास, परिश्रम और सरकारी योजनाओं के सही सहयोग से स्वरोजगार स्थापित कर महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया है। श्रीमती राजेश्वरी का परिवार पाँच सदस्यों का है, जिसमें उनके पति, सास और दो बच्चे शामिल हैं। उन्होंने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की है। परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और अपने पति का सहयोग करने के उद्देश्य से वे स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करना चाहती थीं, लेकिन इसके लिए पूंजी की आवश्यकता थी।इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यालय जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) योजना की जानकारी मिली। राजेश्वरी ने योजना से संबंधित पूरी जानकारी एकत्र की और जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग से ब्यूटी पार्लर हेतु 6,31,579 रुपए की परियोजना लागत का प्रस्ताव तैयार कराई। यह प्रस्ताव भारतीय स्टेट बैंक, डभरा में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें 6,00,000 रुपए का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया। साथ ही, योजना के अंतर्गत 2,21,052 रुपए का अनुदान भी प्राप्त हुआ निरंतर प्रयास, गुणवत्ता सेवाओं और मेहनत के बल पर आज श्रीमती राजेश्वरी का ब्यूटी पार्लर सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। श्रीमती राजेश्वरी न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य स्थानीय महिलाओ को भी रोजगार प्रदान कर रही हैं। वर्तमान में वे प्रतिमाह लगभग 15,000 से 20,000 रुपए की आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। श्रीमती राजेश्वरी की यह सफलता साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और आत्मविश्वास हो, तो महिलाएँ हर चुनौती को अवसर में बदल सकती हैं। आज वे अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का आदर्श बन चुकी हैं।

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