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डीएमएफ की प्रभारी बनाई गई एसडीएम कावेरी मरकाम। कलेक्टर तोपनो साहब ने जारी किया आदेश। 16 मार्च को प्रशासनिक अधिकारियों के प्रभार में हुए फेरबदल। तोपनों ने कहा- गैस उपभोक्ता जरूरत हो तभी करें बुकिंग। जिला प्रशासन ने दी चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि

डीएमएफ की प्रभारी बनाई गई एसडीएम कावेरी मरकाम। कलेक्टर तोपनो साहब ने जारी किया आदेश। 16 मार्च को प्रशासनिक अधिकारियों के प्रभार में हुए फेरबदल। तोपनों ने कहा- गैस उपभोक्ता जरूरत हो तभी करें बुकिंग। जिला प्रशासन ने दी चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि kshititech
शक्ति जिले के कलेक्टर अमृत विकास टोपनो

डीएमएफ की प्रभारी बनाई गई एसडीएम कावेरी मरकाम। कलेक्टर तोपनो साहब ने जारी किया आदेश। तोपनों ने कहा- गैस उपभोक्ता जरूरत हो तभी करें बुकिंग

शक्ति छत्तीसगढ़ से करेंगे गोयल की खबर

शक्ति -जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और उपभोक्ताओं को घबराने या अनावश्यक रूप से बार-बार गैस बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है। कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने एलपीजी की बुकिंग, वितरण और भंडारण को लेकर आवश्यक निर्देश जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों या दुष्प्रचार से प्रभावित न हों और निर्धारित प्रक्रिया तथा समय अंतराल के अनुसार ही गैस सिलेंडर की बुकिंग कराएं। कलेक्टर ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा दो रिफिल बुकिंग के बीच न्यूनतम समय अंतराल निर्धारित किया गया है। इसके तहत नगरीय क्षेत्रों में 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल के बाद ही उपभोक्ता रिफिल गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के बाद उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त डीएसी अथवा ओटीपी नंबर के आधार पर संबंधित गैस एजेंसी से सिलेंडर प्राप्त किया जा सकता है या होम डिलीवरी के माध्यम से घर तक उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी कारणवश सामान्य प्रक्रिया से बुकिंग करने में समस्या आती है, तो उपभोक्ता संबंधित ऑयल कंपनियों के मोबाइल ऐप या उनकी वेबसाइट के माध्यम से भी गैस सिलेंडर की बुकिंग कर सकते हैं। इसके लिए एचपीसीएल, आईओसीएल और बीपीसीएल के आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड कर आसानी से ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। कलेक्टर श्री तोपनो ने व्यवसायिक गैस उपभोक्ताओं के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑयल कंपनियों और शासन के निर्णयानुसार व्यवसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अत्यावश्यक सेवाओं जैसे अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। साथ ही व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में विस्फोटक लाइसेंस के अभाव में अधिकतम 100 किलोग्राम तक ही एलपीजी भंडारण का प्रावधान है। होटल, रेस्टोरेंट, अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा विवाह समारोह के आयोजकों से अपील की गई है कि गैस की खपत को कम करने के लिए भोजन के मेन्यू को सीमित रखें और तंदूर के साथ-साथ वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत जैसे डीजल स्टोव, इलेक्ट्रिक इंडक्शन, लकड़ी अथवा सीमित मात्रा में गोबर के कंडों का उपयोग भी करें।जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण और दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा विकासखंडवार राजस्व एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से लगातार निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, निर्धारित नियमों का पालन करते हुए गैस की बुकिंग करें तथा गैस का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें। प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जहां गैस से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या समस्या की जानकारी दी जा सकती है

कलेक्टर ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के कार्य विभाजन में किया आंशिक संशोधन।तत्काल प्रभाव से आदेश किया गया जारी

शक्ति -कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो ने जिले में पदस्त राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के पूर्व में जारी कार्य विभाजन आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए नीचे दर्शित शाखाओं का दायित्व आगामी आदेश पर्यंत निम्नानुसार कार्य विभाजन किया गया है।कलेक्टर श्री तोपनो द्वारा जारी आदेश के अनुसार संयुक्त कलेक्टर श्री अरुण कुमार सोम को उप जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रभारी अधिकारी चरित्र सत्यापन, जन समस्या निवारण शिविर, सार्वजनिक समारोह, पेपर कटिंग की कार्यवाही, महिला थाना, नागरिकता एवं पासपोर्ट संबंधी कार्य, सूचना प्रौद्योगिकी, विशेष पहचान पत्र, आधार फेस वन, राज्य आपदा मोचन निधि एवं नोडल अधिकारी जिला अंतव्यवसायी विभाग, रेशम विभाग, विद्युत मंडल, खाद्य एवं औषधि विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मार्कफेड को ऑपरेटिव मंडी साथ ही कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन करने की भी जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी कलेक्टर एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सक्ती सुश्री कावेरी मरकाम नोडल अधिकारी डी एम एफ शाखा, सी एस आर शाखा साथ ही कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन करने की भी जिम्मेदारी दी गई है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील किया गया है।

आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

शक्ति -राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील मालखरौदा अंतर्गत ग्राम सिंघरा निवासी मृतक स्व. श्री शशि सोनवानी को चमरी तालाब के पानी में डूबने के कारण मृत्यु होने से निकटतम वारिस मृतक के पत्नि श्रीमती निकबाई सोनवानी, पति स्व.श्री राशि सोनवानी को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।

आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत

शक्ति -राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड-6 क्रमांक 4 परिशिष्ट “एक” प्राकृतिक आपदा से होने वाली क्षति के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता अनुदान के लिए निर्धारित मापदंडों तथा दरों के तहत चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि की स्वीकृति दी गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार सक्ती जिले के तहसील नयाबाराद्वार अंतर्गत ग्राम रेडा़ निवासी मृतक स्व. श्री दिलदार सिंह कंवर को सर्प काटने के कारण मृत्यु होने से निकटतम वारिस मृतक के पिता श्री जय सिंह कंवर, पिता स्व. श्री बच्चन सिंह कंवर को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत चार लाख रूपये भुगतान किए जाने की स्वीकृति निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की गई है।

सफलता की कहानी-बिहान योजना से बदली गुलची सिदार की जिंदगी।बीसी सखी बनकर गांव में दे रहीं बैंकिंग सेवाएं, मेहनत से हासिल की “लखपति दीदी” की पहचान

शक्ति -ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित ’’छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” आज प्रदेश के गांवों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को स्व सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, स्वरोजगार और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाता है। इससे ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।इसी योजना से जुड़कर विकासखंड सक्ती के ग्राम अमलडीहा की जनजातीय परिवार की महिला गुलची सिदार ने भी अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। बिहान योजना से जुड़ने से पहले गुलची सिदार अपने परिवार के साथ खेती और मनरेगा में मजदूरी कर जीवनयापन करती थीं। सीमित आय के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन के साथ उन्होंने नए अवसर की तलाश जारी रखी। जिसके बाद गुलची सिदार बिहान योजना से जुड़ी उसके बाद योजना के माध्यम से गुलची सिदार को बीसी सखी के रूप में बैंकिंग सेवा प्रदान करने का अवसर मिला। इसके लिए उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया और लोक सेवा केंद्र (सीएसपी) संचालित करने के लिए उनका पंजीयन कराया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने आईआईबीएफ की बैंकिंग परीक्षा भी उत्तीर्ण की। इसके पश्चात भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से ग्राम अमलडीहा में एसबीआई सीएसपी केंद्र की स्थापना की गई, जहां से वे ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। आज गुलची सिदार अपने क्षेत्र में खाता खोलना, पैसे जमा और निकासी करना, बैंक स्टेटमेंट निकालना, पेंशन वितरण करना तथा महतारी वंदन योजना की राशि जैसे अनेक बैंकिंग कार्य कर रही हैं। उनके द्वारा दी जा रही इन सेवाओं से आसपास के ग्रामीणों को काफी सुविधा मिल रही है, क्योंकि अब उन्हें बैंकिंग कार्यों के लिए दूर शहर नहीं जाना पड़ता और गांव में ही आसानी से सेवाएं मिल जाती हैं। गुलची सिदार के सीएसपी केंद्र में प्रतिवर्ष लगभग 50 से 70 लाख रुपये तक का लेन-देन हो रहा है। जमा-निकासी और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर मिलने वाले कमीशन के माध्यम से उन्हें प्रतिमाह लगभग 15 से 18 हजार रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हुई है और घर की जरूरतें पूरी कर पा रही हैं। बिहान योजना से जुड़ने के बाद गुलची सिदार का परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है। आय में वृद्धि होने से वे अब अपने परिवार के साथ बेहतर और सुखद जीवन व्यतीत कर रही हैं। लगातार बढ़ती आय और सक्रिय कार्य के कारण वे अब “लखपति दीदी” की श्रेणी में भी शामिल हो चुकी हैं, जो उनके आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणादायक कहानी को दर्शाता है। गुलची सिदार बताती हैं कि बिहान योजना ने मेरे जीवन को नई दिशा दी है। इस योजना से जुड़कर मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। अब मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ गांव के लोगों को भी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करा पा रही हूं। मेरी तरह अन्य महिलाओं को भी इस योजना से जुड़कर आगे बढ़ सकती है और आत्मनिर्भर बन सकती है। आज गुलची सिदार की यह सफलता यह साबित करती है कि बिहान योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन रही है। उनकी यह कहानी अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करती है कि वे योजनाओं से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं।

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