रामावतार जग्गी हत्याकांड-20 अप्रैल को अमित जोगी के मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई.अमित जोगी ने लगाई थी याचिका. 6 अप्रैल को अमित जोगी ने दी जानकारी. 25 मार्च एवं 2 अप्रैल के दोनों आदेशों को अगली सुनवाई के लिए किया गया है सूचीबद्ध



20 अप्रैल को अमित जोगी के मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई.अमित जोगी ने लगाई थी याचिका. 6 अप्रैल को अमित जोगी ने दी जानकारी
शक्ति छत्तीसगढ़ से कन्हैया गोयल की खबर
शक्ति -छत्तीसगढ़ के बहु चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के सुपुत्र जेजेसी नेता अमित जोगी को हाई कोर्ट बिलासपुर द्वारा 3 हफ्ते के अंदर जग्गी हत्याकांड मामले में सरेंडर किए जाने के आदेश जारी होने के बाद अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई थी। जिस पर आज 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की तथा स्वयं अमित जोगी ने सोशल मीडिया के माध्यम से उपरोक्त सुनवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया है कि आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के 25.03.2026 और 02.04.2026 के दोनों निर्णयों को एक साथ जोड़ते हुए 20.04.2026 को संयुक्त सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। अमित जोगी ने बताया किआज की सुनवाई में मेरे पक्ष में वरिष्ठ अधिवक्ता श्री कपिल सिब्बल, श्री मुकुल रोहतगी, श्री विवेक तन्खा और श्री सिद्धार्थ दवे ने प्रभावी रूप से पक्ष रखा।मैं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश का स्वागत करता हूँ।मुझे पूर्ण विश्वास है कि मेरे साथ हुआ गंभीर अन्याय अब सुधारा जाएगा। सत्य और न्याय की जीत अवश्य होगी
6 अप्रैल को अमित जोगी की ओर से पार्टी प्रवक्ता ने जारी किया प्रेस नोट
अमित अजीत जोगी की ओर से उनकी पार्टी के प्रवक्ता अधिवक्ता श्री भगवाणु नायक द्वारादिनांक: 6 अप्रैल 2026नई दिल्ली से एक प्रेस नोट जारी कर जानकारी दी गई है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने आज माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के दो निर्णयों — दिनांक 25.03.2026 (जिसमें अपील दायर करने की अनुमति दी गई) और 02.04.2026 (जिसमें अपील को स्वीकार किया गया) — दोनों को एक साथ जोड़ते हुए 20.04.2026 को संयुक्त सुनवाई हेतु सूचीबद्ध किया।इस मामले की सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति श्री विक्रम नाथ और माननीय न्यायमूर्ति श्री संजीव मेहता की पीठ द्वारा की गई। श्री अमित अजीत जोगी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री कपिल सिब्बल, श्री मुकुल रोहतगी, श्री विवेक तन्खा और श्री सिद्धार्थ दवे उपस्थित हुए।उन्होंने माननीय सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित उपरोक्त दोनों निर्णयों में प्राकृतिक न्याय के मौलिक सिद्धांतों का पालन नहीं किया गया है।और सर्वोच्च न्यायालय के 06.11.2025 के स्पष्ट आदेश का उल्लंघन करते हुए श्री अमित जोगी को बिना सुनवाई का कोई अवसर दिए दोनों निर्णय पारित किए गए।न्यायालय को यह भी अवगत कराया गया कि दिनांक 02.04.2026 का उच्च न्यायालय का निर्णय, जिसमें पैरा 37 में यह दर्ज है कि यह बिना श्री अमित जोगी को सुने पारित किया गया, आज ही सुबह उच्च न्यायालय की वेबसाइट में अपलोड किया गया। इस संबंध में रजिस्ट्रार (न्यायिक) ने उनके अधिवक्ता को दूरभाष पर सूचित किया था।सर्वोच्च न्यायालय ने श्री अमित जोगी को अंतिम निर्णय के विरुद्ध अपील 20.04.2026 से पहले दायर करने के निर्देश दिए।ताकि सभी मामलों की उसी दिन संयुक्त रूप से अंतिम सुनवाई की जा सके।श्री अमित अजीत जोगी ने आज के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि उनके साथ हुआ यह गंभीर अन्याय माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अवश्य सुधारा जाएगां


