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बचा लो पानी को, वरना तरसोगे बूंद बूंद के लिए-शक्ति शहर में तेजी से गिर रहा भूजल स्तर, गर्मी में मचेगी पानी की त्राहि त्राहि, जनवरी महीने से ही शहर के अनेकों पानी के बोर हो गए हैं बंद, नगर पालिका प्रशासन जुटा हैपेयजल की व्यवस्थाओं में, अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल ने कहा- प्रशासन ने कर ली है पेयजल संकट से निपटने संपूर्ण तैयारिया

बचा लो पानी को, वरना तरसोगे बूंद बूंद के लिए-शक्ति शहर में तेजी से गिर रहा भूजल स्तर, गर्मी में मचेगी पानी की त्राहि त्राहि, जनवरी महीने से ही शहर के अनेकों पानी के बोर हो गए हैं बंद, नगर पालिका प्रशासन जुटा हैपेयजल की व्यवस्थाओं में, अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल ने कहा- प्रशासन ने कर ली है पेयजल संकट से निपटने संपूर्ण तैयारिया kshititech

शक्ति शहर में तेजी से गिर रहा भूजल स्तर, गर्मी में मचेगी पानी की त्राहि त्राहि, जनवरी महीने से ही शहर के अनेकों पानी के बोर हो गए हैं बंद, नगर पालिका प्रशासन जुटा हैपेयजल की व्यवस्थाओं में, अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल ने कहा- प्रशासन ने कर ली है पेयजल संकट से निपटने संपूर्ण तैयारिया

शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर

सक्ती- शक्ति शहर में इस वर्ष जनवरी महीने के प्रथम सप्ताह से ही भूजल स्तर तेजी से नीचे चला गया है, जिसके चलते शहर के अनेको घरों में तथा सार्वजनिक पानी के बोर बंद हो गए है,एवम पानी की समस्या चालू हो गई है, शक्ति शहर में ग्रीष्म ऋतु के समय पेयजल की भारी किल्लत रहती है जिसके चलते स्थानीय नगर पालिका प्रशासन लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने काफी मेहनत मशक्कत करता है, एवं वर्तमान में भी नगर पालिका प्रशासन शक्ति द्वारा अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रहलाद कुमार पांडेय के नेतृत्व में शहर को पेयजल संकट से निजात दिलाने की दिशा में दिसंबर महीने से ही तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है, तथा नई पानी की टैंकरो के सहारे भी जहां पेयजल की आपूर्ति की जाएगी तो वहीं शहर के गिरते भूजल स्तर को लेकर नागरिक भी बेहद चिंता में है, एवं लोगों का कहना है कि अभी तो गर्मी प्रारंभ भी नहीं हुई है, उसके बावजूद वाटर लेवल का डाउन होना बड़ी चिंता का विषय है, एवं नगर पालिका द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में समय-समय पर पानी के नए बोर करवा कर लोगों को पानी उपलब्ध करवाने हेतु प्रयास किया जा रहा है, तो वहीं शहर में नगर पालिका द्वारा संचालित पानी के बोर का रखरखाव भी समय-समय पर करते हुए उसमें आवश्यकता अनुसार नए पानी के पाइप भी डाले जा रहे हैं,साथ ही शहर में बिछाई गई पानी की पाइपलाइन को भी दुरुस्त किया जा रहा है, एवं साफ सफाई की जा रही है, किंतु शहर में वाटर लेवल का कम होना लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय है

जल का करें सदुपयोग, व्यर्थ ना बहाए जल- श्यामसुंदर अग्रवाल

नगर पालिका परिषद शक्ति के अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल ने शहर में गिरते भूजल स्तर को देखते हुए शहर वासियों से आग्रह किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए लोग पानी को व्यर्थ ना करे तथा एक-एक बूंद पानी हमारे लिए कीमती है, एवं नगर पालिका प्रशासन द्वारा पेयजल संकट से निपटने के लिए लगातार प्रयास किया जाएगा तथा शहर वासियों को आसानी से जरूरत अनुसार पानी मिल सके, इसके लिए हम सभी दृढ़ संकल्पित हैं, तथा नगर पालिका के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन के अधिकारी,कर्मचारी आम जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियो को लेकर सजगता से कार्य कर रहे हैं

पूरा शक्ति शहर गर्मी में हो जाता है ड्राई एरिया

शक्ति नगर पालिका क्षेत्र की माने तो विगत लगभग 30 सालों से शहर में पानी की समस्या गर्मी के समय विकराल हो जाती है, तथा शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तो पर्याप्त पानी उपलब्ध है, किंतु शहरी क्षेत्र में पानी की यह समस्या लोगों के लिए गहरी चिंता का विषय बन जाती है, एवं विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहर में मिरौनी बैराज से जल आवर्धन योजना का काम भी चल रहा है, किंतु उपरोक्त योजना आज पर्यंत तक पूर्ण नहीं होने पाने के कारण उसका लाभ जनता को नहीं मिल रहा है, किंतु ऐसी उम्मीद है कि इस गर्मी में यह नई जल आवर्धन योजना पूर्ण हो जाएगी

शहर में गर्मी में पानी से निपटने तालाबों को भी नहरो से भरने की होती है व्यवस्था

शक्ति शहर में गर्मी के समय पानी का लेवल इतना अधिक डाउन हो जाता है, कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से हसदेव बांगो की नहरो से शहर के दुकाल सागर तालाब एवं अन्य प्रमुख तालाबों में नहरो का पानी भरकर शहर के वाटर लेवल को मेंटेन करना पड़ता है, जिसके कारण शहर में गर्मी की विकरालता में पानी की समस्या से लोगों को कुछ राहत मिलती है

रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम है सिर्फ कागजों पर

छत्तीसगढ़ शासन ने प्राकृतिक रूप से वाटर लेवल बढ़ाने के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था दशकों से लागू की है, तथा नए मकानो में एवं बड़े सार्वजनिक उपक्रमों में वाटर हार्वेस्टिंग लगाना अनिवार्य है, किंतु यह देखा जाता है कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सिर्फ कागजों पर ही है, धरातल पर कुछ भी नहीं है, लोग नए मकान बनाते हैं, वाटर हार्वेस्टिंग का पैसा भी पटाते हैं, किंतु वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को फॉलो करने की जरूरत ही नहीं समझते तथा जिसके चलते बारिश के समय पानी रिचार्ज नहीं होता, जिसके कारण गर्मी में वाटर लेवल की समस्या बनी रहती है

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